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बहुजन समाज पार्टी के सुप्रीमों मायावती ने आज शुक्रवार 14 अगस्त को लगातार 2 ट्वीट जारी करते हुए समय पर बिहार चुनाव न होने की आशंका जाहीर की है. मायावती जी ने पहले ट्वीट में कहा है कि बिहार में कोरोना महामारी व बाढ़ पीड़ित लाखों गरीब परिवारों की सरकारी उपेक्षा व राहत अभाव आदि के कारण उनकी बदहाली के दृश्य/स्थिति राष्ट्रीय चर्चाओं में है व नाराज लोग विधायक को बंधक बना रहे हैं, फिर भी सरकार उदासीन व गैर-जिम्मेदार बनी हुई है, जो अति-दुखःद, अमानवीय।
वहीं दुसरे ट्वीट में आशंका जाहिर की है कि बिहार विधान सभा चुनाव समय पर होने की कमहीं संभावना है उन्होने लिखा है.

विचित्र है कि बिहार में हर स्तर पर ऐसी सरकारी दुव्र्यव्स्था व लोकहित की अनदेखी तब हो रही है जब वहाँ विधानसभा का आमचुनाव काफी नजदीक है। इससे जनता के मन में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि तो क्या केन्द्र व बिहार सरकार ने वहाँ विधानसभा चुनाव समय पर नहीं कराने का निश्चय कर लिया है?
बहन जी ने राज्य विधान सभा चुनाव करवाने की मांग कर रही एनडीए सरकार की असली साजिस का ट्वीटर के माध्यम से पर्दाफास किया है।

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जाप (लो•) के राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन ‘ पप्पू ‘ ने कहा कि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के दोरंगी रणनीति के कारण राजग टूट के कगार पर है । राजग के घटक दल जदयू और लोजपा के नेताओं के बीच आरोप-प्रत़्यारोप का दौर जारी है । इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी की चुप्पी आश्चर्यजनक है । बयान वीर की चुप्पी के पीछे छीपी राज ही संकेत दे रहा है कि भाजपा के इशारे पर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चिराग पासवान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने विचारों से असहज कर रहे हैं ।
श्री पप्पू ने सुशील कुमार मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि दूसरे को दिशाहीन और स्वार्थी कहने वाले स्वंय 15 वर्षों से उसी रास्ते का अनुसरण करने वालों की तादाद मे खड़े हैं । यह सिलसिला कायम रखते हुए सत्ता मे बने हुए हैं । बिहार की जनता बाढ़ और कोरोना संकट से जंग लड़ रही है और राजग के घटक दल जदयू और भाजपा बिहार विधान सभा चुनाव को देखते हुए लगातार बिरोधियों के खिलाफ आलोचनात्मक बयान देकर अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के हौसला आफजाई करने में जुटे हैं । कई मौके पर सुशील कुमार मोदी स्पष्ट रूप से संकेत दे चूके है कि भाजपा का संबंध लोजपा के साथ कारगर ढंग से चलता रहा है जबकि जदयू के साथ बीच-बीच मे धिंगामुसती हो जाया करती है।

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प्रयोगशाला प्रावैधिकी के 1772 पदों के नियमित नियुक्ति में “नियमावली 2019” के प्रावधानों का घोर उलंघन व धांधली मचा बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) द्वारा दूसरे राज्य का डिग्री बता 634 पद के अभ्यर्थियों को मनमाने ढंग से तथा साक्षात्कार व नियुक्ति से वंचित करने के खिलाफ़ मुख्यमन्त्री नीतीशकुमार  व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से जवाब देने की मांग पर बिहार राज्य एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ (गोप गुट-ऐक्टू) एवं बिहार राज्य पारा मेडिकल संघ के संयुक्त रूप से भविष्य निधि कार्यालय, पटना स्थित ऐक्टू राज्य कार्यलय के समक्ष आज अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (बीएसएससी) के अध्यक्ष का पुतला फूंका।

इस प्रदर्शन के जरिये दूसरे राज्य का डिग्री-डिप्लोमा के आधार पर जिस तरह एक्सरे टेक्नीशियन को नियुक्त किया गया उसी तर्ज पर व “प्रयोगशाला प्रावैधिकी संवर्ग (संसोधन) नियमावली 2019” के प्रावधानों के तहत 634 सहित सभी 1772 प्रयोगशाला प्रावैधिकी अभ्यर्थियों के साक्षात्कार-नियुक्ति की गारंटी करने की मांग किया साथ ही साक्षात्कार से बाहर कर दिए गए 634 अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार में सम्मलित करते हुए नियुक्ति का आदेश बिहार सरकार तत्काल जारी करे कि मांग किया।

ऐक्टू सचिव सह एड्स नियंत्रण कर्मचारी संघ अध्यक्ष रणविजय कुमार,महासचिव विमल प्रकाश, महासंघ( गोप गुट) सम्मानित अध्यक्ष रामबली प्रसाद,महासचिव प्रेमचन्द कुमार सिन्हा, ऐक्टू महासचिव आरएन ठाकुर,आदि नेताओं के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन-पुतला दहन में कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ता संघ अध्यक्ष शशि यादव,ऐक्टू नेता जितेंद्र कुमार व मुर्तजा अली खासतौर से शामिल थे।

प्रदर्शन व पुतला दहन के दौरान प्रदर्शनकारी प्रयोगशाला प्रावैधिकी अभ्यर्थी बाहर राज्य के प्रमाण-पत्र पर जब एक्सरे टेक्नीशियन की बहाली हो सकती है तो प्रयोगशाला प्रावैधिकी के 634 अभ्यर्थियों की क्यों नहीं आयोग जवाब दो,बीएसएससी मनमाना व दोहरा मापदंड लागू करना बंद करो,मुख्यमन्त्री -स्वास्थ्य मंत्री आयोग के मनमानेपन-धांधली पर रोक लगाओ,आयोग को नियमावली 2019 के प्रावधानों के तहत साक्षात्कार से वंचित किये गए 634 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार व नियुक्त करने का आदेश जारी करो, कर्मचारी चयन आयोग प्रयोगशाला प्रावैधिकी के नियुक्ति में धांधली व मनमानी बन्द करो,मुख्यमन्त्री व स्वास्थ्य मंत्री आयोग के धांधली पर अपनी चुप्पी तोड़ो,एक ही विज्ञापन से हुई बहाली में अलग अलग मापदंड लागू करना बंद करो का नारा लगा रहे थे ।

इस अवसर पर हुई सभा को सम्बोधित करते हुए उक्त नेताओं ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग द्वारा दूसरे राज्य की डिग्री बता कर 1772 में से जिन 634 पद के अभ्यर्थियों को साक्षात्कार व नियुक्ति से वंचित कर रहा है। दूसरे राज्य के डिग्री -डिप्लोमा के आधार पर उक्त प्रयोगशाला प्रावैधिकी अभ्यर्थी पिछले 15 वर्षों से राज्य के विभिन्न अस्पतालों में संविदा के आधार पर कार्य कर कोरोना,एड्स आदि का जांच कार्य करते आ रहे है। नेताओं ने यह भी आरोप लगया की एक ही साथ विज्ञापित दो अलग पदों की नियुक्ति में आयोग अलग अलग मापदंड कैसे अपना सकता है ? एक्सरे टेक्नीशियन के लिये दूसरे राज्य का डिग्री मान्य और प्रयोगशाला प्रावैधिकी मामले में अमान्य कैसे होगा?

नेताओं ने आयोग और सफेदपोश नेताओं के बीच नापाक गठजोड़ बना प्रोयगशाला प्रावैधिकी के नियुक्ति में धांधली मचाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से हस्तक्षेप कर कुल 1772 पद में से 1138 अभ्यर्थियों का किये जा रहे साक्षात्कार की प्रक्रिया से वंचित कर दिए गए 634 अभ्यर्थियों को भी शामिल करके साक्षात्कार लेने व नियुक्ति की प्रक्रिया सम्पन्न करने सम्बन्धी तत्काल आदेश जारी करने की पुरजोर मांग किया है।

इस अवसर पर प्रदर्शन स्थल पर हुई सभा की अध्यक्षता रणविजय कुमार व संचालन विमल प्रकाश ने किया।

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पूर्व विधान परिषद सदस्य सह अति पिछड़ा वर्ग राज्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र कुमार तांती जी नहीं रहे। विदित हो कि 10 दिन पूर्व कोरोना से पीड़ित होकर एम्स में भर्ती हुए थे और 9 दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे आज उनका निधन हो गया,उनके निधन का समाचार सुनकर पुरा फतुहा प्रखंड में शोक की लहर छा गई, स्व तांती जी अपने राजनैतिक जीवन की सुरुआत जनता दल से किया था और1990में युवा जनतादल के जिला सचिव के पद पर थे, आगे चलकर राजद पार्टी से एमएलसी चुने गए थे बाद में जदयू में शामिल हो गए थे, वे एक कुशल कलाकार थे स्थानीय स्तर पर रंगमंच पर और गायन के क्षेत्र में अपनी प्रस्तुति देते रहे थे, उनके निधन पर स्थानीय विधायक डॉ रामानंद यादव, जदयू के प्रदेश महासचिव निहोरा यादव,राजद प्रदेश महासचिव श्यामनंदन कुमार यादव का राजद नेता नवलकिशोर यादव, संजय पासवान, दयानंद यादव, कुदुस, लोजपा नेता रणजीत यादव दिलीप पासवान, जदयू नेता शिवपूजन प्रशांत, बसंत पासवान,लालबाबू पासवान, रणधीर यादव, के साथ साथ समाजसेवी श्याम अग्रवाल, मुंद्रिका प्रसाद यादव, प्रो जबाहर सिंह भोला सिंह जितेंद्र सिंह रणविजय पासवान डॉ संजय यादव भाजपा नेता,जिला पार्षद सुधीर यादव ने अपनी गहरी संवेदना व्यक्त किया है, युवा राजद के प्रदेश सचिव शिवेंद्र तांती वार्ड पार्षद संजय तांती शंकर तांती ने भी उनके निधन पर शोक जताया है

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सुशांत सिंह राजपूत की न्यायिक जांच एवं बिहार पुलिस के साथ गलत व्यवहार करने के लिए महाराष्ट्र पुलिस पर करवाई की मांग। संवाद सहयोगी,करपी,अरवल करपी प्रखण्ड मुख्यालय स्थित शान्तिपुराम बाजार में स्थानीय शिव सेवा समिति के द्वारा सुशांत सिंह राजपूत मामले की सीबीआई के द्वारा न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है।साथ ही बिहार पुलिस के अधिकारियों को जांच के दौरान मुम्बई में अभद्र व्यवहार करने एवं कोरेन्टीन किए जाने के विषय पर मुंबई पुलिस के ऊपर करवाई करने की मांग की गई।सोशल डिस्टेंसिंग के साथ विरोध दर्ज करा रहे संस्था के सदस्यों ने महाराष्ट्र की अघाड़ी सरकार के विरुद्ध नारे भी लगाए।

इधर शिव सेवा समिति के अध्यक्ष सह सामाजिक कार्यकर्ता डॉ ज्योति ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जबतक सुशांत सिंह राजपूत के परिजनों को न्याय नही मिलता हम सरकार से मांग करते रहेंगे।उन्होंने बिहार पुलिस के जवानों के साथ मुम्बई में हुए अभद्रता को दुर्भाग्यपूर्ण एवं राजनीति से प्रेरित बताया।उन्होंने कहा कि अगर ऐसे किसी मामले में दूसरे राज्य की पुलिस बिहार आती है तो यहाँ अतिथि देवो भव के तर्ज पर राजकीय सम्मान दिया जाता है।लेकिन महाराष्ट्र की लोकतांत्रिक सरकार बिहार के कर्मठ अफसरों के साथ गलत व्यवहार कर लोकतंत्र की गला घोंटने का प्रयास किया है।उन्होंने यह भी कहा कि हमने भी भोजपुरी फिल्मों में काम किया है कलाकार की कोई जाति,कोई धर्म नही होता,बिहार की इस बॉलीवुड की उम्दा कलाकार के निधन से पूरा बिहार दुःखी है।हमे बिहार सरकार पर पूरी उम्मीद है कि हम सभी की जनभावना को आदर करेगी। मौके पर उपस्थित जदयू आदिवासी प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार ओमप्रकाश विश्वकर्मा सुमन सिंह रंजू सीह रामेश्वर सिंह दीनदयाल ठाकुर आदि

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टेस्टिंग मामले पर प्रधानमंत्री का अपमान किया ललन सिंह ने लोजपा के पटना जिला अध्यक्ष चंदन यादव ने कहा कि विगत 11 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री कार्यालय से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ट्यूट बिहार में करोना की टेस्टिंग बढ़ाने की संदर्भ आया था जिसका समर्थन करते हुए लोक जनशक्ति पार्टी के द्वारा  ट्वीट किया गया कि कोरोना टेस्टिंग बढ़ाने की मांग लोक जनशक्ति पार्टी द्वारा पहले से ही की जा रही है .

लोजपा द्वारा किए गए ट्वीट में आगे लिखा गया कि अब विश्वास हो रहा है प्रधानमंत्री जी के एक्सपेक्ट के बाद बिहार सरकार टेस्टिंग बढ़ाएगी ताकि बिहार में कोरोना को नियंत्रित किया जा सके जिस ट्यूटर बाद जदयू के सांसद श्री लल्लन सिंह ने त्यंग करते हुए आदरणीय श्री चिराग पासवान जी और अपरोक्ष रूप से आदरणीय प्रधानमंत्री जी को कालिदास की संज्ञा दे डाली और कहा कि ए लोग जिस डाल पर बैठते हैं उसी डाल को काटते हैं पार्टी के सभी साथियों के साथ साथ आदरणीय प्रधानमंत्री जी के प्रशंसकों को समझ के पड़े हैं.

आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा कोरोना टेस्टिंग के बढ़ाने के संदर्भ में किए गए क्यूट का समर्थन करने पर क्यों ललन सिंह जी को तकलीफ हुई उनके इस बर्ताव से पार्टी के पार्टी के कार्यकर्ताओं और आदरणीय प्रधानमंत्री जी के प्रसंशको मेघ और निराश है लोक जनशक्ति पार्टी के वरिष्ठ साथियों ने इस पर अपना कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है पार्टी ने आदरणीय प्रधानमंत्री जी श्री नरेंद्र मोदी जी को नेतृत्व को आदर्श माना है परंतु आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा और उसके बाद पार्टी द्वारा बिहार के हित में लिखें जाने पर जदयू वरिष्ठ नेता का यह बर्ताव प्रधानमंत्री जी नेतृत्व पर प्रश्न उठता है नीतीश कुमार जी को प्रधानमंत्री जी का आशीर्वाद प्राप्त है उसके बावजूद श्री लल्लन सिंह प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री चिराग पासवान जी पर व्यंग कस रहे हैं पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता और आदरणीय प्रधानमंत्री जी का प्रशंसक जदयू नेता के इस बयान से काफी क्षबुध और आक्रोशित हैं.

सभी जिला इकाइयों के अध्यक्षों से बात कर इस बात की शिकायत पार्टी के बिहार प्रधान महासचिव डॉ शहनवाज अहमद कैफी साहब जी ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय श्री चिराग पासवान जिससे पत्र लिखकर किए हैं इस मौके पर जिला प्रवक्ता मंजू गुप्ता दानापुर प्रखंड अध्यक्ष संजय यादव डॉ सुमन कुमार देवा यादव सुनील पासवान अमरजीत यादव विराज पासवान यदि मैं युद्ध

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राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष श्री जगदानन्द सिंह ने राजद शिल्प कला प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष उमेश पंडित द्वारा दिये गये प्रदेश पदाधिकारियों की सूची को अनुमोदित कर दिया है।  राजद प्रदेश कार्यालय सचिव चन्देश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि राजेन्द्र शर्मा उर्फ कप्तान, प्रो0 योगेन्द्र पंडित. बृजकिशोर विश्वकर्मा, ज्ञानदत प्रजापति, लक्ष्मी कान्त प्रसाद, तुलसी पंडित धर्मराज कसेरा को प्रदेश उपाध्यक्ष, राजेश ठाकुर, गुदरी शर्मा, दिनेश कुमार दास, हरिचन्द्र प्रजापति, जफर जाहेदी, मनोज शर्मा, रामनाथ पंडित, प्रमोद तांती, अख्तर अंसारी, हैदर मियां, शंभू पंडित, उमेश कुमार साह, शंकर साव, राजेश रजक, कृष्ण कुमार अजय, लालबाबू पासवान को प्रदेश महासचिव, जावेद प्रवेज उर्फ पप्पू, संतोष गौड़ उर्फ बब्लू गौड़, प्रभुनाथ पंडित, गोपाल प्रसाद, मुन्ना पाल, अरूण स्वर्णकार, मथुरा पंडित, चन्दन कसेरा, रामनरेश पंडित, मिन्टू अंसारी, तेजनारायण पंडित, संजीव कुमार, मुकेश कुमार, रोहित कुशवाहा, पंकज रजक को प्रदेश सचिव, भूषण माली, राजाराम, कासिम चांद, शशि भूषण प्रसाद, संतोष प्रेमी, राजकुमार मालाकार, उमेश प्रसाद, राधे कृष्ण पंडित, अमित प्रणव, धनंजय कुमार, पिन्टू कुमार कसेरा, धर्मेन्द्र पंडित, गौतम कुमार, संजय रजक एवं प्रहलाद प्रसाद को राष्ट्रीय जनता दल शिल्पकला प्रकोष्ठ का कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया है।

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बिहार प्रदेश राजद व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यालय तेजस्वी प्रसाद यादव के आवास पोलो रोड़ स्थित व्यवसायिक प्रकोष्ठ के अध्यच श्री रणविजय साहू के द्वारा पटना महानगर राजद व्यवसायिक प्रकोष्ठ के अहयदा के रूप में श्री अनिल गुप्ता को मनोयन पत्र दिया गया साथ ही इनके मनोयन पर उपस्थ्ति लोगे के द्वारा आशा व्यक्त किया गया इनके मनोयन से पटना महानगर वैश्य समुदाय एवं व्यवसायिक प्रकोष्ठ के लोगों में हर्ष और उत्साह का वातावरण होगा तथा लोगों का झुकाव राष्ट्रीय जनता दल को मजबूती प्रदान करेगा।
उक्त अवसर पर पटना महानगर राष्ट्रीय जनता के अध्यक्ष श्री महताब आलम, पूर्व प्रदेश राजद सचिव शैलेश यादव, राजद व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेष महासचिव बब्लू गुप्ता, रंजन कुमार सहित अनेको कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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मार्च 2020 से ही पीड़ितों को न्याय नही मिल रहा है, आम जनता न्याय पाने का मौलिक अधिकार से वंचित हैं। नॉवेल कोरोना वायरस को देखते हुए सरकार ने ये फैसला लिया था सभी न्यायिक कार्य वर्चुअल कोर्ट के माध्यम से जारी रहेगी लेकिन विडंबना यह है कि अधिवक्तागण पीड़ित जनता को न्याय दिलाये तो आखिर कैसे जब न्यायालय का दरवाजा ही बन्द हो, सारे न्यायिक कार्य ठप पड़े हों ऐसे में अधिवक्तागण न्यायिक कार्य कैसे करेंगें? निचली अदालतों में हर एक कार्य हेतु फ़िजिकल तरीके से कार्यों को निपटना पड़ता है।

अब स्थिति यह है कि 5 महीना बीत चुका है और वर्चुअल कोर्ट के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। अधिवक्ता समाज की नियमियमत न्यायिक कार्य ना मिलने से आज सड़क पर आने को मजबूर हैं, दूसरी तरफ आम जनता, पीड़ित जनता न्याय पाने से वंचित है और सरकारी बाबू लोग वर्चुअल के नाम पर तनख्वाह उठा रहे हैं वहीं न्यायिक कार्य जस का तक ठप परा हुआ है। सीधे तौर पर कहें तो न्याययिक पदाधिकारी को कोई फर्क ही नहीं पर रहा क्योंकि उनको सरकार वेतन दे ही रही है लेकिन ऐसे में इस कुव्यवस्था का शिकार आम जनता हो रही है, इसका खामियाजा पीड़ित जनता को भुगतना पर रहा है।

अधिवक्ता समाज बेकारी, बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, अधिवक्ताओं को सरकार कोई आर्थिक सहायता नहीं कर रही है। जो संपन्न घराने से हैं, निपुन्न हैं उनके लिए सब कुछ किया जा रहा है जो सरा सर अन्याय है। वक़ालत के पेशे में अभी अभी जिन युवा अधिवक्ताओं ने कदम रखें हैं उनके लिए सरकार ने अभी तक कोई आर्थिक पैकेज की घोषणा तक नही की ।

यह जानकारी देते चलें कि केरल राज्य सरकार ने नए अधिवक्ताओं को स्टाइपेंड दे रही है। ऐसे में यहाँ स्वतंत्र वक़ील के पास काम तभी आएगा जब न्याययिक कार्य सुचारू ढंग से चलेगें। अब अधिवक्ताओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह हैं की अपना व अपने परिवार को कैसे चलाएगें?

बताते चलें कि एडवोकेट एक्ट. के अनुसार जो कोई भी वक़ालत के पेशे से जुड़े हैं वे कोई भी दूसरा कोई रोजगार नही कर सकते अतः इस मुद्दे को भी संशोधन को लेकर अधिवक्ताओं ने पूर्व में अपनी बातें सरकार व माननीय न्यायालय के समक्ष रखने का काम किया है उस पर भी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

इन्हीं तमाम समस्याओं एवं गंभीर मुद्दों को लेकर पटना सिविल कोर्ट परिसर में सभी अधिवक्ताओं की ओर से एक बैठक किया गया और मोर्चा का सर्वसम्मति से निर्माण किया। मोर्चा के नाम “जिला अधिवक्ता संघर्ष मोर्चा, पटना” रखा गया और बैठक में निम्न मुद्दों को उठाते हुए प्रस्ताव पारित किया गया जो क्रमश: इस प्रकार है:-
(1) वर्चुअल की जगह पूर्णरूपेण फ़िजिकल न्याययिक कार्य शुरू किया जाए।
(2)सभी न्याय्यालयों का डेली काउज लिस्ट जारी किया जाए एवं आर्डर शीट को भी न्यायालय के साईट पर अपलोड किया जाय।
(3)एक सप्ताह के अंदर सभी न्याययिक कार्य शुरू नहीं किये जाने की स्थिति में जिला अधिवक्ता संघर्ष मोर्चा पटना के बैनर तले सभी अधिवक्तागण सिविल कोर्ट पटना के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ जायेंगें।
(4) इसके अलावा बैठक में यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि अगर एक सप्ताह में पूर्णरूप से न्याययिक कार्य नहीं शुरू किया गया तो न्याययिक पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन पर रोक लगाने की अनुशंसा किया जाएगा।

आज के इस बैठक की अध्यक्षता वरीय अधिवक्ता सर कौशल किशोर ने किया। वहीं बैठक में वरीय अधिवक्तागण क्रमशः जगदीश्वर प्रसाद, रामजीवन प्रसाद सिंह,अशोक कुमार यादव,संजय कुमार श्रीवास्तव, मधुसूदन लाल जमुआर,अरविंद तिवारी,रामाशीष ठाकुर,
युवा अधिवक्ता महेश रजक, शिवगंगा कुमार गुप्ता,अनुज कुमार, राज कुमार, संजय कुमार श्रीवास्तव,दिगंबर कुमार सिंह,उपेंद्र कुमार,सशांक कुमार सिंह,रामाशीष ठाकुर,वीरेंद्र शर्मा,क्रांति कुमार,शैलेश कुमार सिंह,नदीम अख्तर,राज कुमार प्रसाद, विनोद सिंह समेत सैंकड़ों अधिवक्तागण शामिल थे।

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बिहार भाजपा प्रवक्ता डॉo निखिल आनंद ने कांग्रेस को बिना संगठन के ओबीसी- ईबीसी विरोधी पार्टी करार देते हुए कहा है कि बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्ष में से एक भी ओबीसी- ईबीसी समाज का नेता नहीं है। अशोक चौधरी के बाद से ही बिहार कांग्रेस की कमिटी पिछले दो साल से घोषित नहीं हुई है। यहाँ तक की पार्टी अध्यक्ष मदन मोहन झा ने अपने संगठन की कमिटी तो दूर आज तक पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता तक घोषित नहीं किया है। सभी अशोक चौधरी जी के बनाये हुए प्रवक्ता ही पार्टी के नाम पर आजतक जुगाली कर रहे हैं। जाहिर है कि कांग्रेस एक फर्जी कागजी पार्टी बनकर रह गई है।

निखिल आनंद ने कहा कि हास्यास्पद है कि कांग्रेस को 38 जिले में 38 आदमी नहीं है लेकिन 80 सीटों पर चुनाव लड़ने बात करती है। वैसे भी बिहार कांग्रेस इनदिनों बॉरो प्लेयर के हाथों फ्रेंचाइजी मॉडल पर संचालित हो रही है जिसका काम हवाबाजी और प्रोपोगंडा करके पार्टी को खबरों में मजबूत बताकर उसकी न्यूज कटिंग आलाकमान को दिखाना है। इन दिनों बिहार कांग्रेस में सदानंद सिंह, रामदेव राय, अनिल शर्मा आदि सभी पुराने कांग्रेसियों की पार्टी में पूछ ही नहीं है और न ही उसके कोई राय पूछता है। जब भी ये पुराने कांग्रेसी बिना पूछे और माँगे जब कोई राय देते हैं तो फ्रेंचाईजी सिस्टम वाले लोग उनकी हँसी उड़ाते हैं