ईद का अंतिम जुम्मे का नवाज आज पढा गया।

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माहे रमजान का आखिरी जुम्मा है मुसलमानों ने अपने-अपने घरों में नमाज अदा कर अल्लाह ताला से दुआ मांगी जहां पूरा देश करुणा से निजात पाने के लिए तड़प रहा है वही आज ईद की आखिरी जुमे की नमाज के अवसर पर प्रयागराज में मुसलमान भाइयों ने देश में अमन चैन के लिए अल्लाह ताला से दुआ मांगा साथ ही देश की तरक्की के लिए देश की तरक्की में करोना  जो बाधा बना हुआ है।

जल्द से जल्द करोना का देश खात्मा हो और देश का एक नया स्वरूप बने और देश विकास दीक्षित बने इसके साथ ही प्रयागराज पुलिस भी एहतियातन के तौर पर पूरे शहर में पुलिस की गस्ती भी तेज  कर दी। साथ ही लोगों से घर में रहने की अपील भी की
माहे रमजान 1 महीने का होता है।इस अवसर पर मुसलमान भाई अपने अपने घरों में सुबह में शहरी और शाम में इफ्तार पार्टी देकर दिन के नवाज को खत्म करते थे

लेकिन इस वर्ष करो ना के कारण कोई इफ्तार पार्टियां नहीं मना पाए साथ ही उन्हें इस बात का अफसोस भी है ।

यूपी संंवाददाता

रतनेश कुमार

IIBM Patna:- युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है- आचार्य वेंकटेश शर्मा

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जिस तरह बाढ़ आती है लेकिन उसे बांधा न जाए, उसे निकास की दिशा न दी जाए

तो वह सब कुछ बहा कर सर्वनाश का प्रलयंकारी दृश्य उपस्थित कर देती है।

उसी तरह दिशाविहीन युवा शक्ति निर्माण के लिए मार्ग न पाकर ध्वंस की ओर अग्रसर हो जाता हैं।

यह पीढ़ी राष्ट्र के नवनिर्माण के प्रमुख स्तंभ है।

इसके उचित विकास और कार्यप्रणाली पर राष्ट्र का भविष्य निर्धारित होता है।

युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है।

युवाओं के उचित विकास एवं स्वरोजगार के लिए युवा आयोग का गठन हो।

तभी युवाओं के विकास का मार्ग खुलेगा।

ये बातें रविवार को आई.आई. बी.एम पटना के सभागार में काशी वेद वेदांग विद्यापीठ वाराणसी

के संस्थापक राष्ट्रीय चिंतक आचार्य व्यंकटेश शर्मा ने कहीं।

भारत का भविष्य आज की युवा पीढ़ी

इस कार्यक्रम में स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन वीरांगना नारी प्रीति ने किया।

युवाओं के वर्तमान भविष्य एवं स्वरोजगार पर प्रकाश डाला।युवाओं को संकल्प से सिद्धि तक पहुंचने के लिए प्रेरित किया।

आज के समय में सामाजिक नवनिर्माण में नारियों की भूमिका पर विचार प्रस्तुत किया

साथ ही उन्होंने बताया कि अगर नारी संकल्पित हो जाये तो राष्ट्र का प्रत्येक कार्य आसान हो जायेगा।

नारियों कोपुर्नजागरण का संदेश दिया।

वक्ता के रूप में भारत संस्कृत परिषद के क्षेत्र प्रमुख विष्णु प्रभाकर ने कहा कि यूवाओं का विकास नैतिक शिक्षा के माध्यम से हो।

संस्कृत संस्कृति संस्कार का आगाज आज की आवश्यकता आज की युवा पीढ़ी को है।

भारत का भविष्य आज की युवा पीढ़ी है।

योग साधक, गीतकार हृदय नारायण झा ने युवाओं को योगः कर्मसु कौशलम् के महत्व पर प्रकाश डाला।

फिल्म जगत के समीक्षक अमित रंजन जी ने विज्ञान के बढ़ते कदम युवाओं के विकसित कदम पर विचार प्रस्तुत किया।

समाजसेवी युवा नेता विकास ने युवाओं की वर्तमान स्थिति एवं आचार्य व्यंकटेश शर्मा जी के कार्य पद्धति पर विशेष प्रकाश डालें।

मंच संचालन दिवेश मिश्रा एवं मंगलाचरण सौम्या शर्मा ने किया।

अन्य वक्ता में सामजसेवी राजू, डॉ सुरेश द्विवेदी, चंद्रशेखर तिलक , प्रोफेसर योगेंद्र प्रसाद सिन्हा ,

अनिल कुमार ,अशोक कुमार राजू ,अर्चना राय, शीला पंडित एवं अन्य लोगों ने भी विचार रखें।

Ram Mandir Ayodhya:- भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाएंगी ये कंपनी

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सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की तैयारियां जोरों पर हैं।

वैसे तो मंदिर निर्माण के लिए कई कंपनियों के नामों की चर्चा हैं लेकिन लार्सन एंड टुब्रों (एलएंडटी) इनमें सबसे आगे है।

कंपनी भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए तकनीकी और निर्माण संबंधी पूरा सहयोग करने की इच्छा रखती है।

लेकिन कंपनी निर्माण का कांट्रेक्ट यानी ठेका नहीं लेगी।

कंपनी भगवान के मंदिर निर्माण का काम सेवाभाव से करना चाहती है।

मंदिर विकास और प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नपेन्द्र मिश्रा 29 फरवरी को अयोध्या जाएंगे।

वहां भगवान के दर्शन करने के बाद शाम को बैठक होगी।

जिसमें मंदिर निर्माण और अन्य पहलुओं पर चर्चा होने की संभावना है।

मंदिर निर्माण के लिए तेजी से काम चल रहा है

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक-

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक दिल्ली मे 19 फरवरी को हुई थी।

उसके बाद से मंदिर निर्माण के लिए तेजी से काम चल रहा है।

इन सारी बातों पर विस्तृत चर्चा और फैसला ट्रस्ट की अगली बैठक में ही हो सकता है।

अयोध्या में ट्रस्ट के कार्यालय के लिए भी स्थान ढूंढा जा रहा है।

ट्रस्ट के कायार्लय के लिए सुंदर भवन पर भी विचार हो रहा है।

रामलला को नवरात्र से पहले नये स्थान पर स्थानांतरित करने का प्रयास होगा।

हालांकि, अभी तक इस बारे में कोई तिथि तय नहीं है।

भगवान के श्री विग्रह को स्थानांतरित करने में उनकी सुरक्षा और दशनार्थियों की सुविधा का खास ख्याल रखा जाएगा।

विचार भक्तों के दशर्न की वर्तमान दूरी को कम करने पर भी विचार चल रहा है।

अभी रामलला के दर्शन करीब 50 फीट दूर से होते हैं।

इस दूरी को भी कुछ कम करने पर विचार हो रहा है साथ ही भगवान रामलला की परिक्त्रमा भी थोड़ी बहुत हो सके इस पर विचार हो रहा है।

हालांकि, इस सब में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा।

एसबीआई बैंक में ट्रस्ट का खाता खुलने की भी औपचारिकताएं चल रही हैं।

Samajwadi Party MP आजम खान पत्नी-बेटे संग भेजे गए जेल, यह है मामला

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समाजवादी पार्टी से सांसद आजम खान उनकी पत्नी तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला

को अपर जिला सत्र न्यायाधीश धीरेंद्र कुमार की अदालत ने जेल भेज दिया है।

स्वार सीट से विधायक रहे आजम के बेटे अब्दुल्ला खान के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में 24 फरवरी

को तारीख पर पेश न होने पर अदालत ने आजम खान उनकी पत्नी और रामपुर विधायक तंजीन फातिमा,

बेटे अब्दुल्ला आजम खान की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया था।

पुलिस प्रशासन ने रामपुर में इसकी मुनादी भी कराई थी।

बुधवार को तीनों कोर्ट के सामने पेश हुए और जमानत याचिका डाली।

अपर जिला जज धीरेंद्र कुमार ने आजम, उनकी पत्नी और बेटे की जमानत याचिका खारिज कर दी।

कोर्ट ने तीनों नेताओं को दो मार्च तक जेल में रहने का आदेश दिया है।

अब मामले की अगली सुनवाई दो मार्च को होगी।

यह कार्रवाई आजम पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 4/2019 में अंतर्गत धारा 420, 468, 468 के तहत की गई है।

आजम को हाजिर कराइए

आजम के खिलाफ 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद कई मुकदमे दर्ज हुए हैं।

बेटे अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में 18 दिसंबर को रामपुर एडीजे की कोर्ट ने आजम खान,

उनकी पत्नी तजीन फातिमा और अब्दुल्ला के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।

कोर्ट ने तीनों के खिलाफ सीआरपीसी की धारा 82 के तहत उद्घोषणा का नोटिस जारी किया था।

यह है मामला

अब्दुल्ला के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ

के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।

उन्होंने आरोप लगाया था कि-

चुनाव में नामांकन के समय अब्दुल्ला की आयु 25 वर्ष नहीं थी।

उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर विधानसभा का चुनाव लड़ा था।

आरोप सही पाए जाने पर स्वार सीट से अब्दुल्ला खान की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

Ram Mandir in Ayodhya:- राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष बने महंत नृत्य गोपाल दास

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महंत नृत्य गोपालदास को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास का अध्यक्ष बनाया गया है।

न्यास की दिल्ली में बुधवार को हुई बैठक में यह फैसला किया गया।

बैठक में विश्व हिंदू परिषद् के नेता चंपत राय को न्यास के महासचिव का दायित्व सौंपा गया है।

जबकि स्वामी गोविंद देव गिरि जी को कोषाध्यक्ष बनाया गया है।

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रहे नृपेन्द्र मिश्रा को भवन निर्माण समिति का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

बैठक के बाद चंपत राय ने बताया कि-

अयोध्या में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में ट्रस्ट का बैंक खाता खोलने का निर्णय किया गया है।

इससे पहले खबरों में बताया गया था कि-

न्यास की पहली बैठक दिल्ली में होगी जिसमें मंदिर निर्माण के मुहूर्त सहित कई विषयों पर विचार किया जा सकता है।

इस न्यास का गठन केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है।

गौरतलब है कि-

शीर्ष अदालत द्वारा राम मंदिर के पक्ष में फैसला देने व मंदिर निर्माण के लिए न्यास के

गठन के आदेश पर पांच फरवरी को केंद्र सरकार ने ट्रस्ट का ऐलान किया था।

ट्रस्ट का प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ता के. परासरण को बनाया गया था।

इसके अन्य सदस्य हैं जगदगुरु शंकराचार्य, ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज (इलाहाबाद),

जगदगुरु माधवाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज (उडुपी के पेजावर मठ से),

युगपुरुष परमानंद जी महाराज (हरिद्वार), स्वामी गोविंददेव गिरि जी महाराज (पुणे) और

विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (अयोध्या) शामिल हैं।

NCP प्रमुख शरद पवार ने दिया बयान, मस्जिद निर्माण के लिए कही ये बात

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उत्तर प्रदेश में विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर लाकर भाजपा के खिलाफ ताल ठोंकने की तैयारी के सिलसिले में बुधवार को

लखनऊ पहुंचे एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों पर आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि वह लोगों को मजहब के हिसाब से बांट रही है।

अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट बनाकर आर्थिक मदद दी जा रही है,

लेकिन बाबरी मस्जिद, जिसे गिराया गया उसे बनाने के लिए सरकार कोई मदद नहीं दे रही।

बाबरी मस्जिद निर्माण के लिए भी ट्रस्ट बनाकर मदद देनी चाहिए।

राजधानी लखनऊ के रवींद्रालय में आयोजित एनसीपी के राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन को संबोधित करते हुए

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री शरद पवार ने यूपी सरकार के बजट पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि-

इस बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं है।

बेरोजगारों को मासिक प्रशिक्षण भत्ता देने का प्रावधान किया गया है।

लेकिन यह उन्हें मिल भी पाएगा या नहीं यह कहना मुश्किल है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को मेहनत करने का अधिकार चाहिए इस तरह के भत्ते देने से काम नहीं चलेगा।

आज यूपी और पूरे देश में किसानों व नौजवानों की स्थिति दयनीय है।

इसलिए देश में परिवर्तन लाने के लिए एनसीपी कार्यकर्ताओं को बिगुल फूंकना होगा।

भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता त्रस्त है

शरद पवार ने कहा कि-

यूपी में बेरोजगारी के चलते ही बड़ी संख्या में नौजवान महाराष्ट्र सहित दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर हैं।

भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता त्रस्त है।

इसीलिए अब वह इन्हें सत्ता से बेदखल कर रही है।

दिल्ली में खुद प्रधानमंत्री उनके साथ गृहमंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री प्रचार करने गए।

लेकिन जनता में अरविंद केजरीवाल को प्रचंड बहुमत से जीत दिलाई।

महाराष्ट्र की तरह ही यूपी और अन्य राज्यों में भी विपक्षी दलों को एकजुट कर भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल किया जाएगा।

शरद पवार ने कहा कि-

भाजपा की लोगों में फूट डालो और राज करो की नीति अब जनता अच्छी तरह समझ चुकी है वह इनके बहकावे में आने वाली नहीं।

उन्होंने कहा कि सीएए और एनआरसी त्रुटिपूर्ण है इसमें मुस्लिम अल्पसंख्यकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।

UP के सैफई बस दुर्घटना मे मृतक के परिवार को मिली आर्थिक सहायत

मोतिहारी गोविंदगंज विधानसभा के अरेराज प्रखंड के सरेया पंचायत वार्ड नंबर 13 निवासी गुलशन पटेल की मृत्यु

उत्तर प्रदेश के सैफई में बस दुर्घटना में हो गई थी।

जिसके परिजन को 2 लाख का चेक गोविंदगंज विधायक माननीय श्री राजू तिवारी जी ने प्रदान किए।

 

आलोक सिंह की रिपोर्ट

राम मंदिर निर्माण के लिए केंद्र ने ‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ-क्षेत्र’ ट्रस्ट बनाया, PM ने संसद में किया ऐलान

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अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के 9 नवंबर के फैसले के 88 दिन बाद सरकार ने राम मंदिर बनाने के लिए ट्रस्ट की घोषणा कर दी।

इसमें 15 सदस्य होंगे।

बुधवार को दिल्ली चुनाव से ठीक 3 दिन पहले और कैबिनेट के फैसले के फौरन बाद प्रधानामंत्री नरेंद्र मोदी संसद पहुंचे।

वहां लोकसभा में उन्होंने प्रश्नकाल से पहले ट्रस्ट बनाए जाने का ऐलान किया।

उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का नाम ‘श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र’ होगा।

इसी के साथ केंद्र सरकार ने अपने कब्जे की 67.703 एकड़ जमीन भी ट्रस्ट को सौंप दी है।

यह पूरा इलाका मंदिर क्षेत्र होगा।

संसद में कश्मीर से जुड़ा अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लाने की घोषणा गृह मंत्री अमित शाह ने की थी।

लेकिन इस बार मंदिर ट्रस्ट की घोषणा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की है।

चारों मठों के शंकराचार्य ट्रस्ट में शामिल होंगे

ट्रस्ट के सदस्यों को लेकर अटकलें जारी हैं।

शुरू में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री और राज्यपाल काे संरक्षक बनाने की अटकलें थीं।

अब आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित चारों मठों के शंकराचार्य ट्रस्ट में शामिल करने की संभावना है।

अयोध्या से महंत नृत्य गोपाल दास, दिगंबर अनी अखाड़े के महंत सुरेश दास, निर्मोही अखाड़े के महंत दीनेंद्र दास,

गोरक्षपीठ गोरखपुर के प्रतिनिधि, कर्नाटक के उडुपी पेजावर मठ के प्रतिनिधि, विहिप से ओम प्रकाश सिंघल,

उपाध्यक्ष चंपतराय, राम मंदिर आंदोलन को आमजन तक पहुंचाने वाले दिवंगत अशोक सिंघल के भतीजे सलिल,

दिवंगत विष्णुहरि डालमिया के परिवार से पुनीत डालमिया, एक दलित प्रतिनिधि और एक महिला प्रतिनिधि ट्रस्ट में शामिल हाेंगी।

केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी, प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अयोध्या के डीएम काे

भी ट्रस्ट में शामिल किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने में ट्रस्ट बनाने को कहा था

सुप्रीम कोर्ट ने 134 साल पुराने अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद पर पिछले साल 9 नवंबर को फैसला सुनाया था।

इसके तहत अयोध्या की 2.77 एकड़ की पूरी विवादित जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए दे दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने 1045 पेज के फैसले में कहा था कि मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बने और इसकी योजना तैयार की जाए।

इसी आधार पर सरकार ने ट्रस्ट बनाने का निर्णय लिया है।

शीर्ष अदालत ने मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दिए जाने का फैसला सुनाया।

जो कि विवादित जमीन की करीब दोगुना है।

रौनाही के धन्नीपुर में मस्जिद के लिए जमीन दी जाएगी

सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिए दी जाने वाली 5 एकड़ जमीन लखनऊ की सोहावाल तहसील के धानीपुर गांव में चुनी गई है।

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यह जमीन जिला मुख्यालय से सिर्फ 18 किलोमीटर दूर रौनाही थाना क्षेत्र के अंतर्गत है।

इसका सड़क संपर्क बहुत अच्छा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र अब यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट को भेजेगा।

 

Corporate Sector की दूसरी ट्रेन भी 21 फरवरी से दौड़ेगी यूपी में, रेलवे बोर्ड ने दी मंजूरी !

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आइआरसीटीसी तेजस एक्सप्रेस के बाद अब उत्तर प्रदेश को अगले महीने ही कारपोरेट सेक्टर की दूसरी ट्रेन मिलने जा रही है।

रेलवे 21 फरवरी से वाराणसी से लखनऊ-उज्जैन होते हुए इंदौर तक इस ट्रेन को चलाएगा।

रेलवे बोर्ड ने कॉरपोरेट ट्रेन चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

जल्द ही इसके ठहराव और टाइमिंग की नोटिफिकेशन रेलवे बोर्ड जारी करेगा।

देश की कारपोरेट सेक्टर की पहली ट्रेन लखनऊ से नई दिल्ली के बीच चार अक्टूबर 2019 को शुरू हुई थी।

रेलवे बोर्ड ने 150 निजी क्षेत्र की ट्रेनों को चलाने की तैयारी की है।

इस बीच रेलमंत्री पीयूष गोयल ने मध्य प्रदेश के उच्जैन को वाराणसी से जोडऩे के लिए सप्ताह में तीन दिन कारपोरेट

सेक्टर की तेजस क्लास ट्रेन को चलाने का आदेश जारी कर दिया है।

यह ट्रेन वाराणसी से 21 फरवरी से चलेगी।

इस ट्रेन को भी भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आइआरसीटीसी) चलाएगा।

इस ट्रेन में तेजस की तरह सीटिंग की जगह सोने वाली बर्थ होंगी।

वाराणसी से चलने वाली इस ट्रेन को लखनऊ, कानपुर व झांसी और भोपाल के रास्ते उज्‍जैन होकर चलाया जाएगा।

रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला से इस कारपोरेट ट्रेन के रैक का आवंटन हो गया है।

गोमतीनगर स्टेशन की क्षमता बढ़ी

पूर्वोत्तर रेलवे ने मंगलवार को गोमतीनगर स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग का काम पूरा कर लिया।

अब स्टेशन पर तीन की जगह पांच लाइनें हो गई हैं।

साथ ही वाशिंग लाइन भी जुड़ गया है।

जिस कारण अब ट्रेनों की नियमित जांच गोमतीनगर में भी हो सकेगी।

इस काम के पूरा होने के बाद परिवर्तित मार्ग से चल रही ट्रेनें गोमतीनगर होकर चलने लगी हैं।

उधर मंगलवार को गोमतीनगर में चार घंटे का ब्लॉक बढ़ाया गया।

जिस कारण 15046 ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस को गोमतीनगर के रास्ते न चलाकर अचानक चारबाग होकर चलाया गया।

Question on Phone : Lucknow University

Question on Phone : Lucknow University में बड़ी धांधली , लॉ का पेपर हुआ आउट

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हिन्द कालेज की सर्वेसर्वा डॉक्टर ऋचा की कॉल आडियो वायरल

Lucknow University  में धांधली का बड़ा मामला सामने आया है।

हिन्द कॉलेज की Chairperson डॉक्टर ऋचा जो कि विश्विद्यालय से लॉ कर रही हैं।

वो लॉ में सेकेंड ईयर की छात्रा हैं।

डॉक्टर ऋचा की कॉल आडियो वायरल हो रही है जिसमें वो बहुत साफ तरीके से प्रशासन के लोगों का नाम लेकर उनसे पेपर में आने वाले सवालों के बारे में पूछ रही हैं।

अगले दिन की कॉल आडियो में वो प्रश्न सही सही बताने के लिए धन्यवाद भी दे रही हैं।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) प्रशासन के इस तरह कामों में संलिप्त होने की कड़ी मुख़ालफ़त करता है।

गौरतलब है कि आडियो में डॉक्टर ऋचा आर. के.सिंह, नन्दकिशोर (लॉ डिपार्टमेंट), वाइस चांसलर सबका नाम ले रही हैं।

इस तरह के फर्जीवाड़े ये प्रदर्शित करते हैं कि किस तरह हमारी शिक्षा व्यवस्था रसूखदारों के लिए चुटकी का खेल बन गयी है।

एक ओर तो गरीबों को शिक्षा से बाहर किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर डॉक्टर ऋचा जैसे लोग अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करके इस तरह के बड़े फर्जीवाड़े कर रहे हैं।

जब चाहे तब डॉक्टर ऋचा जैसे लोग डिग्री खरीद सकते हैं, पेपर लीक करा सकते हैं।

इस पर हमारा प्रशासन उनका साथ देता रहता है।

अभी हाल ही में सीटेट का भी पेपर आउट हुए था।

आइसा ऐसे हर तरह के पेपर लीक का विरोध करता है जोकि अमीरों के हक़ में शिक्षा व्यवस्था का मज़ाक बनाता है।

इस पूरी घटना से लखनऊ विश्विद्यालय प्रशासन के अंदर व्याप्त भ्रष्टाचार का खुलासा हो गया है।

हम मांग करते हैं कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच हो तथा इस कांड में संलिप्त सभी लोग तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें और डॉक्टर ऋचा पर भी विधि सम्मत कार्रवाई जल्द से जल्द की जाए।

Question on Phone : Lucknow University

Ravi Kishan meets PM : रवि किशन ने PM मोदी से पटना में NSD केंन्द्र खोलने का किया आग्रह !

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भोजपुरी फिल्मों के स्टार व गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्‍ली में मुलाकात की।

उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सिनेमा के विकास के लिए पटना और गोरखपुर में

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) का एक केंद्र स्‍थापित करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि-

पटना और गोरखपुर में NSD का केंद्र खुलने से ना सिर्फ बिहार, बल्कि उत्तर प्रदेश और झारखंड के कलाकारों को भी फायदा होगा।

साथ ही रवि किशन ने अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर और देश के अन्‍य मुद्दों पर भी प्रधानमंत्री से बातचीत की।

इस मौके पर महादेव भक्‍त रविकिशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भगवान शंकर की मूर्ति भी भेंट की।

मालूम हो कि-

चालू शीतकालीन सत्र में प्रश्‍नकाल के दौरान रविकिशन ने देश के कलाकारों का डेटाबेस

तैयार करने से संबंधित मामला केंद्रीय संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल के समक्ष उठाया था।

उन्‍होंने सदन से कहा था कि-

मैं भी एक कलाकार हूं।

मैं भाग्यशाली रहा कि मैं जीवन में कुछ बन पाया।

लेकिन इसी क्षेत्र के हजारों कलाकार ऐसे हैं।

जो लाख प्रयास के बावजूद अच्‍छे मुकाम पर नहीं पहुंच पाते।

इसके चलते वे आर्थिक तंगी से परेशान हो जाते हैं।

अपना परिवार नहीं चला पाते।

बीमार हो जाने पर आर्थिक तंगी के कारण इलाज तक नहीं करा पाते।

ऐसे कलाकारों के लिए जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा और उनके रहने के लिए सस्ते दरों पर मकान उपलब्ध कराये जाने की जरूरत है।

उन्नाव केस में CBI का बड़ा बयान, जांच मे पीड़िता के साथ दुष्कर्म की बात सही।

न्यूज डेस्क

पटना।

उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म मामले में बुधवार को भी दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट में केंद्रीय जांच एजेंसी (Central Bureau of Investigation) ने अपने बयान में कहा कि ने उन्नान सामूहिक दुष्कर्म मामले में हमने जांच में पाया कि पीड़िता के आरोप बिल्कुल सही हैं। कोर्ट में सीबीआइ ने जांच के आधार पर कहा कि 4 जून, 2017 को उसके साथ विधायक कुलदीप सेंगर ने शशि सिंह के साथ साजिश कर पीड़िता का सामूहिक दुष्कर्म किया था।

सीबीआइ ने यह भी बताया कि आरोपित शशि सिंह पीड़िता को नौकरी दिलाने के बाद यूपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के पास लेकर गया था। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में कहा कि उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म मामले में हमने जांच में पाया कि पीड़िता के आरोप बिल्कुल सही हैं। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था

सीबीआइ ने कोर्ट में बयान दिया है कि कुलदीप सिंह सेंगर ने शशि सेंगर के साथ मिलकर सामूहिक दुष्कर्म की साजिश रची थी और फिर पूरी योजना के साथ 4 जून, 2017 को पीड़िता के साथ रात 8 बजे दुष्कर्म हुआ था। तब पीड़िता की उम्र 18 साल से कम थी। अपने साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की बात सबसे पहले पीड़िता ने अपनी चाची को बताई थी।

अभिजीत कुमार

उन्नाव केस हो सकता है यूपी से बाहर ट्रांसफर- सुप्रीम कोर्ट

न्यूज डेस्क

पटना

उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कार्म में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर जरूरत महसूस हुई,तो उन्नाकव दुष्कर्म से जुड़े सभी केस उत्तर प्रदेश से बाहर ट्रांसफर किए जा सकते हैं। इसके साथ हीं सुप्रीम कोर्ट ने इस केस से जुड़े सीबीआइ अधिकारियों को भी तलब किया। कोर्ट ने दोपहर 12 बजे तक केस की स्टेटस रिपोर्ट सीबीआइ से मांगी है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म का मामला सड़क से संसद तक गूंज रहा है। सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले पर काफी गंभीर नजर आ रहा है। जीवन और मौत से संघर्ष कर रही उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवार की ओर से भेजी गई चिट्ठी पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। 17 जुलाई को प्राप्त हुई चिट्ठी को मुख्य न्यायाधीश के सामने पेश करने में हुई देरी पर कोर्ट ने सेक्रेटरी जनरल से कारण बताने को कहा है। सड़क दुर्घटना से पहले उन्नाव दुष्कर्म पीडि़ता और उसके परिवार की ओर से मुख्य न्यायाधीश को सुप्रीम कोर्ट में पत्र भेज कर अभियुक्तों द्वारा धमकी दिये जाने की शिकायत की गई थी। उन्नाव दुष्कर्म कांड में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सहित कई लोग अभियुक्त हैं।

सुप्रीम कोर्ट में हुईं ये दलील

– सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव केस में सीबीआइ के ज़िम्मेदार अधिकारी डायरेक्टर से आज 12 बजे तक जाँच की प्रगति रिपोर्ट माँगी गई है। कोर्ट ने ये भी कहा कि वह उन्नाव दुष्कर्म और अन्य घटनाओं के केस भी उत्तर प्रदेश से बाहर ट्रांसफ़र करने के इच्छुक हैं।

– सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि वह इस बारे मे सीबीआइ डायरेक्टर से बात करें।

– सॉलिसिटर जनरल फिर सुप्रीम कोर्ट आए और कोर्ट को बताया कि उनकी अभी-अभी सीबीआइ डायरेक्टर से बात हुई है। डायरेक्टर का कहना है कि केस की जाँच लखनऊ में चल रही है, इसलिए रिकॉर्ड वहीं हैं, जैसे ही पहली फ़्लाइट मिलेगी रिकार्ड दिल्ली लाए जाएंगे।
-सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट से मामला कल(शुक्रवार) सुनने का आग्रह किया, लेकिन कोर्ट इसके लिए राज़ी नहीं हुआ। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि डायरेक्टर सीबीआइ जाँच अधिकारी से जाँच की प्रगति की रिपोर्ट पता करके कोर्ट को आज ही बताएँ।
– सुनवाई के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्नाव दुर्घटना मामले की जाँच भी सीबीआई को सौंप दी गई है।
बीते रविवार को जब उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता, उसकी चाची व वकील कार से जा रहे थे, तब उनकी कार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिसमें पीड़िता के रिश्तेदारों की मौत हो गई जबकि पीड़िता और वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी के मुताबिक, मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश को पत्र की जानकारी दी गई थी और उन्होंने सेक्रेटरी जनरल से उस पर नोट बनाकर उनके सामने पेश करने को कहा था।
गुरुवार को वरिष्ठ वकील वी गिरि ने मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, दीपक गुप्ता व अनिरुद्ध बोस की पीठ के समक्ष उन्नाव कांड का जिक्र करते हुए सुनवाई का आग्रह किया। गिरि ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाल यौन उत्पीड़न रोक कानून (पोक्सो) के प्रावधान ठीक से लागू नहीं हो रहे हैं। कोर्ट ने गिरि को बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले में न्यायमित्र बनाया है। गिरि की बात पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने अखबारों में पढ़ा है कि पीड़ित परिवार ने उन्हें चिट्ठी लिखी है। उन्हें मंगलवार को पत्र के बारे में पता चला, लेकिन अभी तक उन्होंने पत्र नहीं देखा है। पत्र उनके सामने पेश नहीं किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि कोर्ट इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करेगा। कोर्ट प्रयास करेगा कि इस विनाशकारी माहौल में कुछ सृजनात्मक और बेहतर किया जा सके। कोर्ट ने मामले को गुरुवार को सुनवाई के लिए लगाए जाने का आदेश देते हुए रजिस्ट्री से मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश द्वारा पीड़िता के पत्र के बारे में जारी किए गए प्रशासनिक आदेश की रिपोर्ट भी मांगी है। इसके अलावा कोर्ट ने 17 जुलाई को प्राप्त हो गई चिट्ठी को 30 जुलाई की शाम चार बजे तक मुख्य न्यायाधीश के सामने न पेश किये जाने पर सेक्रेटरी जनरल से कारण पूछा है।
केस को उत्तर प्रदेश से बाहर स्थानांतरित करने की मांग
पीड़िता की मां की स्थानांतरण याचिका पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, जिसमें मामले को उत्तर प्रदेश से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की गई है। कोर्ट ने गत 16 अप्रैल को याचिका पर सीबीआइ, कुलदीप सिंह सेंगर सहित 15 प्रतिवादियों को नोटिस किया था। कोर्ट को भेजे गए पीड़ित परिवार के पत्र में दो दिन लगातार 7 और 8 जुलाई को अभियुक्तों की ओर से उनके घर आकर धमकी दिये जाने और समझौते के लिए दबाव डालने की बात कही गई है। दोनों दिन का घटनाक्रम बताते हुए कहा गया है कि अभियुक्तों की ओर से धमकी दी गई कि सुलह कर लो, नहीं तो पूरे परिवार को फर्जी मुकदमे लगा कर जेल में सड़ा कर मार डालेंगे। पत्र में अनुरोध किया गया है कि माखी के प्रभारी निरीक्षक को प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्यवाही करने का आदेश दिया जाए। पत्र की प्रतिलिपि इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, व सीबीआई एसीबी के शाखा प्रमुख आदि को भी भेजी गई है।

प्रधानमंत्री का बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ नारा सिरफिरा साबित हुआः आभा लता

न्यूज़ डेस्क
पटना
राष्ट्रीय जनता दल महिला प्रकोष्ठ के प्रदेष अध्यक्ष श्रीमती आभा लता, शोभा पासवान, सुनीता यादव, प्रतिमा यादव, प्रतिमा सिंह एवं अनीता भारती ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा है कि

उत्तर प्रदेश के उन्नाव विधानसभा के भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के उपर 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ 17 जून, 2017 को रेप करने का पीड़िता के द्वारा आरोप लगाया गया है। 03 अप्रैल, 2018 को पीड़िता के पिता को कथित तौर पर विधायक के लठैतों के द्वारा बुरी तरह से पिटाई की गयी। विधायक के द्वारा साजिष के तहत 05 जुलाई, 2018 को दोषियों पर कार्रवाई की जगह पीड़िता के पिता को जेल भेज दिया गया। 09 अप्रैल, 2018 को पुलिस कस्टडी में पीड़िता के पिता की मौत हो गयी। रेप की घटना के गवाह की संदिग्ध हालत में मौत हो गयी और उसका बिना पोस्टमार्टम कराये जल्दीबाजी में साजिष के तहत दफनाया गया ताकि केस को रफा दफा किया जा सके। 28 जुलाई, 2019 को पीड़िता अपनी चाची, मौसी एवं अधिवक्ता के साथ रेप की घटना के सिलसिले में लखनऊ जा रही थी कि रास्ते में पीड़िता के गाड़ी में भारी वाहन ट्रक ने जोरदार टक्कर मारी जिसमें चाची एवं मौसी की घटना पर मौत हो गई तथा पीड़िता की भी मौत आज अस्पताल में हो गई एवं अधिवक्ता आईसीयू में जिन्दगी और मौत से संघर्ष कर रहे हैं।

श्रीमती आभा लता ने बताया कि पूरे घटना में न केवल पीड़िता के साथ रेप हुआ बल्कि भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के द्वारा रेप का सभी साक्ष्यों को मिटाने की साजिष की गई, जिसमें पीड़िता सहित कई निर्दोष लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि आज देष में बच्चियां एवं महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं जो कि लोकतंत्र एवं देष के लिए खतरा है।
आभा लता ने कहा कि प्रधानमंत्री की बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ नारा सिरफिरा साबित हुआ। आभा लता ने रेप के इस गंभीर मामले को सीबीआई से जांच कराकर सभी दोषियों को फांसी की सजा दिलाने तथा पीड़िता के परिवार को जानमाल की रक्षा हेतु सुरक्षा मुहैया सुनिष्चित कराने की मांग की।