statue of unity on olx : जब Olx पर सेल के लिए आया statue of unity ?

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एक तरफ पुरा देश कोरोना की महामारी से परेशान है। राष्ट्रपति से लेकर सांसद निधि तक में कटौती हो रही है।

लॉक डाउन के पहले दिन से statue of unity पर खर्च किये गए पैसों की तुलना अस्पताल पर किये जा रहे पैसों से किया जा रहा था।

एक व्यक्ति  ने इन सबसे आगे बढ़ते हुए OLX पर statue of unity को हीं Sale  पर लगा दिया।

हालांकि statue of unity बेचने  का दावा करने वाला व्यक्ति चुकि इसके लिए अधिकृत नही था इस आधार पर केस दर्ज कर दिया गया है।   ऑनलाइन विज्ञापन देने वाले व्यक्ति के खिलाफ नर्मदा जिले की केवडिया पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।

ओएलएक्स वेबसाइट पर दिए गए इस विज्ञापन में स्टैच्यू की कीमत 30 हजार करोड़ लगाई गई थी।

विज्ञापन में कहा गया था कि स्टैच्यू बेचकर कोरोना का इलाज करने में जुटे अस्पतालों और इसकी सुविधाओं पर होने वाले सरकार के खर्च की भरपाई की जाएगी।
आपको बता दें की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल का स्मारक है।

इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में किया था।

इसकी ऊंचाई 182 मीटर है और यह दुनिया की सबसे बड़ी स्टैच्यू है।

 

शनिवार को विज्ञापन olx पर आया  था

केवडिया पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के मुताबिक, किसी अनजान व्यक्ति ने शनिवार को यह विज्ञापन दिया था।

मीडिया में   खबर आने के बाद स्मारक की देखरेख करने वाले अधिकारियों को इसका पता चला।

उन्होंने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

विज्ञापन देने वाले के खिलाफ आईपीसी के तहत धोखाधड़ी, महामारी कानून और आईटी कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है।

 

black marketing due to corona : संग्रामपुर BDO ने दिया निर्देश, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्यवाई।

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कोरोना वायरस के कारण जारी देशव्यापी lock down की वजह से किराना दुकानदारों की कालाबाजारी आम बात थी ।
ब्लॉक में कालाबाजारी न हो इससे निजात पाने के लिए आज सभी थोक व खुदरा विक्रेताओं के साथ थाने में बैठक सम्पन्न हुआ।
 मोतिहारी के संग्रामपुर प्रखंड मे प्रखंड विकास पदाधिकारी बलवंत पाण्डेय एवं थानाध्यक्ष महेन्द्र कुमार के नेतृत्व मे प्रखंड भर के थोक व खुदरा किराना व्यवसायियों के साथ बैठक आयोजित हुई थी।
बैठक मे प्रखंड विकास पदाधिकारी ने साफ शब्दों मे निर्देश दिया किसी भी हाल मे  कालाबाजारी   बरदाश्त नहीं की जाएगी ।
आगे उन्होने निर्देश दिया जिला आपूर्ति विभाग द्वारा जारी रेट पर ही वस्तुओं की विक्रय हो ।
ऐसा नहीं करने पर पकडे गए दुकानदार पर FIR कर लाइसेंस को रद्द किया जाएगा।
उन्होने यह भी निर्देश दिया की दुकान पर भिड नहीं लगाए ।
समाजिक दूरी का पालन हर हाल मे सुनिश्चित करे ऐसा नहीं करने पर भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी।                                                              मौकेपर विनोद प्रसाद, गोल्डेन प्रसाद, अशोक कुमार, पवन कुमार, विक्की कुमार, रौशन कुमार,संजय कुमार, रूपेश कुमार, श्रीकांत प्रसाद,रजनीश कुमार, राजकुमार प्रसाद ,कन्हैया प्रसाद आदि किराना व्यवसायी मौजूद थे।
Reported by
ओमप्रकाश गुप्ता मोतिहारी

Nirbhaya को इंसाफ मिलने पर अन्ना हजारे ने तोड़ा मौन व्रत, 90 दिन से थे मौन व्रत पर

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शुक्रवार को निर्भया के चारों दोषियों को मुकेश, अक्षय, विनय और पवन को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई।

इसके बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने अपना मौन व्रत तोड़ दिया।

वे निर्भया को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पिछले 90 दिनों से मौनव्रत में थे।

चारों दोषियों को फांसी की खबर मिलते ही अन्ना हजारे ने शुक्रवार को संत यादव बाबा का दर्शन किया।

और जल पीकर अपना मौन व्रत तोड़ा।

20 दिसंबर से मौन व्रत पर थे अन्ना

अन्ना 20 दिसंबर से मौन व्रत में थे।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखने के बाद अन्ना मौन व्रत पर चले गए थे

जब तक दोषियों को फांसी नहीं दी जाती तब तक मौन व्रत रखेंगे।

अन्ना ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की थी कि

अपराधियों के मन में डर बैठे, इसके लिए महिला सुरक्षा से जुड़े और सख्त कानून बनाया जाए।

अब तक 12 बार मौन व्रत पर रह चुके हैं अन्ना

इसके पहले अन्ना ने 12 बार मौन व्रत आंदोलन किया है।

अन्ना के सहयोगी संजय पठाडे ने बताया कि-

1990 में अन्ना ने 44 दिन का मौन व्रत किया था।

लेकिन इस बार अन्ना 90 दिन तक मौन व्रत रखे।

इस दौरान वह कागज पर अपनी बात लिखकर बात करते थे।

AP Singh यही वकील हैं को जो निर्भया के दोषियों का केस लड़ा और अंत-अंत तक बचाने में लगे रहें

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निर्भया गैगरेप व हत्या मामले में चारों दरिंदों को आज तड़के सुबह फांसी के फंदे पर लटकाया गया।

16 दिसंबर 2012 को हुए इस जघन्य अपराध में सजा फाइनल होते-होते लगभग साढ़े सात साल लग गये।

इसकी सबसे बड़ी वजह दोषियों के वकील एपी सिंह रहे हैं।

वकालत को पैशन और वसूल मानने वाले एपी सिंह इस केस को लड़ने के लिए निचली अदालत से लेकर सर्वोच्च अदालत तक का चक्कर लगाया।

इसके कारण उनकी कई बार आलोचना हुई, लेकिन वे इस केस से हटे नहीं डटे रहें।

विवादित बयान के चलते बने सुर्खियों में

मुकदमें के दौरान एपी सिंह कई बार विवादित बयान दे चुके हैं, जिसके कारण उनकी आलोचना हुई है।

फांसी की रात भी एपी सिंह ने विवादित बयान देते हुए कहा था कि-

12 बजे रात में लड़की को निकलना ही नहीं चाहिये।

इतना ही नहीं, एपी सिंह ने निर्भया के दोस्त के साथ घुमने पर भी सवाल उठाया था।

उन्होंने कहा था कि-

अगर मेरी बेटी रात बारह बजे अगर किसी लड़के साथ बाहर घुमने जाती तो मैं उसे फॉर्म हाउस में आग लगाकर मगर देता।

लखनऊ के राममनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी से लॉ ग्रैजुएट एपी सिंह के पास अपराधशास्त्र में डॉक्टरेट की भी डिग्री है।

एपी सिंह 1997 में पहली बार बतौर वकील सुप्रीम कोर्ट में वकालत शुरू की थी।

2012 में वे सबसे पहले निर्भया के दोषियों के केस लड़ने से चर्चा में आये थे।

इसके अलावा, एपी सिंह डेरा सच्चा सौदा और हनीप्रित का केस लड़ चुके हैं।

केस लड़ने का कारण यह बताया था

एपी सिंह ने टीवी चैनलों से बात करते हुए कहा था कि-

ये केस लड़ना उनके वकालत का वसूल है।

यह केस मुझे मेरी मां ने लड़ने के लिए कहा था।

मैं यह केस पूरी ईमानदारी से लड़ूंगा।

उन्होंने कोर्ट पर आरोप लगाते हुए कहा था कि मुझे कोर्ट टॉर्चर कर रही है।

 

Nirbhaya Rape Case:- आखिर मिल ही गया निर्भया को इंसाफ, लेकिन लग गए लगभग साढ़े 7 साल

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7 साल, 3 महीने और 4 दिन के बाद वह दिन आ ही गया जब निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाया गया।

शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे उसके सभी दोषियों को एक साथ तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया।

16 दिसंबर 2012 की रात दिल्ली में छह दरिंदों ने निर्भया से दुष्कर्म किया था।

एक ने जेल में खुदकुशी कर ली थी, दूसरा नाबालिग था।

इसलिए तीन साल बाद छूट गया।

बाकी बचे चार- मुकेश (32), अक्षय (31), विनय (26) और पवन (25) अपनी मौत से 2 घंटे पहले तक कानून के सामने गिड़गिड़ाते रहे।

अंत में जीत निर्भया की ही हुई।

4 बार डेथ वारंट जारी हुए

सभी दुष्कर्मियों को निचली अदालत ने 9 महीने में ही फांसी की सजा सुना दी थी।

दिल्ली हाईकोर्ट को फांसी की सुनाई जा चुकी सजा पर मुहर लगाने में 6 महीने लगे।

इसके 2 साल 2 महीने बाद मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया कि फांसी ही होगी।

फिर 2 साल 10 महीने और गुजर गए।

4 बार डेथ वारंट जारी हुए।

आखिरी बार शुक्रवार को फांसी का दिन मुकर्रर कर दिया गया।

इससे पहले दुष्कर्मियों ने 15 घंटे में 6 अर्जियां लगाईं।

शुक्रवार तड़के सवा तीन बजे तक हाईकोर्ट से लेकर सर्वोच्च अदालत तक सुनवाई होती रही, लेकिन सभी अर्जी खारिज हुईं।

सुबह 5 बजे तिहाड़ जेल में फांसी की आखिरी तैयारियां शुरू कर दी गईं।

दुष्कर्मियों को फांसी के तख्ते तक ले जाया गया।

चारों के हाथ-पैर बांधे गए।

दोषी विनय रोने लगा।

फिर सभी दोषियों के चेहरे पर नकाब डाला गया और फंदे कस दिए गए।

ठीक साढ़े पांच बजे जल्लाद पवन ने लीवर खींचा और इस तरह निर्भया को इंसाफ मिल गया।

महज 7 मिनट बाद जेल अधिकारी ने चारों की मौत की पुष्टि कर दी।

30 मिनट बाद डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।

ASP नवादा द्वारा बड़ी कार्रवाई, तीन बालू माफिया को किया गिरफ्तार

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नवादा के एएसपी अभियान आलोक द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है।

एएसपी अभियान आलोक ने दो जेसीबी, चार ट्रक समेत तीन बालू माफिया को गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार-

वारसलिगंज थाना क्षेत्र के नारोमुरार के मुसहरी में छापेमारी कर चार बालू लोडेड़ ट्रक, दो जेसीबी और एक आल्टो कार जप्त किया गया है।

आपको बताते चले कि-

मौके से तीन बालू माफिया को हिरासत में लेकर पूछताछ किया जा रहा है।

तभी एएसपी अभियान कुमार आलोक को गुप्त सूचना मिला कि

वारसलिगंज थाना के नारोमुरार में भारी मात्रा में अबैध बालू लोड हो रहा है।

 

राकेश कु. चंदन की रिपोर्ट

Nawada में नक्सलियों ने पुलिस चेकपोस्ट पर चिपकाया पोस्टर, शहर में फैला दहशत

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नवादा जिले के नक्सल प्रभावित कौआकोल थाना क्षेत्र में नक्सलियों एवं

अपराधियों की गतिविधि एक बार फिर से तेज हो गई है।

करीब दो सालों से कौआकोल की जंगलों में नक्सलियों एवं अपराधियों

की समानांतर खेल लगातार जारी रखते हुए पुलिस को खुली चुनौती दे रखा है।

बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा कौआकोल में नक्सलियों के

होने की सूचना को लगातार नकारा जाता रहा है।

पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती

बुधवार की रात्रि नक्सलियों ने भाकपा-(माओवादी) नाम से थाना एवं सड़क निर्माण

कंपनी की वन विभाग की पूरानी डिपो वंशाटांड़ छतवैया स्थित कैम्प से कुछ ही

फ्लांग की दूरी पर अवस्थित शराब की जांच के लिए बनी रानीबाजार पुलिस चेक

पोस्ट पर दो अलग -अलग पोस्टर चिपकाकर माओवादियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कर

पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देने का काम किया है।

चिपकाए गए पोस्टर में सड़क निर्माण एवं पुल पुलिया निर्माण करने वाली कम्पनी को आगाह करते

हुए कहा कि उनकी कमिटी से बगैर पूछे कोई कार्य नहीं करना है यह धमकी भरा संदेश लिखते हुए

कहा ऐसा करने पर कार्रवाई की जाएगी।

जबकि एक दूसरे अन्य सफेद रंग के कागज पर लाल और नीली रंग से लिखे पोस्टर के माध्यम से भाकपा माओवादी

ने देश के युवा-युवती को ललकारते हुए मुक्ति, अधिकार और इज्जत के लिए गुलामी करना छोड़ हथियार उठाने की अपील किया है।

इधर पोस्टर चिपकाने की सूचना मिलते ही गुरुवार की सुबह कौआकोल पुलिस ने घटनास्थल से पोस्टर जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया है।

कौआकोल में खुलेआम इस तरह का पोस्टर चिपका कर नक्सलियों ने अपने आने की सबूत देते हुए पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी है।

इस सम्बंध में कौआकोल के प्रभारी थानाध्यक्ष एके झा ने कहा कि पोस्टर को जब्त कर पुलिस कार्रवाई में जुट गई है।

आपको बता दें कि-

कौआकोल में इस संगठन द्वारा पूर्व में भी कई नक्सली पोस्टर चिपकाकर बड़ी-बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है।

 

राकेश कु. चंदन की रिपोर्ट

Corona की वज़ह से नवादा मंडल कारा में कैदियों से मुलाक़ात पर लगी रोक

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नवादा में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए नवादा मंडल कारा में मुलाकात पर 7 दिनों तक रोक लगा दी गई है।

मंडल कारा महानिरीक्षक के आदेश पर तत्काल रोक लगाई गई है।

गौरतलब हो कि-

इस दौरान बंदियों के परिजन उनसे नहीं मिल पाएंगे।

जेल के भीतर कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं फैल सके इसको लेकर एतिहास बरती गई है।

 

राकेश कु. चंदन की रेिपोर्ट

Nirbhaya Rape Case:- मरता क्या नहीं करता, 8 वर्ष बाद दोषी मुकेश ने किया सनसनीखेज दावा

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आगामी 20 मार्च को होने वाली फांसी से बचने के लिए निर्भया के चारों दोषियों में से

एक मुकेश सिंह ने दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर कर नई चाल चली है।

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में फांसी की सजा पाए दोषी मुकेश ने अपने

वकील एमएल शर्मा के जरिये दिल्ली कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया है कि वह

निर्भया के साथ 16 दिसंबर, 2012 को हुए हादसे के दौरान दिल्ली में ही नहीं था।

उसने याचिका में दावा किया है कि-

उसे (मुकेश) को 17 दिसंबर, 2012 को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था।

ऐसे में वह घटनास्थल यानी दिल्ली के वसंत विहार में मौजूद नहीं था।

इसी के साथ मुकेश ने तिहाड़ जेल में प्रताड़ित करने का भी आरोप लगाया है।

वहीं, मुकेश की याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मुकेश ने चला अब तक का सबसे बड़ा दांव

हैरानी की बात तो यह है कि मुकेश ने यह पैंतरा आगामी 20 मार्च को होने वाली फांसी से सिर्फ 3 दिन पहले चला है।

सवाल यह भी उठ रहा है कि अब तक उसने ऐसी याचिका आखिर कोर्ट में क्यों नहीं दायर की

कि वह घटनास्थल या घटना के दिन दिल्ली में ही नहीं था।

इससे पहले सोमवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने दोषी मुकेश सिंह की उस याचिका को खारिज कर किया।

जिसमें उसने सुधारात्मक याचिका और दया याचिका दोबारा से इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी थी।

उसका कहना था कि-

उसकी पूर्व की वकील वृंदा ग्रोवर ने उसे धोखे में रखकर सुधारात्मक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी, जो खारिज भी हो गई।

मुकेश की मानें तो उसकी वकील ने यह सच भी उससे छिपाया कि सुधारात्मक याचिका दाखिल करने के लिए तीन साल का समय होता है।

यहां पर बता दें कि-

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चौथा डेथ वारंट जारी कर चारों दोषियों (विनय कु. शर्मा,

पवन कु. गुप्ता, मुकेश सिंह और अक्षय) को फांसी देने के लिए 20 मार्च की तारीख तय की है।

तय समय के अनुसार चारों दोषियों को 20 मार्च की सुबह 5:30 बजे फांसी पर लटका दिया जाएगा।

 

Motihari के संग्रामपुर थाना अंतर्गत मारपीट में एक महिला समेत 3 घायल

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मोतिहारी के संग्रामपुर थाना अंतर्गत लाठी द्वारा दो पक्षों के बीच मारपीट हुई।

जिसमें बुरी तरह तीन व्यक्ति घायल हो गए।

घायल व्यक्ति सुबोध ठाकुर, नंदकिशोर ठाकुर, बृज किशोर तीनों का माथा फट गया।

इन तीनों के अलावा एक महिला को भी चोट आई है।

जिसका नाम रिंकी देवी बताया जा रहा है।

चारों को गंभीर चोट लगने से संग्रामपुर हॉस्पिटल में इलाज के लिए लाया गया।

यह घटना मुरली गांव की बताई जा रही है।

नंद किशोर ठाकुर की स्थिति देखते हुए संग्रामपुर पी एच सी द्वारा मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि-

चुनावी रणनीति के तहत यह मारपीट की गई है।

 

आलोक सिंह की रिपोर्ट

Nirbhaya Rape Case:- दोषियों ने फांसी से बचने के लिए अपनाए नए हथकंडे, रुक जाएगी फिर फांसी?

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निर्भया के दोषियों ने फांसी से बचने के लिए फिर एक चाल चली है।

इस बार निर्भया के चार दोषियों में से तीन ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

फांसी की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे निर्भया के दोषियों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।

मौत की तारीख नजदीक आते ही एक के बाद एक नई-नई अर्जियां अलग-

अलगजगह दाखिल कर ये सभी फांसी पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

इस बार चार दोषियों में से तीन विनय, पवन और अक्षय ने इंटरनेशनल कोर्ट का रुख किया है।

कुछ विदेशी संस्‍थाओं ने इसे आइसीजे जाने का निर्णय लिया- एपी सिंह

निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि-

एनआरआइ और उनकी कुछ संस्‍थाएं इस केस पर लगातार नजर रखीं हुई थीं।

संस्‍थाओं ने यह मांग की है कि उन्‍हें इस केस की कापी उन्‍हें दी जाए।

जिसे आइसीजे (इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्‍टिस) के समक्ष रखा जाए।

ताकि डेथ वारंट पर रोक लगाई जाए।

उन्‍होंने कहा कि-

हम तो भारत की न्‍यायिक व्‍यवस्‍था पर पूरा भरोसा रखते हैं।

लेकिन उन्‍होंने इसे आइसीजे जाने का निर्णय लिया है।

आपको बता दें कि-

दिल्‍ली कोर्ट द्वारा जारी डेथ वारंट के अनुसार इन सभी दोषियों को तिहाड़ जेल में 20 मार्च को फांसी होनी है।

फांसी सुबह साढ़े पांच बजे होगी।

इससे पहले भी दिल्‍ली की कोर्ट ने इनके मौत के लिए डेथ वारंट जारी किया था।

मगर हर बार कानूनी दांव पेंच में फंसा कर ये दोषी अपनी डेथ वारंट को कैंसिल करवा रहे थे।

कोर्ट ने इस बार चौथा वारंट जारी किया है।

जिसके अनुसार 20 मार्च को फांसी होनी है।

crime graph in Bihar : नौबत में डेयरी दुकानदार को गोलियों से भुना ।

जनबोल न्यूज

crime graph बिहार में बढ़ता जा रहा है । अभी-अभी बड़ी खबर आ रही है। खबर पटना के नौबतपुर से है।

जहां गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल गया। अपराधियों ने दुकानदार को गोली मारी है।

मामला पटना के नौबतपुर लख पर का है। जहां बाइक सवार अपराधियों ने डेयरी दुकानदार को गोली मारी है।

दो अपराधियों ने दुकान में घुसकर दुकानदार गुड्डू सिंह को गोली मार दी है।

बताया जा रहा है कि बेखौफ अपराधियों ने दुकानदार के सीने में गोली मारी है। गंभीर रूप से घायल डेयरी दुकानदार गुड्डू सिंह को पटना रेफर कर दिया गया है।  मौके पर पुलिस पहुंची है, मामले की जांच की जा रही है।

वारदात के बाद इलाके में खौफ का माहौल है।

बताया जा रहा है कि अपराधियों ने रंगदारी नहीं देने पर इस करतूत को अंजाम दिया है हालांकि अभी तक इस बात पुष्टि नहीं हो सकी है।

sadar hospital nawada नवादा : सदर अस्पताल बना वसूली का अड्डा, नजराना के बीना नहीं होता ईलायज !

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नवादा स्थित सदर अस्पताल में कुव्यवस्था और भ्रष्टाचार का आलम यह है कि स्वास्थ कर्मचारी बिना पैसा लिए कोई काम करने को तैयार नहीं होते है।

अस्पताल में स्थिति यह है कि किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि से भी उन्हें कोई डर नहीं रह गया है।

ताजा घटनाक्रम आज रविवार की है जब इमरजेंसी वार्ड में ड्रेसिंग के लिए एक मरीज से पैसे की मांग कर दी गई।

इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि उस वक्त वहां जिले की नगर परिषद् अध्यक्षा पूनम कुमारी भी मौजूद थी।

कर्मचारी द्वारा पैसे की मांग के बाद जब उन्होंने पूछा किस बात के पैसे मांग रहे है तो उन्हें चुप बैठे को रहने को कहा गया।

घटना के संबंध में बताया गया है कि मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कालो देवी मारपीट के मामले में घायल इमरजेंसी वार्ड में इलाज करा रही थी>

उसी दौरान नगर परिषद के चेयरमैन पूनम कुमारी भी अपने ससुर को इलाज करवाने के लिए सदर अस्पताल पहुंची ।

इलाज के दौरान कालो देवी को पट्टी बदलने के नाम पर अस्पताल के किसी स्टाफ के द्वारा 5 सौ रुपये मांगा गया ।

पैसे की बात सुनकर चेयरमैन ने सदर अस्पताल के स्टॉप से पूछ लिए कि आप किस बात का पैसा मांग रहे हैं ।

स्टाफ ने कहा आप चुपचाप बैठें यह सुनकर नगर परिषद अध्यक्षा पूनम कुमारी आवाक रह गई ।

हालांकि बाद में वह काफी क्रोधित होते हुए इस बात की शिकायत सिविल सर्जन व डीएम को करने की बात कही

नगर परिषद चेयरमैन पूनम कुमारी ने बताया कि सदर अस्पताल में लोगों क़ो बिना पैसा का इलाज नहीं किया जाता है।

ऐसे स्टाफ रहने के कारण सदर अस्पताल का नाम बदनाम हो रहा है ।

उन्होंने कहा कि मेरे सामने ही पट्टी बदलने के नाम पर गरीब महिला से 5 सौ रुपये मांगा गया।

इसकी शिकायत वरीय अधिकारी को करेंगे अगर ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं किया जाएगा तो इसकी शिकायत सीएम नीतीश कुमार से भी करेंगे |

मोतिहारी : 80 लिटर देशी शराब के साथ पाँच गिरफ्तार ।

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बिहार में वैसे तो पूर्ण शराबबंदी है । बाबजूद इसके आये दिन शराब तस्करों द्वारा शराब की हेरफेर आम बात है।

मोतिहारी जिले के संग्रामपुर थाना  ने छापेमारी मे 80 लिटर शराब बरामद किया है।

बरामद शराब देशी है महुए से चुआ कर बनाई बताया जा रहा है।

शराब ले जा रहे पांच लोग को पुलिस ने  गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है गिरफ्तार पांच व्यक्ति मे दो गोबिंदगंज एव तीन व्यक्ति कोइरीगाँवा निवासी है ।

प्रशासन पांचों व्यक्ति को जेल भेजने की तैयारी मे जुटी है।

Reported by

आलोक सिंह

Nawada:- प्रतिदिन लाखों रुपए की प्रतिबंधित लॉटरी का कारोबार करने वाले गिरफ्तार

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नवादा जिले में प्रतिदिन करोड़ों की प्रतिबंधित लॉटरी चोरी-छुपे धड़ल्ले से बेची जा रही थी।

जिले के नगर थाना क्षेत्र के पुरानी बाजार स्थित ठठेरी गली में पुलिस ने एक मकान में

छापेमारी कर लाखों रूपये के टिकट बरामद किया है।

जिसमें तीन धंधेबाजों को हिरासत में लिया है।

छापेमारी दल में शामिल एसआई नरोत्तम कुमार ने बताया कि-

पुलिस को कई दिनों से उक्त इलाके में लाॅटरी टिकट का अवैध कारोबार होने की गुप्त सूचना मिल रही थी।

जिसे गुप्त रखा गया और टीम गठन कर छापेमारी की गई।

जिसमें भारी मात्रा में लाॅटरी के टिकट व नगदी सहित कई महत्वपूर्ण रजिस्टर व अन्य उपकरण बरामद किया गया है।

उन्होंने बताया कि-

छापेमारी के दौरान वहां से झारखंड के रांची निवासी बंसीधर गुप्ता का पुत्र नीतील कुमार तथा

हिसुआ के मो. सुल्तान का पुत्र मो. रूस्तम सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

बताया जाता है कि-

जब्त सभी लाॅटरी टिकट बंगाल के डियर नामक कम्पनी का है।

जो अलग-अलग सिरिज में अंकित है।

जब्त अवैध लाॅटरी टिकटों का मिलान करने में पुलिस जुटी है।

वैसे अनुमान लगाया जा रहा है कि-

जब्त टिकटों का कीमत लाखों रूपये हो सकता है।

पुलिस लाॅटरी के टिकटों के अन्य धंधेबाजों की तलाश में जुटी है।

हिरासत में लिए गये तीनों युवकों से पुलिस अन्य ठिकानों की जानकारी ले रही है।

इसके माफिया की तलाश में भी पुलिस जुटी है।

गौरतलब हो कि-

बिहार में लाॅटरी टिकट पर प्रतिबंध लगाये जाने के बाद चोरी छिपे बेची जा रही।

लाॅटरी टिकटों को लेकर पुलिस ने अभियान शुरू किया है।

इस छापेमारी के बाद लाॅटरी टिकट बेचने वालों में हड़कम्प मच गया है।

 

राकेश कु. चंदन की रिपोर्ट

Delhi Violence :- भड़काऊ बयान देने वालों से संबंधित FIR की मांग पर SC में सुनवाई आज

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दिल्ली हिंसा मामले में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा समेत

अन्य लोगों के खिलाफ भी तत्काल मामला दर्ज करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होगी।

बता दें कि-

उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24-25 फरवरी को हुई हिंसा में 10 पीड़ितों के एक समूह की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि

कथित रूप से इन नेताओं के भड़काऊ भाषणों और बयानों की वजह से उत्तर पूर्वी दिल्ली के आधा दर्जन इलाकों में प्रदर्शन

ने हिंसा का रूप ले लिया।

वहीं, सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से कहा था कि

हम यह नहीं कह रहे हैं कि लोगों को मरना चाहिए।

इस तरह के दबाव से निपटने में हम सक्षम नहीं हैं।

हम चीजों को होने से नहीं रोक सकते हैं।

सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे की पीठ में हिंसा

प्रभावितों की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्विस ने कहा था कि

दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 6 हफ्ते के लिए स्थगित कर दी है।

जबकि रोजाना लोग मर रहे हैं।

ऐसे में यह बहुत अहम मसला है।

Delhi Violence:- शाहरुख गिरफ्तार तो ताहिर अब भी फरार, दिल्ली पुलिस कैसे कर रहीं काम

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संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) को लेकर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बीते माह भड़की हिंसा के दौरान पुलिस

के जवान पर बंदूक तानने वाले और हवाई फायरिंग करने वाला शाहरुख गिरफ्तार कर लिया गया है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शाहरुख को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है।

वहीं, पार्षद ताहिर हुसैन अब भी पुलिस की गिरफ्त से फरार है।

इससे पहले बीते गुरुवार को दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने यह स्पष्ट किया था कि-

कई राउंड गोली चलाने वाला शाहरुख अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

25 फरवरी को यह खबर आई थी कि पुलिस ने शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफाराबाद, गोकलपुरी, मौजपुर, भजनपुरा, करावल नगर आदि

इलाकों में रविवार को नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और विरोध करने वालों के बीच में हिंसक झड़प हुई थी।

जिसके बाद यह हिंसा तीन दिन तक जारी रही।

हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है।

दिल्ली हिंसा में पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल के अलावा,

इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी अफसर अंकित शर्मा की भी हत्या हुई है।

Nirbhaya Rape Case:- नहीं होेगी कल फांसी, दोषियों के डेथ वारंट पर फिर लगी रोक

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दिल्‍ली की कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों के डेथ वारंट पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही अगले आदेश तक चारों दोषियों की फांसी पर रोक लगा दी है।

कोर्ट ने डेथ वारंट पर रोक लगाने के पीछे यह कहा कि-

चारों दोषियों में से एक दोषी पवन की दया याचिका राष्‍ट्रपति के पास लंबित है।

ऐसे में फांसी नहीं दी जा सकती है।

इससे पहले सोमवार को ही निर्भया के 2 दोषियों अक्षय सिंह और पवन कुमार गुप्ता की द्वारा दायर याचिका

जिसमें डेथ वारंट पर रोक लगाने की मांग को पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्भया के चारो दोषी को तीन मार्च को फांसी होनी थी।

इसके लिए पवन जल्‍लाद भी रविवार को पहुंच गया।

वहीं उसने पहुंचते ही सबसे पहले फांसी घर जाकर वहां का हाल देखा।

इसके बाद सोमवार की सुबह से ही वहां फांसी का ट्रायल चल रहा है।

कोर्ट के आदेश के अनुसार निर्भया के चारो दोषी को तीन मार्च को फांसी होनी थी।

फांसी का वक्‍त सुबह छह बजे तय था।

अब राष्‍ट्रपति के पास दया याचिका लंबित होने के कारण कोर्ट ने डेथ वांरट पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि-

जब तक किसी दोषी के पास कानूनी विकल्‍प मौजूद है तब तक उसे फांसी नहीं दी जा सकती है।

इधर, फांसी देने के लिए पवन जल्‍लाद भी रविवार को पहुंच गया था।

वहीं उसने पहुंचते ही सबसे पहले फांसी घर जाकर वहां का हाल देखा।

इसके बाद सोमवार की सुबह से ही वहां फांसी का ट्रायल चल रहा है।

अब कोर्ट के ताजा आदेश के बाद एक बार फिर सारी प्रकिया पर रोक लग गई है।

Patna Police:- मुचकुंद गिरोह के गुर्गे को पुलिस ने फिर धर-दबोचा

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पटना पुलिस के जवान मुकेश कुमार की हत्या करने वाले अपराधी राजकमल को पुलिस ने फिर से धर दबोचा है।

मुचकुंद गिरोह के शातिर गुर्गे राजकमल को इलाज के लिए 15 दिन पहले एनएमसीएच ले जाया गया था।

जहां से वह भाग निकला था।

फरार होने के 15 दिनों बाद भी पुलिस राजकमल को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।

लेकिन वह फेसबुक पर लाइव आकर अपना जन्मदिन मनाते नजर आया था।

जिसके बाद पुलिस हरकत में आई।

पटना पुलिस के जवान मुकेश कुमार की हत्या राजकमल ने मुचकुंद और उज्जवल के साथ मिलकर की थी।

3 दिसंबर 2018 को सिपाही मुकेश नौबतपुर के चेचौल गांव में मुचकुंद और उसके गुर्गों को गिरफ्तार करने गया था।

जहां उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।

हालांकि बाद में पुलिस ने राजकमल को गिरफ्तार कर लिया था।

लेकिन नाबालिग होने की वजह से उसे बाल सुधार गृह में रखा गया था।

15 दिन पहले तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए एनएमसीएच ले जाया गया।

जहां इलाज का पर्चा कटाया जाने के दौरान वह पुलिस की गिरफ्त से निकल भागा।

मुकेश हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुचकुंद को पुलिस एनकाउंटर में पहले ही मार चुकी है।

राजकमल को पुलिस ने नौबतपुर से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक-

राजकमल अब बालिग हो चुका है और उसे जेल में रखा जाएगा।

राजकमल और उसके एक अन्य सहयोगी चीकू पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

पटना पुलिस से बेखौफ राजकमल ने पिछले दिनों अपने साथियों के साथ बर्थडे सेलिब्रेट किया था।

फेसबुक लाइव के जरिए अपने बर्थडे का वीडियो भी शेयर किया।

जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

 

कुन्दन कुमार की रिपोर्ट

Nawada:- सिरदला के एसआई का कमरे में मिला लाश, पुलिस महकमे में मची खलबली

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नवादा के सिरदला थाना के एसआई धर्मेन्द्र कुमार राय का रविवार को उनके कमरे से लाश बरामद की गई।

सिरदला थानाध्यक्ष आशीष कुमार मिश्रा ने बताया कि-

सुबह में धर्मेन्द्र राय को उनकी पत्नी फोन कर रही थी।

लेकिन फोन रिसीव नही हो रहा था।

उनकी पत्नी ने उन्हें फोन किया तब उनके कमरे में देखने गए।

कमरा अंदर से बंद था।

लेकिन उनकी सांसे नहीं चल रही थी।

जल्दी से अस्पताल ले जाया गया जहां एसआई को मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक-

धर्मेन्द्र राय की तबियत काफी समय से खराब चल रही थी।

धर्मेन्द्र राय रोहतास के रहने वाले बताए जाते हैं।

फिलहाल पुलिस आगे की कार्यवाही कर रही है।

 

राकेश कु. चंदन की रिपोर्ट