गोपालगंज में कोरोना के 16 नए मामले के साथ आंकड़ा 80 जा पहुंचा

कोरोना वायरस का कहर गोपालगंज में थमने का नाम नही ले रहा हैं! पुनः आज 16 नए कोरोना पॉजिटिव मामले मिले है जिसमे 15 बरौली प्रखण्ड से तथा 1 सिधवलिया प्रखण्ड का है!

जिले में अबतक कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़कर 80 जा पहुँची है इससे पूर्व में जिले के 18 पॉजिटिव मामले निगेटिव हो कर डिस्चार्ज कर दिए गये है!

वही जिले में अब भी 62 कोरोना पॉजिटिव एक्टिव केस है एक साथ 16 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट धोषित कर दिया है!

 

बताया जा रहा है कि 16 नए मामले जो सामने आया है जिसमे से अधिकतर मरीज गुजरात और महाराष्ट्र से आये हैं इन सभी लोंगो का सैंपल 18 मई को लिया गया था वही इन सभी लोंगो का कोरोना पॉजिटिव रिजल्ट 21 मई को आया है!

प्राप्त जानकारी के अनुसार बरौली प्रखण्ड में इसके पहले कोरोना पॉजिटिव का मामला नही था लेकिन गुजरात, महाराष्ट्र, सूरत तथा अन्य राज्यो से मजदूर के आने के कारण बरौली प्रखण्ड में 15 नए मामले पाये गए है इसके बाद भी अन्य प्रदेशों से आने का सिलसिला जारी है!

गोपालगंज मे एक दिन में 31 कोरोना पोजेटिव मिलने से हड़कंप

गोपालगंज जिले में 18 मई को 31 कोरोना पोजेटिव मिलने के बाद प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया!

लोगों में कोरोना संक्रमण का डर समा गया हैं बताया जाता है कि जिले के सदर गोपालगंज में 21 तथा मांझा प्रखण्ड में 9 कोरोना पोजेटिव मिलाकर कुल 31 कोरोना मरीज आज पोजेटिव पाये गए जिसमे एक महिला (उम्र 22 साल) भी शामिल है!

सरेया वार्ड नम्बर 3 में एक और हजियापुर वार्ड नंबर 8 में दो।

सदर प्रखंड:- मशानथाना में नौ, बाबु विशुनपुर में दो, भैसही में एक, काकड़कुंड में एक, हीरापाकड़ में एक, ओलीपुर में दो, सिहोरवां में एक व अमवा विजयीपुर में एक।

मांझागढ़ प्रखंड:- धर्मपरसा में तीन, छवही तक्की, श्रीरामपुर, भगवानपुर, करवलिया, भरवलिया, छितौनी व केशोपुर में एक-एक। सभी लोगों को क्वारंटाइन सेन्टर पर रखा गया था।

जिले में अबतक कुल कोरोना मरीजो की संख्या 63 जा पहुँची है जिसमे से 18 मरीज पहले ठीक हो चुके हैं

देश से बाहर रहकर जय भीम बोलने वालों को गाली दे रहा ये सख्त….

गोपालगंज जिले के बरौली थाना (ओ पी माधोपुर) के अंतर्गत ग्राम महम्मदपुर नीलामी जिला गोपालगंज बिहार का रहने वाला अभिमन्यु कुमार चौबे ऊर्फ गोलू चौबे ये सख्त भारत से बाहर संयुक्त अरब अमीरात( दुबई) में कार्य करता है!

अभिमन्यु चौबे को जय भीम बोलने वाले से इतनी नफरत है कि जय भीम बोलने वाले समाज मे जितने लोग है सभी के माँ बहन को अश्लीलता भरी गाली का वीडियो बनाकर अपने Facebook id   Https://www.facebook.com/golu.chaubey.94801 पर विडियो डाउनलोड कर जय भीम बोलने वालों को खुलेआम चुनौती देते हुए लोगो तथा देश के प्रथम नागरिक माननीय प्रधानमंत्री तथा गोपालगंज जिला के प्रथम व्यक्ति सांसद महोदय के माँ बहन को भी गाली देने से पीछे नही हैं!

जब फेसबुक से मन नही भरा तो चौबे ने अपने व्यक्तिगत व्हाट्सएप नम्बर 9102079905 से गाली गलौज वाली वीडियो को अपने समाज के लोगों में शेयर कर शाबासी ले रहे हैं!

जब इस बात की जानकारी जय भीम बोलने वाले समाज के लोगो की लगी तो चौबे ने अपने फेसबुक से विडियो को हटा दिया! बताया जाता है कि चौबे 29 सेकेंड के वीडियो में जय भीम बोलने वाले समाज को गाली दे रहा हैं वही दूसरी तरफ जय श्रीराम बोलने का दबाव भी बना राह है!

देश के प्रधानमंत्री भी कभी कभी अपने भाषण तथा अन्य विचार प्रकट करते हुए जय भीम शब्द का प्रयोग करते हैं तथा देश के नामी हस्तियों में जय भीम बोलने वाले की कमी नही है!

देश के प्रधानमंत्री तथा गोपालगंज जिला के माननीय सांसद महोदय जब भी जनता को संबोधित करते हैं तो बोलते है कि देश की जनता मेरे भाई बहन तथा माताएं मेरी माँ समान है!

इस बात से स्पष्ट हो रहा है कि चौबे द्वारा दिया गया गाली समाज के सभी लोगों को दिया जा रहा है!

भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष विकास कुमार ने डाक के माध्यम से थानाध्यक्ष सदर गोपालगंज में प्राथमिक दर्ज करने तथा करवाई की मांग की है वही मोहर मांझी तथा समाज के अन्य लोगो द्वारा  भी माधोपुर ओ पी में तथा आसपास के सभी थानों आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है

समाज के लोगो की मांग है कि समाज मे अश्लीलता तथा गाली गलौज करने वाले चौबे पर सरकार तथा प्रसाशनिक अधिकारी जल्द से जल्द करवाई करे!

 

कोरोना महामारी से निपटने के लिए जनप्रतिनिधि ने हाथ आगे बढ़ाया

Gopalganj – आये दिन देश मे कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही जिससे पूरा देश इस बीमारी से लड़ने के लिए तैयार है तथा लॉक डाउन में अपना सहयोग दे रहा है !

वही दूसरी ओर देखनो को मिल रहा है कि जनता के जनप्रतिनिधि भी इस महामारी से निपटने के लिए सरकार को पूरा सहयोग करते नजर आ रहे हैं!

गोपालगंज जिले के जदयू से सांसद आलोक कुमार सुमन ने अपने एक महीने का वेतन देने की बात कही तो बरौली विधानसभा से राजद के विधायक मो. नेमतुल्लाह ने 25 लाख रुपये तथा जनता दल यूनाइटेड के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार ने 11000 रुपए तथा भाजपा के विधायक मिथिलेश तिवारी ने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की बात कही!

जनप्रतिनिधियों ने अपने फेसबुक पेज के माध्यम से लोगो को इस महामारी से निपटने के लिए सहयोग करने की बात कही तो दूसरी ओर लोगो से अपील किये की लॉक डाउन में अपने घर मे ही रहे बहुत जरूरी काम पर घर से निकले तो लॉक डाउन के दिशानिर्देश का पालन अवश्य करें!

corona psychological effect : कोरोना के कारण कटघरे में खड़ा हुए भगवान ?

जनबोल न्यूज

कोरोना  कहाँ से फैला जवाब सबके पास है।

कोरोना से किस देश में कितने लोग मरे इसका भी जवाब सबके पास है।

कोरोना के कारन कितने दिनों का लॉक डाउन है इसका भी जवाब समझता हूँ सबके पास है ।

लेकिन क्या आपको लगता है कोरोना के कारण पहली बार भगवान बिमार होगए हैं।

क्या आप सोंच सकते हैं भगवान को कोरोना के कारण जन आदलतों में मुजरिम साबित किया जा सकता है।

यदि आपका जवाब नहीं है तो इन सवालों पर गौर फरमाया जाये ?

हम किसी भी धर्म के धर्मालंबी हों दान कहाँ देते हैं अस्पताल में या  भगवान के घर ?

समझता हूँ आपका जवाब जरूर भगवान के घर में होगा यानि मंदीर मस्जिद गिरजाघर , गुरूद्वारा होगा ।

क्या कोरोना का ईलायज भगवान के घर में है? संभवत: आपका जवाब नहीं होना चाहिए।

लेकिन यदि आप कट्टर आस्तिक हैं और जनता कर्फ्यू के दिन से हीं रोज शाम पांच बजे थाली पीटना शुरू कर दिये हैं तो भी

क्या इतनी जानों को एक साथ खत्म करने के एवज में भगवान पर मुकदमा नहीं चलना चाहिए ?

अपने अपने तरिके से लोग उठा रहे हैं सोशल मीडिया पर भगवान के खिलाफ आवाज ?  

खगड़िया के रहने वाली गायत्री पंड़ीत  अपने फेसबूक अकाउंट पर लिखती हैं

वहीं  Harikeshwar Ram  लिख रहे –

किसी भी विपदा से निपटने में ढोंग, पाखंड या किसी धार्मिक मसीहा का कोई रोल नहीं ।

यह पूरी तरह से लोगो की जानकारी , जागरूकता और विपदा से निपटने का प्रतिबद्ध संकल्प का ही रोल ।

यह  मात्र दो  उदाहरण है जो हम अपने मित्रता सूचि से निकाल कर आपसे साझा कर रहे हैं। ऐसे लाखो लोग हैं जो  कोरोना के बहाने भगवान को भी कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

सवाल लाजमी भी है आखिर क्यों  भगवान के आगे पसारे गए हाथ काम नहीं आरहे हैं । अंतत: विज्ञान के सहारे हीं हम जीना पसंद कर रहे हैं?

भगवान और भगवान  और भगवान का बिचौलिया  कटघरे में तो है ।
 

जिलाधिकारी के आदेश को मज़ाक बना रहे है मांस,मछली के दुकानदार…

Gopalganj – जिस तरह से कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा ठीक उसके विपरीत परिस्थितिय बाज़ारो में मांस मछली के दुकानों पर नजर आ रही हैं!

कोरोना वायरस को लेकर गोपालगंज के जिलाधिकारी अरशद अजीज तथा अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर अपने अपने क्षेत्र में कोरोना के प्रति लोगो को जागरूक करने तथा खुले में मांस मछली बेचने पर वालो पर कानूनी कार्यवाही का पाठ पढ़ाया जाता हैं लेकिन कानून के पाठ पढ़ने के बाद अधिकारी न तो कभी अपने क्षेत्र में जांच करते हैं न ही कभी कोरोना वायरस के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगो को जागरूक करते है!

जिसका नतीजा यह निकल रहा है कि प्रखण्ड के आसपास के छोटे छोटे बाज़ारो तथा ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेआम खुले मांस मछली की बिक्री की जा रही तथा सुबह से शाम मांस मछली के दुकानों लोगो की भीड़ लगी रहती है!

जनबोल न्यूज़ के संवाददाता जब बरौली तथा मांझा प्रखण्ड के क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में भम्रण किया तो विशुनपुरा ,कहला, धर्मपरसा सुरवल, बखरौर ,सरेया, माधोपुर, देवापुर, मिर्जापुर, मिल्कीया तथा अन्य बाज़ारो पर खुले में मांस ,मछली,तथा अन्य मिठाईयां  बिक्री की जा रही हैं और आम जनता जम के खरीदारी कर रहे हैं!

नल जल योजना में नपेंगे मुखिया एवं पंचायत सचिव….

Gopalganj – मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के कार्यो में धांधली तथा लापरवाही को लेकर बरौली प्रखण्ड के कहला पंचायत के मुखिया श्रीमती सुनीता देवी तथा पंचायत सचिव पर सरकारी योजनाओं में अनियमितता तथा सरकारी राशि का दुरुपयोग करने के मामले को लेकर दोषी पाये जाने पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय लिया गया हैं!

जिले के जिलाधिकारी अरशद अजीज ने बरौली के बीपीआरओ को करवाई का निर्देश दिया है!

बताया जाता है कि मुखिया तथा पंचायत सचिव पर नल जल योजना , गली नाली योजना के तहत अपने नाम से सरकारी राशि का निकासी कर कार्यो कर योजनाओं का कार्यान्वयन नही किया गया है!

दूसरी तरफ बता दे कि मुखिया तथा पंचायत सचिव पर विभागीय करवाई करके प्रस्ताव भेजने का निर्देश बरौली के प्रखण्ड विकास पदाधिकारी डॉ संजय कुमार को दिया गया है!

Garbage Collection Song :बिहार – तीन दिनों से नहीं बज रहा , गाड़ी वाला आया घर से कचड़ा निकाल

Janbol News

राजधानी पटना समेत बिहार भर में एक गाना रोज सुबह सुना जाता  था । गाड़ीवाला आया घर से कचड़ा निकाल …

कचड़ा क्लेक्शन की यह गाड़ी लोगों के जुबान पर न केवल गाना  चढ़ाने लगा था बल्कि “पटना” स्मार्ट सिटी का सपना भी दिखने लगा था ।

लेकिन पिछले तीन दिनों से बिहार भर में यह गाना नहीं सुना जा रहा है ।

दरअसल नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए को सत्ता में आने के बाद  2007 में सफाई मजदूरों की एक कैटेग्री बनायी गयी थीः

“दैनिक सफाई मजदूर” – काम वही लेकिन जीवन की सुरक्षा की गैरेंटी नहीं  ।

अब हाईकोर्ट के जजमेंट के बाद दैनिक सफाई मजदूर जो तिस दिन काम करके 24 दिन का वेतन उठाते थे की नौकरी छीन ली गयी है।

नौकरी सिर्फ  राजधानी पटना में हीं नहीं बिहार के सभी  नगर निगम , नगर परिषद और नगर पंचायत के तकरीब 50 हजार दैनिक मजदूर 31 दिसम्बर के बाद बेरोजगार हैं।

यह है सफाई मजदूरों की प्रमुख मांग-

दरअसल दैनिक सफाई मजदूरों की नियुक्ति और भुगतान अब तक वार्ड पार्षद किया करते थे।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब यह काम कोई N G O या निजी कंपनी करेगी जिसे सरकारी भाषा में आउटसोर्सिंग कही जा रही है ।

अबतक कई बार सफाई मजदूर जिनकी सेवा 10 साल होगीय थी स्थाईकरण के लिए आवाज उठा चुके हैं।

अब सफाई मजदूर मांग कर रहे हैं कि जितने लोग 40 दिनों तक काम किये हैं उन सब को स्थाई की जाए।

दर असल सरकार और मजदूरों के बीच ठन सी गयी है और बिहार में दैनिक मजदूर के तौड़ पर काम करने वाला न गाड़ी वाला आरहा है न हीं गाना बज रहा है।

 

जनबोल के दिवंगत पत्रकार धर्मेन्द्र कुमार को नम आँखों से श्रद्धा-सुमन अर्पित कर दी गई श्रंद्धाजलि

Janbol News

जहानाबाद के दर्जनो पत्र-पत्रिकाओं एवं जनबोल न्यूज़ में लेखनी के माध्यम से ख्याति प्राप्त करने वाले युवा पत्रकार

ध्रर्मेन्द्र कुमार के असामयिक निधन से जहानाबाद का पूरा साहित्य समाज मर्माहत है।

शुक्रवार को ध्रर्मेन्द्र कुमार के नाम एक श्रंद्धाजलि सभा का आयोजन स्थानीय को-आॅपरेटीव बैंक परिसर में किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता तथा संचालन करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं समाज सेवी संतोष श्रीवास्तव ने युवा पत्रकार धर्मेन्द्र कुमार

के निधन को पत्रकारिता जगत की अपूर्तिणीय क्षति बताई।

उन्होने युवा पत्रकार के कार्यकलाप एवं मधुर व्यवहार की चर्चा करते हुए उसके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।

साथ ही उनके आश्रितों के लिए सामाजिक व्यवस्था से सहयोग के लिए लोगों से आहवान किया।

इस अवसर पर सभी वक्ताओं ने उसके निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया।

कार्यक्रम के शुरूआत स्व0 ध्रर्मेन्द्र के तस्वीर पर पुष्पांजलि की गई।

इस अवसर पर वयोवृद्व पत्रकार हसनैन दिवाना, डाॅ0 एस के. सुनिल, संजय पाण्डे, मुकेश कुमार गौतम, मुशरफ पल्बी, अजित,

वीरभद्र उर्फ गप्पु, साकेत रौशन, अमरनाथ, कृष्ण मुरारी शर्मा, ललित शंकर पाठक, एस के मिर्जा, विक्रमादित्य, वरूण कुमार,

अभिषेक कुमार, रजनीश कुमार, कुमार गौरव, पवन कुमार, मो0 एहतेशाम, इनके अलावे शहर के गणमान्य लोगो में

जदयू के जिलाध्यक्ष चन्देश्वर बिन्द, भाज्युमो के जिलाध्यक्ष निरंजन कुमार बब्लु, दन्त चिकित्सक डाॅ0 रवि,

भाजपा नेता अमरेन्द्र कुमार, जदयू नेता गोपाल शर्मा, पूर्व मुखिया पप्पु शर्मा, अनिल गुप्ता, एकता कुमारी उपस्थित थे।

इस अवसर पर सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रख दिवंगत पत्रकार धर्मेन्द्र कुमार को श्रद्धांजली दी गई।

 

एस एस शशि की रेिपोर्ट

Patna university election result : भूमिहार ब्राहमण का सफाया नही Youtubia मीडिया का जातिवादी आया है सामने।

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव का परिणाम सामने है। कैंडीडेटों की जाति खोज ली गयी है ।

कितने साल पहले कौन बना था अध्यक्ष सबको पता भी है लेकिन मेन स्ट्रीम मीडिया शायद जात पात से उपर उठने लगी है।

मेन स्ट्रीम मीडिया मे कहीं कैंडिडेटों के जाति की चर्चा नहीं है सिर्फ नाम की चर्चा है। पहली बार Youtubia मीडिया ने नग्न जातिवादी सोंच का परिचय दिया है ।

होसकता है VIEWS बढ़ाना मकसद हो या जातिवादी alert जारी करना भी।

दरअसल डेढ़ मीलियन दर्शक बनाये एक घोर जातिवादी चैनल के माध्यम से छात्र संघ के पदाधिकारियों के जाति की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।

शिक्षण संस्थानो में जातिवाद घुसाने की इतनी नंगी कोशिश शायद मीडिया के माध्यम से  पहले कभी नही कि गयी थी।

अजीब वीडंबना है पेट पालने और चैनल चलाने के लिए जिस व्यक्ति के थाली का रोजाना इस्तेमाल किया जा रहा था  वही  थाली में जातिवादी जहर भाी घोला जा रहा है।

विश्वविद्यालय में छात्र अध्यक्ष बनते हैं ब्राहमण , भूमिहार या किसी और जाति संघ के अध्यक्ष नहीं ।

हममें से कोई व्यक्ति जो थोड़ा भी जानकारी रखता हो भाषा का , इतना तो जानता हीं होगा विद्यार्थी पढ़ने वाले को कहते हैं।

पढ़ने वाला हिन्दु हो सकता है , मुस्लिम हो सकता है ब्रहमण हो सकता है , भूमिहार , यादव कोईरी कुर्मी कुछ भी हो सकता है लेकिन सबको छात्र हीं कहा जाता  है।

इसलिए छात्र नेता हीं कहा जाता है  जीते विद्यार्थी को , और जिस कार्यालय में ये छात्र बैठते हैं उन्हे छात्रसंघ कार्यालय नाम दिया गया है।

पूरी प्रक्रिया मे कही भी उनकी जाति नहीं जुड़ता लेकिन ज्ञानि भईया को छात्र नेता में जाति भी दिख रहा है।

मामला साफ है ज्ञानि भईया की जाति पता कर ली जाये छात्र राजनीति के अंदर जातिवाद घुसाने की वजह साफ हो जायेगी।

पटना विश्वविद्यालय के छात्रों से अपील ..

जनबोल न्यूज छात्र राजनीति और छात्र जिंदगी से अभी- अभी निकले विद्यार्थियों का initiative है इसलिए हम समझते हैं हमारा मुद्दा हमारा जाति नहीं हैं।

हमारा मुद्दा एक विश्वविद्यालय मे एक तरह की फिस लाना है । एक कोर्स एक हीं कॉलेज मे Vocational regular दोनों मोड में कैसे  यह ठीक करना है।

कैंपस की सुरक्षा हो यह हमारा मुद्दा है । विश्वविद्यालय को पूर्णत: आवासिय कैसे बनाया जाये  यह हमारा मुद्दा है।

वाणिज्य महाविद्यालय को अपना कैंपस कैसे मिले यह हमारा मुद्दा 1968 से है।

छात्रसंघ के पदाधिकारी  किस जाति बीरादरी से आता है यह जाने बीना आपको हकों के लिए लड़ना है ।

जब विश्वविद्यालय के गरिमा बचेगी तो ज्ञानि बाबा की गरिमा  कुलपति से बदतमिजि भरा सवाल  नहीं करेगी।

फिर यहाँ सब जाति के बच्चे आयेंगे पढ़ेंगे और जो कामके लायक होगा उनको बीना जाति जाने हम विद्यार्थी समुदाय छात्रसंघ पदाधिकारी बनायेंगे भी।

खुसट बुढ़ ज्ञानि बाबा का अपना जातिवादी दौर था इसलिए Youtubia जातिवाद फैला रहे हैं।

सावधान रहिये  विश्वविद्यालय जातिवाद मुक्त हो इसकी हर संभव कोशिश करिये।