AIMIM विधायक राजद में शामिल

Bihar politics : बिहार की राजनीति में भाजपा और राजद के बीच लगातार सबसे बड़ी पार्टी होने का रेस चल रहा है। पिछले दिनों भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल ने  अपने सहयोगी पार्टी मुकेश सहनी के नेतृत्ववाली विकासशील इंसान पार्टी के तीन विधायकों को अपनी पार्टी मे शामिल करवाया था जिसके बाद भाजपा बिहार विधान सभा की सबसे बड़ी पार्टी हो गई थी। भारतीय जनता पार्टी के पास फिलहाल 77 विधायक हैं।

AIMIM के चार विधायक राजद में शामिल हुए  !

बिहार की राजनीति (Bihar politics)  में आज उठापटक का दिन रहा । AIMIM के चार विधायक बिहार की मुख्यविपक्षी पार्टी राजद में शामिल हो गए। AIMIM के चार विधायकों को राजद में शामिल होने के साथ  राजद के कुल विधायकों की संख्या  बिहार विधान सभा में 80 हो गयी है। इसके साथ हीं राजद एकबार फिर बिहार विधानसभा के सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।

कौन-कौन विधायक हुए हैं राजद में शामिल ? 

बिहार AIMIM के पांच में से कुल चार विधायक राजद में शामिल हुए हैं। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल  ईमाम को छोड़ कर बाकी सभी विधायक राजद में शामिल हो गए हैं। राजद में शामिल होने वाले विधायकों में सैयद रूकनुद्दीन अहमद , शहनवाज आलम , मुहम्मद इजहार असफी एंव मुहम्मद अंजार नईमी शामिल हैं।

बिहार विधान सभा की यह है मौजूदा स्थिति ।

राजद में AIMIM के चार विधायकों को शामिल हो जाने के बाद दलीय स्थिति भी बदला है। जहाँ AIMIM के विधायकों की संख्या 5 से 1 पर पहुंच गई है  वहीं राजद के विधायकों की संख्या 76 से 8 पर पहुंच चुकी है।  आइए विस्तार से देखते हैं पार्टियों की विधान सभा में स्थिति

बिहार विधान सभा में कुल विधायकों की संख्या है 243 

  • राजद   -80
  • बीजेपी -77
  • जदयू   – 45
  • कॉग्रेस -19
  • माले    -12
  • हम     -4
  • सीपीआइ-2
  • सीपीएम-2
  • AIMIM -1
  • निर्दलीय-1
udhav thackrey resign

Udhav thackrey resigns : महाराष्ट्र में जारी राजनीतिक उठापटक ने नया मोड़ लिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा दे दिया है। उद्धव ठाकरे ने इस्तीफा की घोषणा अपने फेसबुक लाइव के माध्यम से किया है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा के साथ उन्होने विधानपरिषद पद से भी इस्तीफा दे दिया है।

राज्यपाल ने 30 जून को कहा था Floor test पास करने को।  

उधव ठाकरे की नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की सरकार 50 विधायकों के समर्थनवापसी के कारण अल्पमत में चली गई थी।  जिसके बाद उद्धव सरकार से राज्यपाल  भगत सिंह कोश्यारी ने विधान सभा में 30 जून को 11 बजे बहुमत साबित करने को कहा था।  राज्यपाल के निर्णय के बाद उद्धव सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल के निर्णय पर मुहर लगा दी थी जिसके बाद उद्धव ठाकरे ने इस्तीफे (Udhav thackrey resigns ) की पेशकश की है।

क्या कहा उद्धव ठाकरे ने फेसबुक लाइव ( facebook live ) में  ?

महाराष्ट्रा के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लगभग 16 मिनट के फेसबुक लाइव में अपनी बात रखा है। अपने लाइव के दौरान सहयोगी पार्टी के रवैये और अपने पार्टी के रवैये का जिक्र किया है। उन्होने अपने लाइव में एनसीपी प्रमुख शरद पवार और कॉग्रेस प्रमुख सोनिया गाँधी का आभार जताया है। इसके साथ हीं उन्होने अपने सरकार द्वार किए गए कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी । उन्होने कहा कि जब सांभाजी नगर का कैबीनेट में प्रस्ताव लाया तो एनसीपी और कॉग्रेस के लोगों ने सपोर्ट किया और हमारे लोग नदारद रहे। बागी गूट के नेता एकनाथ शिंदे के बारे में उन्होने कहा कि जिन्हें शिवसेना और बाला साहब ठाकरे ने बड़ा किया उनके बेटे को हीं इनलोगों ने नीचा दिखाया। इसके साथ हीं उन्होने शिव सैनिकों से बागी गूट के लोगों को सकुशल महाराष्ट्रा आने देने की बात कही । उन्होने लोगों से सहयोग की भी अपील की। सहयोग की अपील करते हुए उन्होने कहा मुझे सभी का साथ और सभी का समर्थन चाहिए।

 

Bihar byelection : यूपी चुनाव में 165 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली विकास शील इंसान पार्टी के 3 विधायकों को अपने पाले में करने के बाद मुकेश सहनी को मंत्री मंडल से जरूर हटाने में कामयाब रही है लेकिन इन सब की वजह बनी बोचहां सीट को लेकर अब भी रक्षात्मक मुद्रा में नजर आ रही है। दरअसल विकासशील इंसान पार्टी के कोटे की खाली हुई बोचहां सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने के साथ भाजपा ने उम्मीदवार को जीताने के लिए कुल 40 स्टार प्रचारक उतारने का फैसला किया है।

यह हैं स्टार प्रचारकों की सूचि

स्टार प्रचारकों की सूचि में भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल , सुशील मोदी, उप मुख्यमंत्री रेनु देवी, तारकिशोर प्रसाद के आलाव इन नामों को शामिल किया गया है। भूपेंद्र यादव, हरीश द्विवेदी, नित्यानंद राय, मंगल पांडे, गिरिराज सिंह,रवि शंकर प्रसाद, प्रेम कुमार, राधा मोहन सिंह, नंदकिशोर यादव, अश्विनी कुमार चौबे, नागेंद्र नाथ त्रिपाठी ,भिखूभाई दलसानिया, शाहनवाज हुसैन, राजीव प्रताप रूडी, जनक चमार, सम्राट चौधरी, रामसूरत कुमार, अजय निषाद, डॉ संजय पासवान, राजकुमार सिंह, विवेक ठाकुर, गोपाल नारायण सिंह, ओम प्रकाश यादव, राजेंद्र गुप्ता, मिथिलेश तिवारी ,राधा मोहन सिंह, प्रमोद चंद्रवंशी, पिंकी कुशवाहा, नीतीश मिश्रा, राजेश वर्मा, सिद्धार्थ शंभू, देवेश कुमार, संजीव चौरसिया, सुशील चौधरी, निवेदिता सिंह और लाजवंती झा शामिल है।

इनके बीच है मुकाबला

मुजफ्फर पुर के  बोचहां विधान सभा में होने जा रहे उप चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और राजद के बीच हीं होने की संभावना है। जहाँ राजद की ओर से विकासशील इंसान के दिवंगत विधायक मुसाफिर पासवान के बेटे अमर पासवान राजद की ओर से प्रत्याशी हैं वहीं भाजपा बेबी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है।

chirag paras will unit

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लोजपा में टूट ( ljp crisis ) 12 सितंबर को नहीं दिखेंगे यह तय हो चुका है। दरअसल लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान की बरखी 12 सितंबर को मनाना तय हुआ है। कार्ड पर आयोजकों में जिनका नाम है उसमें कार्ड बांटने वाले चिराग पासवान के साथ-साथ पशुपति पारस और प्रिंस राज  का भी नाम है। कार्ड सभी पार्टियों में बंट गयी है अब कार्ड पशुपति पारस को भी मिला है। पारस ने भी बरखी पर आयोजित हो रहे कार्यक्रम में जाने को हामी भर दिया है। यहीं नहीं पारस ने यह भी कहा कि रामविलास पासवान ( Ramvilash paswan ) की बरखी पर उन्हें आमंत्रण नहीं भी दी जाती तब भी वे जाते। साथ हीं पारस ने चिराग पासावन ( Chirag paswan )  की सराहना भी की है उन्होने कहा है कि ये अच्छी शुरुआत है कि उन्होंने घर आकर कार्ड दिया ।

सियासी पलटन की संभावना भी

लोजपा के अंदर के टूट ( ljp crisis ) के बाद यह पहला मौका होगा जब चाचा भतीजा एक साथ होंगे। मौका है  लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान के बरखी का । सियासी पलटन में माहिर रामविलास पासवान अब भले नहीं हैं लेकिन बरखी पर जिस प्रकार से चाचा भतिजा एक मंच पर पहुँच रहे हैं सियासी मायने भी निकाले जाने लगे हैं। संभावना जतायी जा रही है कि  रामविलास के बरखी के बहाने राजनीतिक मिलन की भी शुरूआत हो सकती है। सवाल हो भी और संभावना जतायी जानी भी चाहिे क्यों न जब टूट के इतने महिने बाद न पारस की कोई पार्टी आयी न हीं लोजपा पर दावे को लेकर कोई संवैधानिक दांव पेंच। हाँ दृष्टि पटल पर जो नजर आया वह है पार्टी की मजबूती की अलग अलग तैयारी । खैर चिराग को जमीन पर भेजा जाना और पार्टी के पुराने लोग को वापस लाने का कवायद शुरू करना चिराग को मजबूती से स्थापित करने का चाल है या सच में राजनीतिक घमासान यह तो आने वाला समय हीं बतायेगा।

jagdanan singh and sushil modi on taliban

जनबोल न्यूज

तालिबान अफगानिस्तान में ज्यादती करने वाला एक तबका है जो अब वहाँ की सत्ता तक पहुँच चुका है। तालिबान समस्या वैसे तो अंतर्राष्ट्रीय समस्या है। बिहार में आकर यह अंतर्राष्ट्रीय समस्या भी अब क्षेत्रिय समस्या बनकर रह गई है। दरअसल राष्ट्रीय जनतादल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह मंगलवार को राजद कार्यालय में पार्टी के सार्वजनिक मंच पर एक भाषण दिया जिसमें उन्होने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ( RSS )  की प्रवृति तालिबानी है। “तालिबान नाम नहीं, एक संस्कृति है. भारत में RSS तालिबानी हैं. ये लोग दाढ़ी काटते हैं। चूड़ी बेचने वाले और पंक्चर बनाने वाले को मारते हैं। इन सबके खिलाफ लालू यादव ने लंबी लड़ाई लड़ी, संघर्ष किया और इसलिए उन लोगों ने कहा- अरबपतियों की खिलाफत करता है, धार्मिक उन्मादियों के खिलाफ है, आडवाणी को गिरफ्तार करता है इसलिए लालू प्रसाद को जेल में डालो’।

जगदानंद के बयान पर पलटवार किये सुमो

राजद ( RJD) के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह द्वारा संघ को तालिबानी कहे जाने वाले भाषण पर भाजपा (BJP) नेता  सुशील मोदी ने पलटवार किया है। लालू-राबड़ी के कुशासन में बंदूक के बल पर अपहरण उद्योग चला, 100 से ज्यादा नरसंहार हुए और महिलाएँ घर से निकलने में डरती थीं। शिक्षा चौपट थी। विकास ठप था। लालू प्रसाद ने अपने दौर में बिहार को आज के अफगानिस्तान जैसा ही बना दिया था। लालू के जेल जाने पर उनकी ‘ खड़ाऊँ सरकार ‘ चलाने वाले जगदानंद को राजद में छिपा तालिबान क्यों नहीं दिखा? राजद के छोटे राजकुमार की इच्छा के मुताबिक काम करने और बड़े राजकुमार से लगातार अपमानित होने के दबाव में जगदानंद मानसिक संतुलन खो रहे हैं इसलिए वे हिंसा में विश्वास करने वाले बर्बर तालिबानियों की तुलना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( RSS) से कर रहे हैं। लालू परिवार की भक्ति, पुत्र मोह और वोट बैंक की राजनीति करने में जगदानंद इतना नीचे गिर जाएँगे, यह किसी ने नहीं सोचा होगा।

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जातिय जनगणा (Caste census) को लेकर बिहार की 11 सदस्यों वाली सर्वदलीय टीम आज प्रधानमंत्री से मुलाकात को PMO कार्यालय पहुँची। प्रधानमंत्री कार्यालय में बिहार के नेताओं का पीएम नरेंद्र मोदी के साथ बैठक हुयी ।  तय समय पर सोमवार की सुबह 11 बजे सीएम नीतीश कुमार के साथ 10 अन्य नेता बैठक में शामिल हुए । पीएम से मुलाकात कर अपना पक्ष रखने के बाद सभी दल के नेताओं ने साझा प्रेस कॉफ्रेंस का आयोजन किया।

सीएम की सर्वदलीय टीम में शामिल  हुए 11 नेता।

जातिय जनगणा ( Caste census)  पर पहले से निर्धारित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सर्वदलीय टीम में कुल 11 नेता शामिल रहे। सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल  में जदयू  और राजद के अलावा कांग्रेस, HAM, VIP, AIMIM, माले, CPI और CPM के नेता शामिल रहे । प्रतिनिधिमंडल में BJP के तरफ से मंत्री जनक राम को भेजा गया है। बैठक में जदयू से शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी, कांग्रेस नेता अजीत शर्मा, CPI (माले) नेता महबूब आलम, AIMIM के अख्तरुल इमान, पूर्व मुख्यमंत्री और हम सुप्रीमो जीतन राम मांझी, VIP प्रमुख मुकेश सहनी, CPI नेता सूर्यकांत पासवान और CPM नेता अजय कुमार शामिल थे। राजद की ओर से तेजस्वी यादव पहले से हीं दिल्ली में मौजूद थे।

बैठक के बात सीएम ने कहा, अंतिम निर्णय पीएम करेंगे

आजादी के बाद  से हीं बहुप्रतिक्षित जातिय जनगणा की मांग पर बिहार के प्रतिनिधि मंडल आज प्रधानमंत्री से बात की। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारी पूरी बात सुनी। सबने जातिगत जनगणना के पक्ष में एक-एक बात कही है। उन्होंने हमारी बात को नकारा नहीं है, हमने कहा है कि इस पर विचार करके आप निर्णय लें ।

पेंड़ पौधे गिने जा सकते तो इंसान क्यों नहीं  -तेजस्वी

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि पेड़-पौधों की गिनती होती है, जानवरों की गिनती होती है तो इंसानों की क्यों नहीं। सरकार के पास स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। किस समाज के कितने लोग हैं। इसकी जानकारी नहीं है। आंकड़ों के आधार पर ही किसी भी काम को किया जाएगा। पहली बार किसी राज्य के सभी पार्टियों ने मिलकर विधानसभा में पारित किया गया जातीय जनगणना कराने के बाद कोई विवाद नहीं होगा। इससे रिजर्वेशन लागू करने में भी मदद मिलेगी। सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी को भी धन्यवाद देता हूं। उन्होंने पूरी बातें सुनी है। अब हम लोगों को निर्णय का इंतजार है।

नीतीश कुमार ने वक्त मांगा था

बताते चलें की जातिय जगणना ( Caste census ) पर अपना पक्ष रखने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था। CM नीतीश कुमार ने पत्र लिखकर PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात का वक्त मांगा था । सीएम के पत्र का जवाब 19 अगस्त को उन्हें प्रधानमंत्री की तरफ से जवाब आया था। पत्र में 23 अगस्त का वक्त दिया गया था।  जिसके बाद आज  पीएम बिहार की सर्वदलीय  प्रतिनिधि मंडल से मिले हैं।

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RJD News : बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के बीच की सियासी कलह अब पार्टी पटल से बाहर भी दिखने लगी है। कल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने जहाँ छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष और तेजप्रताप के चहेते चेहरे आकाश यादव को हटा कर नया प्रदेश छात्र राजद अध्यक्ष गगन यादव को न्युक्त किया था। नियुक्ति के बाद से हीं तेजप्रताप तिलमिलाये हुए है।

जगदानंद पर कार्यवाई चाहते हैं तेजप्रताप

जगदानंद सिंह से विवाद के बाद लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव आर-पार के मूड में है।  छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष आकाश यादव को पद से हटाए जाने के बाद तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और जगदानंद सिंह पर हमला बोला है । तेज प्रताप यादव ने ऐलान किया कि जगदानंद पर कार्रवाई के बाद ही वे पार्टी के किसी  कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होने कार्यवाई के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव से गुहार भी लगाया है। तेजप्रताप सिर्फ यहीं नहीं रूके गुहार लगाने के साथ उन्होने एलान भी किया है कि यदि जगदानंद पर लालू प्रसाद यादव भी कार्यवाई नहीं करते हैं तो पार्टी संविधान को लेकर वे कोर्ट का दरवाजा खट-खटायेंगे।

जगदानंद भी तेजप्रताप के सवाल का दे चुके जवाब

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के बीच के विवाद से संबंधित एक सवाल की जगदानंद सिंह के बेटे ने पार्टी का झंडा तक जलाया था पर जगदानंद ने मीडिया में खुल कर अपनी बात रखी उन्होने कहा अगर उन्होंने पार्टी का झंडा जलाया होगा, उसे सजा मिली होगी. रही बात मेरी तो मैं ही वह व्यक्ति हूं, जिसने अपने बेटे को भी चुनाव हराया है।  मेरे लिए पार्टी विचारा धारा के प्रति प्रतिबद्धता किसी रिश्ते से अहम रही है। आकाश यादव को पद से हटाये जाने के आरोप को उन्होने यह कहते हुए खंडन किया कि वह किसी पद पर नहीं था। इसलिए नोटिस का सवाल ही नहीं उठता है। प्रदेश कार्यकारिणी में नियुक्ति मेरा अधिकार है।अभी मुझे पांच कमेटियां गठित करनी है। छात्र राजद की कमेटी गठित करने में देरी हुई है। जगदानंद सिंह ने संविधान उल्लंघन के आरोप का खंडन पार्टी के संविधान की प्रति पढ़ कर सुना कर किया. कहा कि यह संविधान मेरे लिए सर्वोच्च है ।

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LJP Crisis Updates ; लोजपा के अंदर जारी घमासान से संबंधित बड़ी खबर सामने आ रही है। 5 जुलाई को लोजपा के पारस गुट जहाँ प्रदेश कार्यालय में रामविलास पासवान की जयंति मनाने की तैयारी में जुटी है तो चिराग गुट पहले रामविलास की संसदीय क्षेत्र और अब पारस के संसदीय क्षेत्र हाजिपुर से जयंति के दिन हीं आशीर्वाद यात्रा निकालने की तैयारी में है। दोनों ओर चल रही तैयारी के बीच पारस गुट के मुखिया पशुपति कुमार पारस ने चिराग गुट के मुखिया चिराग पासवान की यात्रा पर तंज कसा है।

चिराग निकालें श्रद्धांजलि यात्रा-पारस

पशुपति पारस आज पटना पहुंचे। पटना एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं ने उनका भरपूर  आवभगत किया। एयरपोर्ट के बाद लोकजनशक्ति पार्टी के पारस गुट के मुखिया पशुपति पारस पार्टी कार्यालय पहुँचे। कार्यालय पहुँच कर उन्होने अपने गुट के नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में उन्होने  पांच जुलाई को लोजपा के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती मनाने को लेकर की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान  उन्होंने अपने समर्थकों से जयंती को ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व बनाने के निर्देश दिये हैं।  चिराग के आशीर्वाद यात्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि चिराग आशीर्वाद यात्रा के बदले श्रद्धांजलि यात्रा करते तो ज्यादा बेहतर होता।  वो अपने संसदीय क्षेत्र जमुई से यात्रा निकालें, हाजीपुर से नहीं।  पारस ने आगे कहा कि उनके निर्णय से लोजपा को नुकसान हुआ है।  पारस के साथ श्रवण अग्रवाल, अंबिका प्रसाद बिनू, ललन चंद्रवंशी, महताब आलम सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।

बताते चलें कि लोजपा के पास संसद में कुल छह निर्वाचित सांसद हैं। एक नाटकीय घटना क्रम (LJP Crisis Updates ) के दौरान पारस ने चिराग पासवान को छोड़ कर बाकि के पाँच सांसदों को लेकर लोकसभा के स्पीकर ओम बिडला से मिले थे और खुद को लोजपा संसदीय  दल का नेता बताया था। तब से लोकजनशक्ति पार्टी में दो धरा हो चला है। एक गुट पारस के साथ है तो दूसरा चिराग पासवान के पास । 5 जुलाई को पहला मौका होगा जब पारस और चिराग दोनों गुट अलग अलग कार्यक्रम लेकर शक्ति प्रदर्शन करेगा।

madan sahni manjhi

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बिहार के नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली दूसरी सरकार के बाद से हीं अफरशाही के राज का आरोप लगना शुरू हुआ था। अब जब चौथा कार्यकाल अभी साल भर भी नहीं पूरा हुआ है तो फिर से सियासी पारा गरम है। इसबार पारा गरम बिहार सराकर में मंत्री मदनसहनी के इस्तीफे ने की फेशकश ने की है। बिहार के राजनीतिक खबर  (Bihar Political News ) में  मदन सहनी के इस्तीफे की पेशकश  गुरूवार से से हीं ट्रेंड कर रहा है। अतिपिछड़ा समाज से आने वाले समाज कल्याण मंत्री  मदन सहनी के इस्तीफे की फेशकश पर शुरू हुई सियासी घमासान में अब जीतन राम मांझी भी आगए हैं।

मदन सहनी का बात सही है – मांझी

बताते चलें कि  हम पार्टी के अध्यक्ष जीतनराम मांझी गुरूवार को दिल्ली से पटना लौटे हैं।  इस दौरान मीडिया ने उनसे कुछ सवाल किये थे।  जिसमें बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी द्वारा लगाया गया आरोप भी शामिल था।  मीडिया ने मदन सहनी के उन आरोपों पर जीतनराम मांझी का पक्ष जाना चाहा जिसमें उन्होंने यह आरोप लगाया है कि बिहार में मंत्रियों की बात अधिकारी नहीं सुनते हैं।  रिपोर्ट के अनुसार, जीतन राम मांझी मदन सहनी के समर्थन में खुलकर उतर गए और इस आरोप को सही ठहराया है कि बिहार में कोई भी अधिकारी मंत्रियों की बात नही सुनता है । मांझी ने कहा कि इस बात को मैने एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में भी उठाया है।  क्योंकि किसी विधायक या मंत्री को अधिकारी कोई तरजीह नहीं देते हैं।

पहले भी रहे हैं मांझी के बागी तेवर

हालांकि मदन सहनी के इस्तीफे की पेशकश बिहार की राजनीतिक खबर (Bihar Political News ) पर मांझी की प्रतिक्रिया है लेकिन ऐसा नहीं है कि  यह कोई पहला मौका  है जब जीतन राम मांझी सरकार को घेरने के मौके से नहीं चुके हैं। सत्ता में साझेदार हम के मुखिया गाहे-बगाहे सरकार को आईना दिखाते रहते हैं। चाहे सरकार के लॉक डाउन के निर्ण से इतर अपनी बात रखनी हो या फिर हम के घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता 5000 देने की बात को सरकार को मनने के लिए कहना हो मांझी सत्ता और विपक्ष दोनों में बराबर नजर आते हैं।

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U P election 2022 ; ओवैसी पर अक्सर भाजपा और संघ के इशारे पर काम करने का आरोप लगता रहता है। जिस तरह से भाजपा आक्रामक हिन्दुत्व की राजनीति करती है, ओवैसी की पार्टी AIMIM भी वैसे हीं आक्रमक मुसलमान की राजनीति करती है। इस वजह से लोग एक दूसरे का पूरक की नजर से देखते हैं। अक्सर सेक्यूलरवाद की राजनीति करने वाली पार्टियां ओवैसी और भाजपा दोनों से खुद को अलग रखती है। लेकिन इस बार ओवैसी पर संघ भाजपा का पूरक होने का आरोप कोई राजनेता ने नहीं  बल्कि यह आरोप एक कलाकार ने लगाया है।

बीजेपी ने Owaisi से यूपी चुनाव के लिए मांगी मदद 

यूपी में 2022 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव (U P election 2022) में अभी लगभग साल भर बाकी है। नेता के अलावा अब अभिनेता भी चुनाव से संबंधित बयान देना शुरू कर दिया है। ताजा मामला केआरके के बयान से जुड़ा है।  कमाल आर खान जो केआरके के नाम से भी मशहूर हैं, आए दिन नए- नए विवादों के कारण चर्चा में रहते हैं।  पिछले दिनों वो मीका सिंह के साथ सलमान खान की फिल्म राधे को लेकर ट्विटर पर वॉर करते नजर आए थे। राधे विवाद मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि एक्टर ने सोशल मीडिया पर यूपी चुनाव और ओवैसी को लेकर ट्विट कर दिया है। कमाल आर खान ने अपनी ट्विट में दावा किया है कि भाजपा ने यूपी चुनाव के लिए असदुद्दीन ओवैसी की मदद मांगी है।  केआरके ने दावा किया है ओवैसी यूपी में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रहे हैं। हर रोज एक समुदाय को गालियाँ देंगे । इससे भाजपा को यूपी चुनाव हिन्दु बनाम मुस्लिम करना आसान रहेगा। यहीं नहीं मीडिया भी हर रोज यूपी चुनाव के समय ओवैसी की न्यूज चलायेगी और आम आदमी को मुर्ख बनायेंगे। गरीब लोग मुर्ख बनाने के इस ट्रिक से खुद को बचा नहीं पायेंगे!

सर्वे कर किया दावा हिन्दु-मुस्लिम का होगा ध्रुवीकरण

भाजाप ओवसी से मदद मांगेगी ताकि  हिन्दु मुस्लिम का ध्रुवीकरण यूपी चुनाव में हो। इसे सही साबित करने के लिए केआरके अपने ट्विटर पर एक ओपेनियन पोल जारी किया जारी किया था। ओपेनियन पोल का रिजल्ट साझा करते हुए केआरके ने लिखा है कि मात्र 45 प्रतिशत लोग मोदी से खुश हैं जबकि 55 प्रतिशत नाखुश । इसका मतलब साफ है कि भाजपा के पास हिन्दु-मुस्लिम करने के अलावा कोई उपाय नहीं है।