गुरुग्राम में फंसे चंपारण,  खगड़िया और मुजफ्फरपुर के 300 से ज्यादा लोगों की मदद के लिए आगे आए समाजसेवी सर्वेश तिवारी

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जनबोल न्यूज
पहाड़पुर, 3 अप्रैल 2020 :  महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन का पालन ज़रूरी है तो जरूरतमंदों के भूख मिटाने का इंतज़ाम भी करना आवश्यक है। इस मुश्किल वक़्त में बाहर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूर जो अपने गांव-घर लौट आए हैं उनका गुजारा तो किसी तरह चल रहा है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती बाहर के शहरों में फंसे ऐसे लोगों के लिए है। लॉकडाउन के कारण उन्हें काम नहीं मिला रहा है, जिससे खाने के लाले पड़े हुए हैं। गुरुग्राम में फंसे चंपारण, खगड़िया और मुजफ्फरपुर के ऐसे 300 जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए स्थानीय समाजसेवी सर्वेश तिवारी आगे आए हैं। सर्वेश तिवारी ने 300 लोगों को 15 दिनों का राशन-पानी उपलब्ध करवाया है। जिसमें आटा, चावल, दाल, तेल, नमक, चीनी, मिर्च, मसाला और आचार समेत अन्य आवश्यक सामाग्री दिया गया है।

दरअसल, गुरुग्राम में फंसे बिहार के ज़्यादातर लोगों के पास राशन कार्ड नहीं होने से वो सरकारी मदद से वंचित हैं। ऊपर से लॉक डाउन के कारण काम नहीं मिलने से दिहाड़ी मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करना भी चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। जिनके पास बचत के कुछ पैसे हैं भी उन्हें भी लॉकडाउन के कारण बाहर जाकर राशन सामाग्री लाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे लोगों के लिए सर्वेश तिवारी का यह सहयोग बहुत मददगार साबित हो रहा है।
गुरुग्राम में फंसे लोगों में से पहाड़पुर के इनरवाभार पंचायत निवासी सलमान ने बताया कि “ मैं और मेरे 40 से अधिक दोस्त गुरुग्राम में फंसे हुए हैं। काम बंद है तो राशन-पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा था। मैंने सर्वेश तिवारी जी को फोन के जरिए अपनी समस्याएं बताई और उन्हें आनन-फानन में हमें 15-20 दिन का राशन उपलब्ध करवा दिया। इस मुश्किल परिस्थिति में परिवार से दूर एक परिवार की तरह हमारे साथ खड़े होने के लिए हम सभी उनका धन्यवाद करते हैं। “
वहीं, लाभान्वित होने वाले पकड़िया निवासी वैद्यनाथ महतो ने बताया कि “मेरे आस-पास के और भी बहुत सारे लोग हैं जिन्हें बाहर जाकर राशन खरीदने में मुश्किल हो रही थी। हमें सरकारी राशन भी नहीं मिल रहा था इसलिए हमने अपने अपने गांव के लोगों की मदद से सर्वेश तिवारी जी से संपर्क किया। उन्होंने हमारे कमरे तक ढेर सारा राशन भिजवा दिया है जिससे अब आराम से अगला 15-20 दिन कट जाएगा। हमारी सारी निराशा खुशी में बदलने के लिए बड़े भाई सर्वेश तिवारी मसीहा बनकर आए हैं।“
सोशल साइट्स के जरिए भी लोग लगा रहे हैं मदद की गुहार :
सर्वेश तिवारी ने चंद रोज पहले सोशल साइट्स पर मदद से संबन्धित पोस्ट किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि गुरुग्राम और देश के अन्य शहरों में फंसे पूर्वी चंपारण लोगों से भोजन और खाद्य पदार्थों के जरूरत के लिए संपर्क करने को कहा था। संदेश के साथ सर्वेश तिवारी ने अपना मोबाइल नंबर भी जारी किया था, जिसके बाद गुरुग्राम समते गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में में फंसे पूर्वी चंपारण के सैकड़ों लोगों ने उनसे मदद की गुहार लगाई। इसके बाद जरूरतमंदों को 15 दिनों का राशन उपलब्ध करवाया गया। सिर्फ पूर्वी चंपारण ही नहीं बल्कि देश भर के शहरों में फंसे बिहार के अन्य जिलों के निवासियों की मदद के लिए भी वह लगातार हाथ बढ़ा रहे हैं।
इस पहल को लेकर समाजसेवी सर्वेश तिवारी ने बताया कि “किसी भी आर्थिक झटके से सबसे अधिक प्रभावित समाज के हाशिये पर रहने वाले लोग ही होते हैं। ये लोग दिहाड़ी मज़दूरी पर गुज़र-बसर करते हैं। इनके पास अचानक आमदनी बंद होने से आई किसी मुश्किल का सामना करने के लिए बचत के नाम पर कुछ नहीं होता है। लॉकडाउन के कारण समाज का यही वो तबक़ा है जो सबसे ज्यादा मुश्किल में है। मेरी कोशिश है कि देश भर में फंसे पूर्वी चंपारण और इसके आस-पास के ऐसे लोगों तक इस मुश्किल समय में मदद पहुंचा सकूँ। “
निर्भया केस समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर कर चुके हैं काम
मालूम हो कि, पूर्वी चंपारण जिले के पहाड़पुर के गांव विशुनपुर मटियरिया निवासी समाजसेवी सर्वेश तिवारी बेहतर समाज निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार के अलावा  हरियाणा में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान, दिल्ली में ‘रन फॉर तिरंगा’ अभियान और ‘चाइल्ड राइट्स’ जैसे अभियानों में असीम योगदान देते रहे हैं। यही नहीं, निर्भया के माता-पिता द्वारा संचालित निर्भया ज्योति ट्रस्ट के महासचिव के रूप में भी उन्होंने निर्भया को न्याय दिलाने और किशोर न्याय बोर्ड के पुनर्गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है
      Reported By
ओमप्रकाश गुप्ता मोतिहार
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