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बख्तियारपुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ लेवल राजद कार्यकर्ताओं की बैठक में स्थानीयपूर्व विधायक राजद श्री अनिरुद्ध कुमार यादव की अध्यक्षता में सैदपुर स्थित आवास पर स्थानीय स्तर पर बूथ लेवल कार्यकर्ताओं की बैठक की शुरुआत हरदासबीघा पंचायत से शुरु की गई.

इस बैठक में उक्त पंचायत के प्रमुख कार्यकर्ताओं से सलाह मशविरा किया गया ताकि राजद संगठन को स्थानीय स्तर पर मजबूत किया जाय और आगामी विधानसभा चुनाव में राजद प्रत्याशी को भारी बहुमत से जिताया जा सके .इस अवसर पर प्रदेश महासचिव श्यामनंदन कुमार यादव, मोहम्मद यूसुफ नगर पंचायत अध्यक्ष राजद बख्तियारपुर, कौशलेन्द्र यादव अध्यक्ष दनियावां राजद, कक्कू शर्मा, रविन्द्र शर्मा, भोनू बिंद, कारू पासवान, सुग्रीब महतो, खुसरूपुर राजद अध्यक्ष अरुण यादव, रमेश चौधरी पूर्व मुखिया, रामयत्न यादव रणजीत यादव झुलस यादव, बजरंगी यादव, सहित लगभग सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे, पूर्व विधायक अनिरुद्ध यादव ने कहा कि राजद को मजबूत करना है और तेजस्वी यादव को बिहार का मुख्यमत्री बनाना है, श्यामनंदन कुमार यादव ने प्रदेश की हालत पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य को बीमारू अवस्था में पहुंचाने वाले नीतीश कुमार को सत्ता से हटाना बहुत जरूरी है और आमजनों के सहयोग से ही संभव है.

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बिहार चुनाव को रोकने के लिए जन अधिकार पार्टी, सभी संवैधानिक विकल्पों को तलाशेगी. नीतीश कुमार, चुनाव को लेकर बहुत ही जल्दबाजी में हैं वो दवाब डाल कर लोकतंत्र को समाप्त करने की कोशिश कर रहे हैं . जिला परिषद् की 12 खाली सीटों और और मुखिया का चुनाव अगस्त में करवाने का फैसला एक आत्मघाती निर्णय है.निर्वाचन आयोग जिला परिषद चुनाव को तत्काल स्थगित करना चाहिए. उक्त बातें जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने पटना में आयोजित प्रेस वार्ता में कही.

पप्पू यादव ने राष्ट्रीय चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा की आयोग, बिहार विधान सभा चुनाव के विषय में हस्तक्षेप करें, अन्यथा मैं इस मामलों को लेकर हाई कोर्ट जाऊंगा . जिला परिषद् और मुखिया का चुनाव , सिर्फ बहाना है , आगामी बिहार विधान सभा के चुनाव को जबरदस्ती करवाने के लिए. यह सरकार तानाशाही की सारी सीमाएं तोड़ चुकी है. जब मात्र 30-40 प्रतिशत लोग वोट करेंगे और 60 फीसदी लोग वोट से वंचित रह जायेंगे इससे लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा.

पप्पू यादव ने कहा कि एनडीए के सहयोगी राम विलास पासवान और चिराग पासवान ने भी कोरोना के कारण आगामी विधानसभा चुनाव स्थगित कर बिहार में राष्ट्रपति शासन की वकालत की हैं. मैं राम विलास पासवान के निर्णय से सहमत हूँ . जन अधिकार पार्टी, हर परिस्थिति में कोरोना और बाढ़ के इस दौर में चुनाव करवाने के खिलाफ है . जन अधिकार पार्टी इस सन्दर्भ में इसी माह 10 लाख पोस्टकार्ड निर्वाचन आयोग को भेजेंगी ताकि चुनाव अभी नहीं करवाएं जाएँ.

कोरोना के बारे में बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कोरोना का प्रभाव था वहां केवल 0.01 प्रतिशत चिकित्सकों का निधन कोरोना से हुआ जबकि हमारे यहाँ 4.4 प्रतिशत (23) डॉक्टर की मौत हुई है. डॉक्टर एसोसियेशन ने ऐसे हालात में साफ़ तौर पर काम करने से मना कर दिया है . यहाँ नेता, डॉक्टर से अच्छा पीपीई किट पहन कर जाते हैं और डॉक्टर और नर्सों को गुणवत्तापूर्ण किट उपलब्ध नहीं होती . कोरोना के जांच की प्रक्रिया को बदलने की जरुरत हैं . प्राइवेट हॉस्पिटल कोरोना के इलाज में 1 से 7 लाख तक रुपये ले रहे हैं.

बाढ़ में जन अधिकार पार्टी के द्वारा 120 जगह खाने की व्यवस्था, 80 स्थानों पर शौचालय की व्यवस्था और लगभग 350 चापाकल और 40 जेनरेटर की गई है. गोपालगंज में एक और पूल के टूटने के बारे में बोलते हुए बिहार में बांध और पूल रोज़ टूट रहे हैं. इसके निर्माण में लगी कम्पनी सिंगला और वशिष्ठा के खिलाफ सरकार जाँच और कारवाई करे. आज जन अधिकार पार्टी में अपनी आस्था व्यक्त करते हुए एल एस कॉलेज, मुजफ्फरपुर की शशि कुमारी सिंह, कहलगांव से नीरज कुमार, मो शफी, धनञ्जय कुमार, पटना पश्चिम से सोनू, धर्मनाथ राय , रणजीत कुमार, औरंगाबाद से अजीत कुमार यादव, रणजीत कुमार, साहबगंज से सुरेश साहनी और दिनेश यादव ने पार्टी की सदस्यता ली. प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक रामचंद्र बाबु, राष्ट्रीय सचिव राजेश रंजन पप्पू, प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश लालू, राजू दानवीर और बिमल महतो उपस्थित थे.

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बिहार प्रदेश के प्रभारी सह राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर श्री रामजी गौतम ने सभी जिला अध्यक्षों के साथ पार्टी के सभी पदाधिकारियों को चुनाव कि तैयारी में लग जाने का निर्देश दिया है। इस बार बसपा दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी और अपनी उपस्थिति दर्ज करायेगी। बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के निर्देश पर बिहार विधानसभा चुनाव को धार देने के लिए युवाओं को भागीदारी देते हुये 160 जोन प्रभारी लगाये गये हैं।

श्री गौतम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिहार में कानुन व्यवस्था समाप्त हो गयी है। यहाँ जंगलराज कायम है। आये दिन हत्या और बलात्कार आम हो गया है यदि बसपा को यहाँ पर सरकार बनाने का मौका जनता देती है तो कानून के द्वारा कानका राज स्थापित किया जायेगा। और इसके साथ ही बसपा का कहना है कि नीतीश कुमार जी को पिछले 15वर्षों से बिहार की जनता ने उन्हें विकाश करने का मौका दिया और उन्हें विकाश पुरूष भी कहा लेकिन उन्हें जनता के साथ विश्वासघात किया आज विकाश पुरूष के विकास की बाते धरी की धरी रह गयी

और आज जनता त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही हैं। बिहार में न रोजगार है न अच्छी शिक्षा की व्यवस्था है स्थास्थ्य व्यवस्था चरमरा गयी है। बिहार में करोना और बाढ़ जैसी विभिषिका ने सरकार के सारे विकास के दावे की पोल खोलकर रख दी है। बिहार कि जनता बहुजन समाज पार्टी को मौका देती है तो बिहार में कानून के द्वारा कानून का राज स्थापित होगा। सभी लोगों को शिक्षा, स्थास्थ्य, रोजगार के अवसर मिलेगें और किसानों एवं मजदूरों के लिए ठोस कार्य योजना बनायी जायेगी इस बार चुनाव में बिहार कि जनता को बसपा तीसरा विकल्प देने को तैयार है।

Cam (गौतम प्रसाद खरवार) कार्यालय सचिव, बसपा बिहार

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बिहार विधानसभा के मद्देनजर भीम आर्मी प्रमुख सह आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान कर दिया है। चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए हमारी पार्टी सभी सीटों पर मजबूत तैयारी कर रही है। इस बार बिहार चुनाव में हमारी भूमिका अहम होने वाली है। वहीं, आजाद ने बिहार टीम की घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जौहर आजाद, प्रदेश प्रभारी रूप में सैयद मसीह उद्दीन, मनोज कुमार भारती, अमर ज्योति जी का निर्वाचन किया गया है।

इस मौके पर नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष जौहर आजाद ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति अपने आभार जताते हुए कहा कि जल्द ही पूरे बिहार में दौरा कर जिला एवं प्रखंड स्तर की समिति बनाई जाएगी। आजाद समाज पार्टी (ASP) इसबार के चुनाव में भीम आर्मी के समर्थन से साम्प्रदायिक शक्तियों को जबर्दस्त शिकस्त देने की तैयारी में है। हमारा विशेष फोकस युवाओं पर रहेगा, क्योंकि कोरोना, बेरोजगारी, खराब शिक्षा व्यवस्था और महंगाई की मार सबसे ज्यादा यही झेल रहे हैं।

संवाददाता सम्‍मेलन में आजाद समाज पार्टी मुख्य चुनाव प्रभारी एम.एल. तोमर, चुनाव प्रभारी राम प्रधान एवं डॉ. मो. आकिब सहित बिहार कमेटी नवनिर्वाचित पदाधिकारी दौलत राम, विद्या यादव, टुल्लू रावत, इम्तेयाज हैदर, मन्नू पासवान, मौलाना अबरार हक काशमी, राजबल्लभ पासवान, पंकज कुमार, नरेश राम, विनय पासवान, सद्दाम हुसैन सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।

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नौबतपुर प्रखंड के अजवा गाव में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष बिपुल कुशवाहा के अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक का आयोजन संगठन में विस्तार के लिए किया गया। वहीं इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय प्रधान महासचिव युवा रालोसपा रहें।

आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव को नजदीक आते देख और बढ़ रहे बिहार राजनैतिक सरगर्मी को देखते हुए सभी पार्टियां अपने अपने संगठन के विस्तार एवं चुनावी तैयारियों को लेकर बैठक का आयोजन कर रही है। इसी बीच आज बिक्रम विधान सभा के नौबतपुर प्रखंड के अजवा गाव में संगठन विस्तार हेतु रालोसपा द्वारा भी एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव युवा मनोजकांत कुशवाहा के साथ साथ अन्य पदाधिकारी राघवेन्द्र कुशवाहा संगठन सचिव बिहार दीपक शर्मा युवा अध्यक्ष पटना एवं अंशु कुशवाहा जिलाध्यक्ष उपस्थित थे।

पटना में भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी ने रश्मि श्रीवास्तव जी को जिला अध्यक्ष का पदभार सौंपा है तथा पार्टी के उम्मीदों पर खरा उतरने की पेशकश की है . इस दौरान लोगों ने उन्हें पार्टी के पटना जिले का जिला अध्यक्ष के पद पर मनोनीत किए जाने पर हार्दिक बधाई दी है अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा ,महासचिव बिहार प्रदेश पंकज सिंह कुशवाहा, प्रवक्ता हरेंद्र पांडे ,राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती सीमा सिंह, सारण जिला अध्यक्ष रूपेश कुमार एवं राष्ट्रीय महासचिव युवा महिला मोर्चा टिया गोयल ने भी हार्दिक बधाई दी है ,

आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में जिला के सभी विधानसभा सीटों पर कार्यकर्ताओं को एकजुट कार संगठन को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई है.  पार्टी का उद्देश्य न रहेगा कोई भूखा ना होगा भ्रष्टाचार और सब को मिलेगा रोजगार आदि शलोगन को आगे रखकर कार्य करने की प्रेरणा दी गई है ताकि विधानसभा चुनाव में विशेष रुप से भागीदारी मिल सके पटना जिले की रश्मि श्रीवास्तव जी इसे चुनौती के रूप में लिया है

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बिहार में कोरोना के महाविस्फोट को देखते हुए बिहार के सिविल सोसाइटी ने आज बिहार विधानसभा का चुनाव स्थिति सामान्य होने तक स्थगित करने की मांग की.चुनाव आयोग को लिखे पत्र में मुख्य रूप से पटना विश्वविद्यालय की इतिहास विभाग की पूर्व अध्य्क्ष प्रो डेज़ी नारायण, ए एन सिन्हा Insitutue के पूर्व निदेशक डी एम दिवाकर, प्रख्यात शिक्षाविद ग़ालिब, किसान नेता राजाराम सिंह, पत्रकार प्रणव कुमार चौधरी, पुष्पराज, विद्यार्थी विकास सहित कई प्रख्यात शिक्षकों, पत्रकारों, रंगकर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं. हस्ताक्षर युक्त कॉपी पर्यावरणविद व सामाजिक कार्यकर्ता रंजीव कुमार ने चुनाव आयोग को जाकर सौंपा.

सिविल सोसाइटी ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिहार में अभी लोगों की जिंदगी की हिफाजत का सवाल नम्बर एक का सवाल है, लोगों की जान की कीमत पर हमें चुनाव मंजूर नहीं. साथ ही यह भी कहा कि चुनाव का वर्चुअल तरीका बड़ी आबादी को मतदान के अधिकार से ही वंचित कर देगा तथा वह सही अर्थों में जनमत का प्रतिनिधित्व नहीं करेगा.

गंभीर होते कोविड संकट के मद्देनज़र बिहार विधानसभा चुनाव स्थगित करने के सम्बन्ध में नागरिक समाज का ज्ञापन

महाशय,

आज पूरा समाज कोरोना महामारी की चपेट में है. दिन-प्रतिदिन इसका प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है. नतीजतन, बिहार सरकार बार-बार लाॅकडाउन लगा रही है. यदि हम डब्लूएचओ की रिपोर्ट की बात करें तो अगस्त-सितंबर तक हमारा राज्य कोरोना के एक बड़े सेंटर के रूप में उभर सकता है. शहरों के साथ-साथ अब गांवों में भी कोरोना विस्फोट होने लगा है. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह अपने कम्युनिटी संक्रमण के दौर में पहुंच रहा है. डाॅक्टर व स्वास्थ्यकर्मी भी लगातार संक्रमित होते जा रहे हैं. बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण स्थिति लगातार गम्भीर होती जा रही है.

दूसरी ओर, कोरोना को रोकने के लिए किए गए लाॅकडाउन ने गरीबों-मेहनकशों की कमर तोड़ दी है और सूबे की अधिकांश जनता भोजन तक का भयावह संकट झेल रही है. लाखों-लाख परिवारों के सामने जिंदगी बचाने का संकट है और वे लगातार एक पीड़ादायक स्थिति से गुजर रहे हैं. आवागमन, अस्पताल, कोर्ट आदि की स्थिति अभी भी सामान्य नहीं हुई है और आने वाले दिनों में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सामान्य होने की कोई संभावना नहीं है.

इन्हीं परिस्थितियों में विधानसभा चुनाव कराए जाने की बात हो रही है. आम चर्चा है कि इस बार चुनाव वर्चुअल तरीके से कराया जाएगा. चुनाव का तकाजा है कि उसमें जनता की व्यापक भागीदारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन महामारी के आतंक और जिंदा रहने की जद्दोजेहद के बीच व्यापक जनता की भागीदारी की गारंटी करवा पाना क्या संभव हो सकेगा? और यदि ऐसा नहीं होता है तो चुनाव अपने संपूर्ण लोकतांत्रिक औचित्य को ही खो देगा और वह महज मजाक बन कर रह जाएगा. सामान्य परिस्थिति में मतदान का प्रतिशत 60-65 से ज्यादा नहीं रहता है. अगर यह घटकर 25-30 प्रतिशत हो जाए तो ऐसे चुनाव को जनमत संग्रह कैसे कहा जाएगा?

विगत दिनों AIPF (ऑल इंडिया पीपल्स फोरम) की पहलकदमी पर पटना के सिविल सोसाइटी का एक वेबिनार हुआ. वेबिनार में यह बात प्रमुखता से उठी कि हमारे देश का लोकतंत्र समावेशी चरित्र का रहा है और वह विभिन्न तबकों की विशिष्टताओं का ख्याल रखते हुए सबको समान अधिकार प्रदान करता है. राज्य में कोरोना बेकाबू हो गया है, और ऐसी स्थिति में यदि चुनाव हुआ तो वह लाशों की ढेर पर कटा-छंटा चुनाव होगा, जिसमें बड़ी आबादी की कोई भूमिका ही नहीं होगी. बिहार की व्यापक आबादी को दरकिनार कर चुनाव कराना असंवैधानिक है. मार्च में पंचायतों के उपचुनाव को कोरोना के नाम पर स्थगित कर दिया गया था, और अभी खुद चुनाव आयोग ने कुछ उपचुनावों को स्थगित कर दिया है, तब विधानसभा चुनाव कराने की हड़बड़ी क्यों है? आज आमलोगों की बात छोड़ दी जाए, अपर सचिव किस्म के लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं. चुनाव में यदि जनभागीदारी नहीं होती है तो चुनाव का कोई मतलब नहीं रह जाएगा.

चुनाव आयोग को न केवल राजनीतिक पार्टियों बल्कि चिकित्सकों, चुनाव के काम में लगने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों और व्यापक जनता से भी राय लेनी चाहिए. कई शिक्षक संगठन व कर्मचारी यूनियन इस महामारी के दौर में चुनाव का विरोध कर रहे हैं और चुनाव कराने में अपनी जान पर संकट देख रहे हैं.

जहां तक वर्चुअल तरीके का सवाल है , यह सत्ता, ताकत और पैसे से संपन्न सत्ताधारी पार्टियों के ही मुफीद होगा और आर्थिक रूप से कमजोर पक्ष की बातें जनता तक आंशिक तौर पर ही पहुंच पाएगी. एकतरफा और सिर्फ सत्ताधारी दल के चुनाव प्रचार से तय है कि जनता गुमराह की जाएगी और सही फैसला नहीं ले पाएगी. इस प्रकार, सत्ताधारी दल पूरे चुनाव को ही हथिया लेने में सफल हो जायेंगे और चुनाव जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ क्रूर मजाक बन कर रह जाएगा. भाजपा-जदयू ने करोड़ों-करोड़ रुपए खर्च करके वर्चुअल रैलियां आरंभ भी कर दी है और यह उन्हीं को ही एकतरफा रूप से फायदा पहुंचाने का हथियार बन जाएगा.

ट्राई के सालाना रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2020 में पूरे भारत में टेलीफोन घनत्व 87.66 प्रतिशत है. वहीं बिहार में यह आंकड़ा राष्ट्रीय आंकड़ा से काफी नीचे महज 53.13 प्रतिशत ही है. बिहार में इंटरनेट का विस्तार महज 37 प्रतिशत है. जाहिर है कि इसका बहुत बड़ा हिस्सा शहरों और संपन्न लोगों के पास है और एक बहुत ही छोटा हिस्सा देहात और आम लोगों के पास होगा. यह मानी हुई बात है कि बिहार की आबादी की 80 प्रतिशत संख्या अब भी गांवों में रहती है. ऐसे हालात में वर्चुअल रैली के जरिए व्यापक जनता तक बात पहुंचाना असंभव है. लिहाज़ा यह लोकतंत्र विरोधी होगा.

चुनाव आयोग का कहना है कि कोराना से बचाव के लिए तमाम चुनावकर्मी पीपीइ का इस्तेमाल करेंगे. लेकिन क्या इतने भर से कोरोना संक्रमण को रोका जा सकता है? मतदान के दौरान बूथों पर भीड़ स्वाभाविक है. सरकार ने अभी तक किसी सामूहिक आयोजन में भागीदारी की अधिकतम संख्या 50 तय कर रखी है. आयोग ने बूथ पर वोटरों की संख्या घटाकर अधिकतम 1000 करने का फैसला किया है. लेकिन क्या यह भी एक बड़ा जमावड़ा नहीं होगा और क्या इसके जरिए कोरोना संक्रमण फैलाव की प्रबल संभावना नहीं बनती है ? जानकारी मिली है कि आयोग अनेक जगह पुराने बूथ में ही नया बूथ बनाना चाहता है. तब कोरोना संक्रमण के फैलाव पर कैसे नियंत्रण हो सकता है?

लक्षण रहित संक्रमित मतदाता से अन्य मतदाता में संक्रमण नहीं फैलने के क्या उपाय किए जाएंगे? सरकारी आंकड़ा कहता है कि बिहार में कुल संक्रमित मरीजों का 92 प्रतिशत लक्षण रहित संक्रमितों का है. क्या संक्रमण बढ़ाने में इनकी बड़ी भूमिका नहीं होगी? कुल मिलाकर वर्तमान स्थिति में चुनाव कोरोना संक्रमण का महाविस्फोट बन जाने को बाध्य है.
इसलिए, चुनाव का वर्चुअल तरीका वास्तविक अर्थों में लोकतन्त्र विरोधी है. लोकतंत्र का मतलब होता है – जनता का, जनता के लिए और जनता के द्वारा. इसलिए कोई भी इस तरह की प्रक्रिया जो समस्त जनता को बराबर का अधिकार न दे सके, उसकी इजाजत कैसे दी जा सकती है?

कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए लोगों की जिंदगी की रक्षा हम सबों की सर्वप्रमुख चिंता होनी चाहिए.

अतः नागरिक समाज की ओर से हमारा आपसे आग्रह है कि राज्य में सामान्य स्थिति बहाल होने तक विधानसभा का चुनाव स्थगित कर दिया जाए.

 

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हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा सेक्युलर की 30 जुलाई को आयोजित की गई है। इस रैली को हम सुप्रीमो सह बिहार सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी संबोधित करेंगे।
हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पांडेय ने वर्चुअल रैली की तैयारी को लेकर बताया कि चुनाव आयोग जब चाहे बिहार में चुनाव करा ले। हमारी पार्टी बिहार में चुनाव को लेकर तैयार है।

उन्होंने कहा कि इस रैली में पूरे बिहार से लोग डिजिटल माध्यम से हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी से जुड़ेंगे। इस रैली के लिए बिहार स्तर पर कार्यकर्ता मोबाइल, लैपटॉप, एलईडी, प्रोजेक्टर एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पार्टी जनता तक अपनी बात पहुंचाएगी । 30 जुलाई को होने वाली वर्चुअल रैली की तैयारी पूरे जोर-शोर से की जा रही है।

रैली को राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी के अलावे पार्टी के प्रधान महासचिव एमएलसी डा० संतोष कुमार सुमन, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद यादव, पूर्व मंत्री अनिल कुमार, पूर्व एमएलसी उपेंद्र प्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष भागवत लाल बैश्यन्त्री के अलावे कई नेता अपनी बातों को जनता तक पहुंचाएंगे ।
पार्टी के मीडिया प्रभारी सह प्रदेश प्रवक्ता अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि वर्चुअल रैली कार्यक्रम के आयोजन के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेश पांडेय को संयोजक तथा लक्ष्मण मांझी एवं टूटू खान को सह संयोजक बनाया गया है।

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भारतीय लोकमत राष्ट्रवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री पंकज कुमार शर्मा जी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस मीटिंग रखा गया .  राष्ट्रीय महासचिव बैदेही शरण सिंह एवं बिहार प्रदेश महासचिव पंकज कुमार कुशवाहा द्वारा बिहार के बेहतर भविष्य लेकर कहा गया कि अगर हमारी पार्टी सत्ता में आती है तो हम इन बिंदुओं पर ही काम करेंगे…
1. गरीब गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में चिकित्सा सुविधा एवं पौस्टिक आहार की व्यवस्था कराना ताकि वो आने वाला बच्चा भविष्य में आने वाली हर तरह की चुनौतियों का डटकर मुकाबला कर सके और हर सुनहरा अवसर का लाभ उठाने के लिए अपने आपको तैयार कर सके

2.नई तकनीक से खेती कराई जाएगी और कृषि को उद्योग का दर्जा दिया जाएगा
3.हर विधान सभा में आई टी आई उद्योग खोला जाएगा
4. फ़िल्म उद्योग लगाया जाएगा
5. बुजुर्गों के लिए स्वर्ग आश्रम खोलकर उनको सम्मान पूर्वक जीवन यापन करने की समुचित व्यवस्था की जाएगी
6.हर जिले में एक कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज,एम बी ए कॉलेज एवं आई टी आई कॉलेज खोले जाएंगे
7. हर विधान सभा में यूपीएससी ,आई आई टी बैंकिंग ,रेल्वे इत्यादि की कोचिंग क्लासेस खोले जाएंगे।
8.हर विधान सभा में एक सौर ऊर्जा का प्लांट लगाया जाएगा
9.हर गांव को तेज रफ्तार से राजधानी से जोड़ा जाएगा
10.हर स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा का पढ़ाई करवाई जाएगी और पुराने कंप्यूटर टीचर को भी बहाल करेंगे
11.हर स्कूल में उच्च शिक्षा गुणवत्ता पूर्वक दी जाएगी।
12.बच्चे को घर से स्कूल और स्कूल से घर लाने की व्यबस्था की जाएगी
13.गांव और शहर में इंटरनेट कनेक्सन और कॉलिंग में ज्यादा मजबूती दिया जाएगा
14.स्मॉल स्केल इंडस्ट्री लगाकर और फ़ूड प्रोसेस इंडस्ट्री लगाकर रोजगार की व्यबस्था कराई जाएगी
15. बिहार राज्य को विश्व के बाजार से जोड़कर बिहार में ज्यादा से ज्यादा निवेश कराकर उद्योग लगाकर लोगों को रोजगार की व्यबस्था की जाएगी। इस मौके हरेंद्र पांडे , विकास सिंह, रूपेश कुमार, समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे!

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आज हिन्दू समाज पार्टी के प्रदेश प्रभारी बाल्मीकि कुमार ने एक प्रेस रिलीज जारी कर के कहा कि बिहार में कोरोना संकट के बीच चुनाव कराना संभव नहीं है. जिसको चुनाव लड़ना है वही बीमार हो रहा है तो क्या चुनाव आयोग खुद चुनाव लड़ेगा. प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण और घट रहे रिकवरी दर को लेकर चिंता प्रकट की है।

श्री कुमार ने मुख्यमंत्री जी से केंद्र को त्राहि माम संदेश भेजने का आग्रह करते हुए कहा कि आपका यह कदम बिहार की जनता के हित में होगा सीवान से लेकर पटना सहित पूरे बिहार में स्थितियाँ आउट ऑफ़ कंट्रोल सी दिख रही है .नालन्दा मेडिकल कालेज में आक्सीजन के सिलेंडर के अभाव में लोग दम तोड़ दे रहे हैं तो सीवान में शहर में सड़क के किनारे एक मृत व्यक्ति का शव 5 से 6 घंटे पड़ा रहता है . क्योकि पी. पी. ई किट उपलब्ध नहीं रहता है आम अवाम दहशत में है ऐसे में नीतीश कुमार पर जो चुनाव कराने का जो भूत सवार है उसको उतार देना चाहिए.

ऐसी परिस्थिति में चुनाव जनता के हित में नही होगा अभी हम सभी को चुनाव लड़ने की तैयारी ना कर मिल जुलकर कोरोना से लड़ने की तैयारी करनी चाहिए अभी के जो हालात है उसमें शासन, प्रशासन, राजनीतिक दल की पूरी ताकत कोरोना से लड़ने में लगानी चाहिए. बाल्मीकि कुमार ने कहाँ की नीतीश कुमार का ये कैसा सुशाशन है की बॉक्सर में दारोगा जी को जनता पिटाई कर रहा है ये कैसे सुशाशन पुलिस है इनके राज्य में भागलपुर मेडिकल कॉलेज में चार दिनों तक सैंपल नहीं लिया गया. सैंपल लेने के लिए परिजन चार दिनों तक गुहार लगाते रहे फिर भी मरीज का कोरोना सैंपल नहीं लिया गया. जब वह मर गया तो कोरोना का सैंपल लिया और मरने वाला कोरोना पॉजिटिव निकला.नीतीश जी बिहार को मौत में झोंककर बिहार विधानसभा चुनाव करबाना चाहते है . बहुत जल्द पूरे बिहार में घूम घूम कर हिन्दू समाज पार्टी नीतीश कुमार का पोल खोलो अभियान चलकर इनके कथनी और करनी के फर्क को बताएगी l