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आज भाजपा जिला कार्यालय में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश अस्थाना ने एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक महामारी से अभी हम जूझ ही रहे थे कि बाढ़ की विभीषिका से दोचार होना पड़ा। इस कठिन समय मेंसांसद मोतिहारी राधा मोहन सिंह ने मोतिहारी लोकसभा क्षेत्र के सभी बाढ़ प्रभावित प्रखंडों का स्वयं दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई।

सांसद मोतिहारी सह पूर्व कृषि मंत्री राधामोहन सिंह के नेतृत्व में हमारे कला,संस्कृति मंत्री,बिहार सरकार प्रमोद कुमार,कल्याणपुर विधायक सचिन्द्र सिंह,पिपरा विधायक श्यामबाबू यादव,हरसिद्धि में कृष्णनंदन पासवान,गोविन्दगंज में सुनील मणि तिवारी एवं केसरिया में रामशरण यादव के साथ पार्टी कार्यकर्ता लगातार सेवा कार्य में लगे रहे।उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी का मूल मंत्र सेवा ही संगठन है,और इस मंत्र को कार्यकर्ताओं ने सिद्ध भी कर दिया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना के विरुद्ध हम पूरी मुस्तैदी से लड़ रहे हैं और अपेक्षाकृत सफल हो रहे हैं।अन्य विकसित देशों के मुकाबले हमारे देश में मृत्यु दर काफी कम है।

श्री अस्थाना ने कहा कि बाढ़ के संकट काल में सरकार के स्तर पर संवेदनशील तरीके से बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत कार्य किये गए,इसके लिए सरकार बधाई की पात्र है।सरकार द्वारा चलाये गए सामुदायिक किचेन के एक समय तक चलने के बाद बंद हो गए।उसके बाद एक ओर जहां चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह आयोजन समिति द्वारा सामुदायिक किचेन संचालित हो रहे हैं वहीं दोसरी तरफ सांसद मोतिहारी के सौजन्य से उपलब्ध कराए गए सूखे खाद्य सामग्री का वितरण लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार ने किसानों की परेशानियों का ख्याल करते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की छठी किस्त की राशि 17 हजार करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेज दी गई है।लगभग डेढ़ साल के अंदर अबतक किसानों के खाते में एक लाख 2 हजार करोड़ की राशि भेजी जा चुकी है।एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चरल फंड के रूप में प्रधानमंत्री ने एक लाख करोड़ रुपये का फंड जारी कर दिया है।इस राशि से किसानों को 10 वर्षों तक वित्तीय सहायता प्राप्त होगी।कोल्ड स्टोरेज, वेयर हाउस,साइलो,ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग यूनिट लगाकर किसान इसका लाभ लेंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी किसानों बीके बाढ़ में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए आंकलन करा रही है।साथ ही सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों के खाते में भी छह हजार रुपये भेजे जा रहे हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता द्वय अरुण कुमार गुप्ता एवं संजीव सिंह सहित मीडिया प्रभारी गुलरेज शहजाद उपस्थित थे।

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आम आदमी पार्टी पूर्वी चंपारण के कार्यकर्ताओं ने सोशल दूरी का ख्याल रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में एक दिवसीय धारणा करके वर्तमान सरकार के गलत नीतियों का विरोध किया और प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा और सहायता देने की मांग की।

प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना भाई ने कहा कि पूरा बिहार कोरोना से लेकर बाढ़ की पानी से त्रस्त है और सरकार अपने कुर्सी के चक्कर में पड़ी हुई है। बिहार में हर साल की तरह इस साल भी बाढ़ की प्राकृतिक आपदा के साथ साथ सरकारी कुव्यवस्था से मानव निर्मित बाढ़ से ग्रस्थ है। बिहार के ग्रामीण इलाकों से लेकर कुछ जिलों में शहरी क्षेत्र भी प्रभावित हुए है।

बाढ़ के दायरे को कम करने के बजाए सरकारों की विफलता और भ्रष्टाचार कि वजह से बाढ़ हर बार पिछले इलाको को छोड़ कर नए इलाको तक मे प्रवेश कर रहा है। वही मोतीहारी विधानसभा के प्रभारी मनोज प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि राज्य के छोटी से लेकर बड़ी पल पुलिया टूटते जा रही है जिससे गाँव से गाँव का और शहर का संपर्क टूटते जा रहा है। सरकार एक नाव तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। नदियों के बढ़े जलस्तर से बिहार के 16 जिले के कुल 124 प्रखंडों की 1,199 पंचायतें प्रभावित हुए है। वही प्रदर्शन करने वालों में ज़िला अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, अल्प संख्यक अध्यक्ष सकिल अहमद , नगर अध्यक्ष रवि प्रकाश , सुजीत कुमार , वकील सिंह आदि सक्रिय कार्यकर्ताओं ने धारणा किया ।

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भारतीय लोकमत पार्टी राष्ट्रवादी ने  प्रेस रीलिज जारी कर कहा. बिहार अभी करोना की मार से परेशान था . उस पर बाढ़ जो हर साल आती है. मानो बिहार का कोई त्योहार हो ..फिर भी सरकार बाढ़ का कोई स्थाई निजात बिहार की जनता को नही दे सकी . दुर्यभाग्य है बिहार का हांलाकि  बिहार के मुखिया नीतिश कुमार खुद इंजीनियर है। फिर भी बिहार मे पुल लागातार टुट रही है। एक नही कई बार बिहार मे पुल टुटा  ,आखिर क्यों?

बिहार मे बाढ़ के नाम पर लूट बंद हो , 15 सालों मे बिहार को विकास के नाम पर ठगने काम कर रही है ,यहां कि वर्तमान सरकार ,अब जनता भी सब समझ चुकी है। समय आने पर जनता जरुर जवाब देगी।उक्त बाते भारतीय लोकमत पार्टी राष्ट्रवादी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज कुमार शर्मा ने कहा ।

साथ ही सारण जिला अघ्यक्ष रुपेश कुमार ने कहा नीतिश कुमार सिर्फ लोगो को डिग्री देते है। बिहार मे कही भी किसी क्षेत्र मे विकास नही हुआ है। हमे तो लगता है। उनका डिग्री भी फर्जी है । हम ऐसा इस लिए कह रहे है । क्यो यदि जो इंसान इंजिनियर हो , उसके राज मे पुल पर पुल टुट जाए । तब तो भाई इंसान का डिग्री सक सवाल के घेरे मे जरुर होगा। इस बार मिथिलांचल का दरभंगा और मुजफ्फरपुर में बहने वाली कई नदियां बूढ़ी गंडक का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। दरभंगा के केवटी में महाराजी बांध बुधवार को पांच बार टूटने से तबाही मच गई है।

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सिर्फ हवाई सर्वेक्षण करते हैं। वो कभी जमीन पर उतरकर आम जनता की परेशानियों को कभी समझने की कोशिश नहीं करते। सरकार को जनहित में बाढ़ पर पैसे खर्च करने चाहिए। नीतीश कुमार एक पॉलिटिकल गैम्बलर है। पिछले दो महीनों से वे अपने घर से नहीं निकले है। बाढ़ पीड़ितों का हाल जानना है तो हवाई सर्वेक्षण छोड़ पानी में जाना चाहिए। बाढ़ के नाम पर सरकारी लूट मची हुई है। सरकार को बाढ़ पर श्वेत पत्र लाना चाहिए। उक्त बातें जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कही।

जाप सुप्रीमो ने कहा कि बिहार सरकार ने एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाकर जनता के साथ धोखा किया है। पूरे सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष राजनीति करते रहें। किसी ने बाढ़ और कोरोना की समस्याओं को नहीं उठाया. इस दौरान मुख्यमंत्री को हर बाढ़ प्रभावित परिवार को 20 हज़ार रुपए देने की घोषणा करनी चाहिए थी, मुफ़्त राशन और बिजली बिल माफ़ करने की घोषणा करनी चाहिए. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

पप्पू यादव ने आगे कहा कि बिहार के 14 जिलों में 60 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में न मेडिकल टीम की तैनाती की गई है और न ही भोजन, साफ पानी और शौचालय की व्यवस्था है। शौचालय न होने के कारण महिलाओं को सबसे ज्यादा समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

बाढ़ का जिक्र करते हुए जाप अध्यक्ष ने कहा कि सभी एमएलए, एमपी, मंत्री अपने-अपने घर में कैद है। उन्हें जनता के बीच जाकर देखना चाहिए कि वे किस परिस्थिति में रह रहें हैं। बाढ़ भ्रष्ट नेताओं और अधिकारियों के लिए दुधारू गाय है। बांध जान बूझकर तोड़े जाते हैं और फिर फ्लड फाइटिंग के नाम पर आम आदमी का पैसा लूटा जाता है। आपदा और सिंचाई विभाग के मंत्री को बर्खास्त करना चाहिए और उनके संपत्ति की जांच होनी चाहिए।

कोरोना पर पप्पू यादव ने कहा कि रोज़ कोरोना वायरस से मौतें बढ़ती जा रही है। हेल्थ सेक्रेटरी को बार-बार बदला जा रहा है। इससे साफ पता चलता है कि हेल्थ डिपार्टमेंट में सबकुछ ठीक नहीं है। हम बिहार की जनता जो समस्याओं से निजात दिलाकर रामराज की स्थापना करेंगे।

इससे पहले जनता दल (सेक्यूलर) के मुंगेर अध्यक्ष वीरू कुमार भगत ने अपने 200 साथियों के साथ, भागलपुर के पैक्स अध्यक्ष पंकज कुमार, ललित कुमार महतो, मुन्नी देवी, सोनी कुमारी अशरफ अली, विशाल, सूरज कुमार समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जाप की सदस्यता ली। इस मौके पर जनता राज विकास पार्टी के अध्यक्ष रंजन कुमार यादव ने अपने पार्टी का विलय जाप में किया।

इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू, प्रदेश उपाध्यक्ष अवधेश लालू उपस्थित रहें।

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बिहार में बाढ़ से अब तक 60 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं। जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव पिछले एक महीने से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। वो आम जन की बात सुनते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी कदम उठाते हैं।

इसी क्रम में पप्पू यादव बुधवार को मुज़फ्फरपुर पहुंचे। वहां उन्होंने पारु विधानसभा अंतर्गत मंगूरहिया पंचायत निवासी जोधन मांझी के परिवार से मुलाकात की तथा दस हजार रुपये की आर्थिक मदद की। पिछले दिनों जोधन मांझी की मौत बाढ़ के पानी में डूबने से हो गई थी।

जाप अध्यक्ष ने कहा कि जोधन मांझी की मौत के बाद उनके परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट गया है। उनके दस बच्चे हैं जो भूख से परेशान हैं। आज मैंने उनके परिवार से मुलाकात की तथा ढाढस बांधा। जोधन की मौत सरकार की विफलता का प्रमाण है।

आगे उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त इलाकों में रोज़ आम जनता मर रही हैं। उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। ना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्थिति का जायजा लेने जाते है और ना ही उनके कोई मंत्री। सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार का इंतजाम नहीं किया गया है।

पप्पू यादव ने राज्य सरकार से अपील किया कि सभी बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल रूप से मुफ्त राशन मुहैया करवाया जाए तथा प्रत्येक परिवार को 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाये।

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जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने कंकडबाग में केंद्रीय विधायलय इलाके में 500 परिवारों के बीच राशन बांटा। वे कंकड़बाग में रहने वाले गरीब लोगों के बीच पहुंचे और उनसे उनका हाल जाना। राशन किट में चावल, आलू, नमक, तेल और मसाले दिए गए।

राशन वितरित करने के बाद उन्होंने कहा कि लॉकडाउन ने गरीब और दिहाड़ी मजदूरों की कमर तोड़ दी है। सरकार ने इन्हें इनके हाल पर छोड़ दिया है। नीतीश कुमार बड़े-बड़े दावे करते है लेकिन जमीन पर कुछ नहीं करते। आम आदमी रोज़ परेशानियां झेल रहा है। इस राज में गरीबों का जीना दुश्वार हो गया हैं।

पप्पू यादव ने आगे कहा कि केंद्र सरकार ने खाद्य निगम के भरे पड़े अनाज के गोदामों का उपयोग अच्छी तरह से नहीं किया।सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में राशन नहीं मिला। एक किलो चना देने की भी बात कही गई थी लेकिन आज तक किसी को नहीं मिला।

केंद्रीय विधायलय कंकड़बाग में राशन वितरण के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजेश रंजन पप्पू ने कहा कि हमारी पार्टी लॉकडाउन के शुरूआत से ही जनहित कार्यों में लगी हुई है। हम आगे भी गरीबों, मजदूरों और वंचितों के लिए कार्य करते रहेंगे। केंद्रीय विधायलय कंकड़बाग इलाके में रहने वाले गरीब लोंगों के पास दो वक्त के भोजन का इंतजाम नहीं था। राजेश रंजन पप्पू ने कहा कि मैं कुम्हरार विधानसभा इलाके के एक एक गरीब परिवार के पास जाऊंगा और उन्हें राशन सामग्री दूंगा।

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बिहार राज्य में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की कुल 23 टीमें राज्य के 14 जिलों में तैनात की गई है। 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को एनडीआरएफ टीमों द्वारा मुख्य रूप से सारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिले में रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर बाढ़ आपदा में फँसे लोगों सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया। अन्य तैनाती जिलों में एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ बाढ़ वाले इलाके में मोटर बोट से लगातार रेकी कर रही हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तुरन्त मदद किया जा सके। साथ ही सभी टीमें बाढ़ की स्थिति पर भी नजर बनाये हुए है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने आगे बताया कि अब तक बिहार राज्य के बाढ़ प्रभावित सारण, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, दरभंगा और सुपौल जिलों में प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने 10,700 से अधिक बाढ़ आपदा में फँसे लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

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माननीय मंत्री, कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार डॉ० प्रेम कुमार ने कहा कि वर्षों बाद इस वर्ष राज्य में समय पर वर्षा हुई है। इस वर्ष जुलाई माह में राज्य में सामान्य से अधिक वर्षा होने तथा नेपाल से बिहार के सीमावर्ती जिलों से गुजरने वाली नदियों में पानी छोड़ने के कारण 19 जिलों यथा सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, खगड़िया, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णियाँ, अररिया तथा कटिहार के कुल 215 प्रखण्डों में आई बाढ़ से खरीफ फसल प्रभावित हुआ है। प्रारम्भिक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 766729 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसल प्रभावित हुआ है। सरकार द्वारा पानी के निकल जाने के बाद किसानों को खड़ी फसलों के वास्तविक नुकसान के अनुसार नुकसान की भरपाई आपदा प्रबंधन के द्वारा तय मानकों के अनुसार किया जायेगा।

माननीय मंत्री ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सरकार द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ राहत कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ आपदा पीड़ितों को राहत प्रदान करने में तत्पर है। बाढ़ राहत कार्यों के लिए जो भी किया जाना आवश्यक होगा, किया जायेगा। बाढ़ राहत कार्यों में धन की कमी आड़े नहीं आयेगी, क्योंकि हमारी सरकार का मानना है कि सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीडितों का है।

डॉ० प्रेम ने कहा कि बाढ़ राहत कार्यों में आम जनों के साथ-साथ पशुओं/पक्षियों का भी पूरा-पूरा ख्याल रखने का निदेश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। पर्याप्त मात्रा में पशुओं के लिए चारा, आवश्यक दवा तथा पशु चिकित्सकों की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सरकार द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों में पशुओं के लिए शिविर लगाया गया है तथा इसके साथ ही, बीमार पशुओं की चिकित्सा की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी निकलने के बाद फसलों के वास्तविक नुकसान का भी आकलन किया जायेगा तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार समुचित क्षतिपूर्ति हेतु सहाय्य राशि उपलब्ध कराया जायेगा।

डॉ० कुमार ने कहा सरकार इस मुसीबत की घड़ी में बिहार की आमजनों के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित सभी व्यक्तियों को सरकार द्वारा हरसम्भव सहायता उपलब्ध कराया जायेगा।

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प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सीबीएसई बोर्ड को एफीलिएशन और अपग्रेडेशन की तिथि बढ़ाने की मांग की। श्री शमायल अहमद ने कहा कि पूरा देश कोविड-19 की चपेट में है देश में इसका फैलाव काफी तेजी से हो रहा है। सभी शिक्षण संस्थाने बंद है, सरकारी कार्यालय भी बहुत कम ही कर्मचारियों के साथ खुल रहे हैं, और सभी का फोकस कोविड-19 महामारी से लड़ने में है।

वही बाढ़ की विभीषिका भी कहर बरपा रही है। देश के कई राज्यों में वर्षा एवं बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गया है, जिस कारण शैक्षणिक संस्थान में कार्य करने वाले कर्मी विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं। इस बीच सीबीएसई बोर्ड के द्वारा फ्रेश एफीलिएशन के लिए लिंक को बंद कर दिया गया है। जिस कारण से कई विद्यालय आवेदन करने से चूक गए हैं। सीबीएसई बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव से प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन मांग करती है कि 15 दिनों के लिए एफीलिएशन के डेट को आगे बढ़ाया जाए, ताकि छुटे हुए विद्यालय भी आवेदन कर सके, और बच्चों के भविष्य को बर्बाद होने से बचाया जा सके।

 

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जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव पिछले एक महीने से ज्यादा समय से उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं तथा लोगों की परेशानियों को सुन रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को पप्पू यादव मुज़फ्फरपुर पहुंचे। मुज़फ्फरपुर के बोचहां प्रखंड के आथर गांव में उन्होंने बिग बॉस सीजन 12 के फाइनलिस्ट दीपक ठाकुर से मुलाकात की।

दीपक का गांव बाढ़ में डूब चुका है। जाप अध्यक्ष ने दीपक के साथ पूरे गांव के हालात का जायजा लिया तथा ग्रामीणों से बात की। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने गांव में “पप्पू राहत शिविर” बनाने की घोषणा की। शिविर बनाने के लिए पप्पू यादव दीपक ठाकुर को 50,000 रुपए की आर्थिक मदद करेंगे ताकि बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद की जा सके। पप्पू यादव ने दीपक ठाकुर से कहा कि आप यंहा पर राहत शिविर लगाइए खर्चा मैं दूंगा।

बिहार सरकार की अनदेखी से नाराज दीपक ठाकुर ने कहा कि मैनें बिहार के लिए नाम किया हैं। मैं अपने गांव की बाढ़ समस्या को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर तमाम बड़े नेताओं से मदद मांगी। लेकिन किसी ने हमारी एक नहीं सुनी। हमारे आथर गांव के लिए पप्पू यादव ने जो सहयोग किया हैं । हम इसे कभी नहीं भूलेंगे। आज बिहार को पप्पू यादव जैसे नेता की जरूरत है। दीपक ठाकुर ने कहा कि जब-जब बिहार में आपदा आती हैं पप्पू यादव मजबूती के साथ जनसेवा में लग जाते हैं।
पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ के इलाकों में कोई सरकारी राहत कैंप नहीं लगाया गया है। 40 लाख से अधिक लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं। सरकार की तरफ से इन्हें न अनाज मिल रहा है और न ही कोई आर्थिक मदद। जद(यू) और भाजपा के नेता इन लोगों को छोड़, चुनाव की तैयारियों में लगे हुए हैं।

जन अधिकार पार्टी द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी ने विभिन्न जिलों में राहत शिविर लगाया है। इन कैंपों में उन सभी लोगों की सहायता की जा रही हैं जिनका घर डूब गया है और अब रहने का कोई आसरा नहीं है। लोगों को भोजन और अन्य जरूरी वस्तुएं मुहैया कराई जा रही हैं।