जनबोल न्यूज

बिहार राज्य में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ की कुल 23 टीमें राज्य के 14 जिलों में तैनात की गई है। 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को एनडीआरएफ टीमों द्वारा मुख्य रूप से सारण, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जिले में रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर बाढ़ आपदा में फँसे लोगों सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया गया। अन्य तैनाती जिलों में एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ बाढ़ वाले इलाके में मोटर बोट से लगातार रेकी कर रही हैं ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तुरन्त मदद किया जा सके। साथ ही सभी टीमें बाढ़ की स्थिति पर भी नजर बनाये हुए है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने आगे बताया कि अब तक बिहार राज्य के बाढ़ प्रभावित सारण, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, दरभंगा और सुपौल जिलों में प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने 10,700 से अधिक बाढ़ आपदा में फँसे लोगों को रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

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अंधेरा कितना भी घना हो, जिन्दगी बचाने का जज्बा रोशनी बन जाता है – इन चन्द पंक्तियों को वर्तमान बिहार बाढ़ आपदा में एनडीआरएफ के बचावकर्मी चरितार्थ कर रहे हैं। बिहटा (पटना) में स्थित 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि विगत गुरुवार/शुक्रवार के देर रात दरभंगा जिले में तैनात एनडीआरएफ टीम को हनुमान नगर प्रखंडतर्गत बाढ़ से घिरे पंचोभ गाँव में मुसीबत में फँसी एक गर्भवती महिला को सहायता के लिए बुलाया गया। परिवार के लोग किसी अनहोनी के डर से भयाक्रान्त थे। गाँव के चारों तरफ पानी ही पानी।

ऐसे में एनडीआरएफ की एक 09 सदस्यीय रेस्क्यू टीम जिला प्रशासन के समन्वय से अपने कर्तव्यनिष्ठा का निर्वहन करते हुए बिना समय गँवाये रेस्पांस किया और उस विकट अँधेरी रात में लगभग 10 किलोमीटर बोट चलाकर पीड़िता के गाँव पहुँची। फिर गर्भवती महिला काजल मिश्रा (24 वर्ष) को उनके परिजनों के साथ बाढ़ के पानी से घिरे पंचोभ गाँव से सुरक्षित निकालकर देर रात लगभग 10 बजे हनुमान नगर (दरभंगा) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुँचाने में मदद किया। अस्पताल पहुँचने के बाद गर्भवती महिला और उनके परिजनों ने चैन का सांस लिया।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के माँग पर पटना जिले में तैनात एक टीम को सारण जिले के अमनौर प्रखण्ड में तैनात किया गया है। अब सारण जिले के पानापुर, तरैया और अमनौर प्रखण्डों में एनडीआरएफ की कुल 04 टीमें बाढ़ राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है। शुक्रवार को सारण जिले में गंडक नदी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित बाढ़ इलाके में एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर 600 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया इसमें बच्चे, बीमार, और गर्भवती महिलाएं शामिल है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि अब तक बिहार राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर एनडीआरएफ के कार्मिकों ने 8,600 से अधिक बाढ़ विभीषिका में फँसे लोगों को रेस्क्यू बोटों द्वारा निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बाढ़ आपदा की चुनौतियों से जूझ रहे लोगों को सलाह दिया कि आपदा में घबड़ाएं नहीं बल्कि अपने सुझबुझ और धैर्य का परिचय दें। जल्दबाजी में अपने परिवार व बच्चों के साथ किसी प्रकार का जान का जोखिम ना उठाएं। अफवाहों पर भी ध्यान ना दें। मदद के लिए प्रशासन अथवा इलाके में तैनात एनडीआरएफ या अन्य रेस्पांस टीमों से सम्पर्क करें और उन्हें बुलायें। एनडीआरएफ के कार्मिक लोगों की सहायता के लिए सतत तत्पर और तैयार हैं।

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बिहार राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 21 टीमें राहत व बचाव ऑपेरशन में मुस्तैदी से जुटी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में बिहार राज्य के 11 जिले- सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, खगड़िया और सारण बाढ़ प्रभावित है। बिहटा (पटना) में स्थित 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि अब तक एनडीआरएफ के हमारे बचावकर्मी गोपालगंज, सारण, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, दरभंगा और सुपौल जिलों में दिन-रात लगातार रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर 6,600 से अधिक बाढ़ आपदा मुसीबत में फँसे लोगों तथा सैकड़ों मविशियों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

एनडीआरएफ टीमें जिला प्रशासन को बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री वितरण में भी मदद कर रही है। इसके अलावे एनडीआरएफ के कार्मिक राज्य सरकार की मेडिकल टीमों को भी बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में रेस्क्यू बोटों से पहुँचाने में मदद कर रहे है ताकि जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सहायता मुहैया किया जा सके। उन्होंने आगे बताया कि इस वर्ष बाढ़ राहत व बचाव ऑपेरशन के दौरान एनडीआरएफ कार्मिकों के सामने दोहरी चुनौती है- पहला, बाढ़ आपदा में लोगों को हर सम्भव त्वरित मदद करना और दुसरा कोरोना वायरस संक्रमण से खुद को बचाना और बाढ़ प्रभावित लोगों को भी बचाने का भरपूर प्रयास करना। एनडीआरएफ के कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।