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अंधेरा कितना भी घना हो, जिन्दगी बचाने का जज्बा रोशनी बन जाता है – इन चन्द पंक्तियों को वर्तमान बिहार बाढ़ आपदा में एनडीआरएफ के बचावकर्मी चरितार्थ कर रहे हैं। बिहटा (पटना) में स्थित 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि विगत गुरुवार/शुक्रवार के देर रात दरभंगा जिले में तैनात एनडीआरएफ टीम को हनुमान नगर प्रखंडतर्गत बाढ़ से घिरे पंचोभ गाँव में मुसीबत में फँसी एक गर्भवती महिला को सहायता के लिए बुलाया गया। परिवार के लोग किसी अनहोनी के डर से भयाक्रान्त थे। गाँव के चारों तरफ पानी ही पानी।

ऐसे में एनडीआरएफ की एक 09 सदस्यीय रेस्क्यू टीम जिला प्रशासन के समन्वय से अपने कर्तव्यनिष्ठा का निर्वहन करते हुए बिना समय गँवाये रेस्पांस किया और उस विकट अँधेरी रात में लगभग 10 किलोमीटर बोट चलाकर पीड़िता के गाँव पहुँची। फिर गर्भवती महिला काजल मिश्रा (24 वर्ष) को उनके परिजनों के साथ बाढ़ के पानी से घिरे पंचोभ गाँव से सुरक्षित निकालकर देर रात लगभग 10 बजे हनुमान नगर (दरभंगा) प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुँचाने में मदद किया। अस्पताल पहुँचने के बाद गर्भवती महिला और उनके परिजनों ने चैन का सांस लिया।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के माँग पर पटना जिले में तैनात एक टीम को सारण जिले के अमनौर प्रखण्ड में तैनात किया गया है। अब सारण जिले के पानापुर, तरैया और अमनौर प्रखण्डों में एनडीआरएफ की कुल 04 टीमें बाढ़ राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई है। शुक्रवार को सारण जिले में गंडक नदी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित बाढ़ इलाके में एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर 600 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया इसमें बच्चे, बीमार, और गर्भवती महिलाएं शामिल है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि अब तक बिहार राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशासन के सहयोग से रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर एनडीआरएफ के कार्मिकों ने 8,600 से अधिक बाढ़ विभीषिका में फँसे लोगों को रेस्क्यू बोटों द्वारा निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बाढ़ आपदा की चुनौतियों से जूझ रहे लोगों को सलाह दिया कि आपदा में घबड़ाएं नहीं बल्कि अपने सुझबुझ और धैर्य का परिचय दें। जल्दबाजी में अपने परिवार व बच्चों के साथ किसी प्रकार का जान का जोखिम ना उठाएं। अफवाहों पर भी ध्यान ना दें। मदद के लिए प्रशासन अथवा इलाके में तैनात एनडीआरएफ या अन्य रेस्पांस टीमों से सम्पर्क करें और उन्हें बुलायें। एनडीआरएफ के कार्मिक लोगों की सहायता के लिए सतत तत्पर और तैयार हैं।

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बिहार राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की 21 टीमें राहत व बचाव ऑपेरशन में मुस्तैदी से जुटी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में बिहार राज्य के 11 जिले- सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, खगड़िया और सारण बाढ़ प्रभावित है। बिहटा (पटना) में स्थित 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ के कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि अब तक एनडीआरएफ के हमारे बचावकर्मी गोपालगंज, सारण, पूर्वी चम्पारण, पश्चिम चम्पारण, दरभंगा और सुपौल जिलों में दिन-रात लगातार रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर 6,600 से अधिक बाढ़ आपदा मुसीबत में फँसे लोगों तथा सैकड़ों मविशियों को निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

एनडीआरएफ टीमें जिला प्रशासन को बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री वितरण में भी मदद कर रही है। इसके अलावे एनडीआरएफ के कार्मिक राज्य सरकार की मेडिकल टीमों को भी बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में रेस्क्यू बोटों से पहुँचाने में मदद कर रहे है ताकि जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सहायता मुहैया किया जा सके। उन्होंने आगे बताया कि इस वर्ष बाढ़ राहत व बचाव ऑपेरशन के दौरान एनडीआरएफ कार्मिकों के सामने दोहरी चुनौती है- पहला, बाढ़ आपदा में लोगों को हर सम्भव त्वरित मदद करना और दुसरा कोरोना वायरस संक्रमण से खुद को बचाना और बाढ़ प्रभावित लोगों को भी बचाने का भरपूर प्रयास करना। एनडीआरएफ के कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के दिशा-निर्देशों और प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।

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बिहार राज्य के पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिला में बाढ़ राहत एवं बचाव ऑपेरशन में जुटी 9वीं बटालियन राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के रेस्क्यू बोट पर एक गर्भवती महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत गर्भवती महिला रीमा देवी (25 वर्ष), पत्नी- मुनिलाल महतो बूढ़ी गंडक नदी बाढ़ प्रभावित गाँव गोबरी, प्रखण्ड- बंजारिया में प्रसव वेदना से परेशान थी। उनके परिवार के लोगों के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि संकट की इस घड़ी में जल्द से जल्द नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजारिया कैसे उन्हें पहुँचाया जाये? इसकी सूचना उस गाँव के नजदीक ऑपेरशन में जुटे 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के कमाण्डर सहायक उप निरीक्षक जितेन्द्र कुमार को मिली। उन्होंने अपने प्रभारी अधिकारी अरविन्द मिश्रा को सूचना दी तथा उनके निर्देश पर एनडीआरएफ के बचावकर्मी त्वरित कार्यवाही करते हुए तुरन्त प्रसव पीड़ित महिला के घर के नजदीक रेस्क्यू बोट से पहुँचे।

फिर एनडीआरएफ के कार्मिक प्रसव पीड़ित महिला रीमा देवी को उनके परिजनों एवं साथ में एक ‘आशा’ सेविका को लेकर रेस्क्यू बोट से नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजारिया (मोतिहारी) सुरक्षित पहुँचाने में जुट गए। बूढ़ी गंडक नदी बाढ़ के मजधार में गर्भवती महिला का प्रसव वेदना और बढ़ गया। महिला की गम्भीर हालत एवं उनके जान जोखिम को देखते हुए एनडीआरएफ रेस्क्यू बोट पर ही प्रसव कराने का फैसला लिया गया। आखिर में एनडीआरएफ के बचावकर्मी, ‘आशा’ सेविका तथा उनके परिवार के महिलाओं के सहयोग से सफल एवं सुरक्षित प्रसव करा लिया गया और इस प्रकार बाढ़ के बीच मजधार में एक नन्हीं बच्ची की किलकारी गूँजी। रीमा देवी ने एनडीआरएफ रेस्क्यू बोट पर एक बच्ची को जन्म दिया। फिर महिला और नवजात शिशु को भोला चौक रोड के नजदीक सुरक्षित लाकर सरकारी एम्बुलेन्स की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बंजारिया (मोतिहारी) में भर्ती करवा दिया गया। महिला और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ्य हैं।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बाढ़ प्रभवित इलाकों से सुरक्षित निकालने के क्रम में वर्ष 2013 से 9वीं बटालियन एनडीआरएफ के रेस्क्यू बोट पर यह दसवें शिशु जन्म की घटना है जिसमें एक जुड़वे बच्चे का जन्म भी शामिल है। भगवान का शुक्र है कि अब तक सभी शिशु जन्म सुरक्षित हुआ है। उन्होंने आगे बताया कि हमारे बचावकर्मियों का उद्देश्य मुसीबत में फँसी गर्भवती महिला को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से नजदीकी अस्पताल पहुँचाने का होता है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि एनडीआरएफ के बचावकर्मी आपदा रेस्पांस के अन्य तकनीकों के साथ-साथ प्रथम चिकित्सा उपचारक में प्रशिक्षित होते हैं। उन्हें सुरक्षित प्रसव कराने के बारे में भी प्रशिक्षित किया जाता है ताकि आपदा में जरूरतमंद को हर संभव मदद किया जा सके।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए वर्तमान में एनडीआरएफ की 21 टीमें राज्य के 12 अलग-अलग जिलों में तैनात है। मोतिहारी जिला में अरविन्द मिश्रा, सहायक कमान्डेंट के नेतृत्व में 03 टीमें तैनात है। अब तक एनडीआरएफ की टीमें बाढ़ प्रभावित गोपालगंज, सुपौल, दरभंगा, सारण, पूर्वी चम्पारण तथा पश्चिम चम्पारण जिलों में बाढ़-बचाव ऑपेरशन करके 5,300 से अधिक लोगों को जलमग्न गाँवों से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है।

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बिहार में गहराते कोरोना संकट और बाढ़ की विभिषका से निपटने के लिए जिलास्तर पर टास्क फ़ोर्स बनाने का ऐलान करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने कहा “ सरकार और जनता द्वारा बरती जा रही तमाम सावधानियों के बावजूद विगत कुछ दिनों में बिहार में जिस तरह से कोरोना का प्रसार हुआ है, उससे एक बात स्पष्ट है कि इस मुद्दे पर और सतर्कता बरतने की जरूरत है. इसके अलावे राज्य में बाढ़ का संकट भी गहराने लगा है. ऐसे में समाज और जनता के प्रति अपनी जिम्मेवारियों के तहत बिहार भाजपा पूरे दम-खम से इन आपदाओं का मुकाबला करने में जुट चुकी है. इन आपदाओं से मुकाबले के लिए बिहार भाजपा जल्द ही राज्य के सभी जिलों में एक विशेष टास्क फ़ोर्स का गठन करने वाली है, जिसका एकमात्र उद्देश्य कोरोना, बाढ़ और अन्य समस्याओं से निपटने में जनता की मदद करना रहेगा. इसके अतिरिक्त इस टास्क फ़ोर्स के सदस्य केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे कामों में भी स्वयंसेवक की भांति अपना समुचित सहयोग करेंगे.”

भाजपा कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए डॉ जायसवाल ने कहा “ कोरोना संकट के इस दौर में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अभी तक जिस जीवटता और जनता के प्रति समर्पण का परिचय दिया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम होगी. आज से कई सालों बाद जब भी कोरोना संकट के इस भयावह दौर के बारे बाते होंगी तो भाजपा को याद करते हुए लोग अवश्य कहेंगे कि एक राजनीतिक दल था जिसके कार्यकर्ता अपने प्राणों की परवाह किये बिना जरूरतमंदों तक राशन, मास्क व सैनिटाइजेशन किट पहुंचा रहे थे.”

लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा “ अभी हाल के दिनों में जिस तरह से कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, उसने लोगों की चिंता को बढ़ा दिया है. आम और खास दोनों को चपेट में ले रही इस महामारी के कारण इस बार हमारी पार्टी के कई नेता व कार्यकर्ता भी संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे में तमाम बिहारवासियों मेरा आग्रह है कि संकट में घबराएँ नहीं बल्कि और ज्यादा सजग व सावधान रहें. यह हमारी सतर्कता का ही नतीजा है कि इतनी विशाल जनसंख्या और सिमित संसाधन होने के बावजूद कोरोना से निपटने में हमारा देश अमेरिका, फ़्रांस सरीखे दुनिया के विकसित मुल्कों से भी मीलों आगे है. यदि हम लॉकडाउन और सरकार द्वारा दी जा रही सलाहों पर अमल करें, तो जल्द ही इसपर काबू पा लिया जा सकता है. आपसी एकजुटता से ही हम इस महामारी को हरा सकते हैं.”

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बिहार राज्य के 12 जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 21 टीमें बाढ़ आपदा से कुशलता से निपटने के लिए मुस्तैदी से तैनात है। विगत मध्यरात्रि गंडक नदी बाढ़ के पानी के दबाव से पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत संग्रामपुर प्रखण्ड के भवानीपुर गाँव के नजदीक नदी तटबन्ध अचानक टूट गया। तटबन्ध के टूटते ही भवानीपुर ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से पानी भरने लगा और हजारों लोगों की जान मुसीबत में आ गई। मौके को जिला प्रशासन के साथ मिलकर एनडीआरएफ के कार्मिकों ने मुस्तैदी से संभाला।

कमान्डेंट विजय सिन्हा के निर्देश पर 9वीं बटालियन एनडीआरएफ की पूर्वी चम्पारण में पहले से तैनात 02 टीमें बाढ़ प्रभावित इलाके में रात में पहुँचकर बाढ़ बचाव ऑपेरशन चलाया। अपने जान की परवाह किये वगैर एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने गंडक नदी के तेज धारा प्रवाह में अपने अदम्य साहस और व्यावसायिक कौशल का उत्कृष्ट परिचय देते हुए मुसीबत में फँसे हजारों ग्रामीणों को रेस्क्यू बोटों की मदद से सुरक्षित जगहों तक पहुँचाने में मदद किया। कमान्डेंट विजय सिन्हा एनडीआरएफ टीमों द्वारा देर रात्रि से पूरे दिन चलाये गये रेस्क्यू ऑपेरशन की मॉनिटरिंग खुद करते रहे। ऑपेरशन के दौरान बच्चों, महिलाओं और वृद्ध व्यक्तियों का खास ध्यान रखा गया। एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने स्थानीय लोगों के मवेशियों को भी बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित निकालने में मदद किया।

एक घटनाक्रम में पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी श्रीशत कपिल अशोल के मौजूदगी में एनडीआरएफ के बचावकर्मी निरीक्षक राजन कुमार के नेतृत्व में बाढ़ की विकराल धारा में फँसे भवानीपुर के एक स्थानीय निवासी अखिलेश तिवारी (51 वर्ष) को विषम परिस्थिति में रेस्क्यू कर उनके बहुमुल्य जान को बचाया।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि 24 जुलाई को एनडीआरएफ की टीमों द्वारा पूर्वी चम्पारण जिला के संग्रामपुर प्रखण्ड के साथ-साथ गोपालगंज जिला के मांझा और सदर प्रखण्ड में तथा सारण जिला के पानापुर दियारा क्षेत्र में भी बाढ़ बचाव ऑपेरशन चलाया गया। अब तक एनडीआरएफ की टीमें बिहार के विभिन्न बाढ़ प्रभावित जिलों में रेस्क्यू ऑपेरशन चलाकर 2,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाया है। ऑपेरशन के दौरान एनडीआरएफ के कार्मिक सिविल मेडिकल टीमों को भी बोट की मदद से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुँचाने में मदद कर रही है ताकि जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सहायता मुहैया किया जा सके।

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पिछले बुधवार  यानि 22 जुलाई देर शाम बेतिया में तैनात 9वीं बटालियन एनडीआरएफ टीम को जिला प्रशासन द्वारा 04 लोगों के चनपटिया प्रखण्ड में बाढ़ में फँसे होने की सूचना मिली। सूचना प्राप्त होते ही टीम कमान्डर सुधीर कुमार के नेतृत्व में एक सब-टीम हरकत में आ गई। कमान्डेंट विजय सिन्हा के निर्देश पर एनडीआरएफ की एक टीम बिना समय गँवाये निरीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में रात लगभग 09 : 40 बजे चनपटिया प्रखण्ड के सीकराहना पुल के नजदीक घटनास्थल पर पहुँची। घटनास्थल पर पहुँचने पर मालुम चला कि सिकराहना नदी के जलस्तर में अचानक तेज वृद्धि होने से 04 बुजुर्ग मजदूर एक ईंट भट्ठा टापू पर फँस गए थे। ईंट भट्ठा का इलाका बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर चुका था। जैसे-जैसे रात ढल रही थी उनकी चिन्ता बढ़ती जा रही थी। भयाक्रांत होकर मदद के लिए वे लोग चिल्ला-चिल्ला कर गुहार लगा रहे थे।

ऐसे में एनडीआरएफ के बचावकर्मी देवदूत के रूप में उनके पास पहुँचे। निरीक्षक सुधीर कुमार के नेतृत्व में एनडीआरएफ टीम रात्रि बाढ़-बचाव ऑपेरशन चलाकर उन सभी चारों लोगों को रेस्क्यू बोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। रात्रि लगभग 11 बजे एनडीआरएफ का यह सफल बाढ़-बचाव ऑपेरशन समाप्त हुआ। बचाये गए चारों लोगों की पहचान इस प्रकार की गई:-  हरेन्द्र साह (65 वर्ष)  उमेश बारी (60 वर्ष)  जमीर मियां (64 वर्ष) और  राम बालक चौधरी (63 वर्ष)

इस सफल ऑपेरशन के बाद जिलाधिकारी पश्चिम चम्पारण ने संतोष व्यक्त करते हुए एनडीआरएफ टीम की व्यावसायिक निपुडता की सराहना की। कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि एनडीआरएफ के 21 टीमें बिहार राज्य के 12 जिलों में मुस्तैदी से तैनात है। टीमों के बचावकर्मी बाढ़ प्रभावित लोगों को मदद करने के लिए सदैव तत्पर व तैयार है।

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बिहार में बाढ़ के खतरे के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 21 टीमों को राज्य के विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। कमान्डेंट विजय सिन्हा, 9वीं बटालियन एनडीआरएफ ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के माँग पर एनडीआरएफ की 21 टीमों को बिहार राज्य के 12 जिलों में तैनात किया गया है। 03-03 टीमें गोपालगंज और पटना जिले में, 02-02 टीमें पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, सारण, दरभंगा तथा सुपौल जिले में एवं 01-01 टीम कटिहार, किसनगंज, अररिया, मधुबनी तथा मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ आपदा से निपटने के लिए तैनात की गई है। एनडीआरएफ के बचावकर्मी सभी तैनाती वाले जिला में प्रशासन से कुशल समन्वय स्थापित कर बाढ़ प्रभावित इलाके में लगातार रैकी और बोट पैट्रोलिंग कर रहे है ताकि जरूरत के अनुसार मुसीबत में फँसे लोगों को तुरन्त मदद पहुँचाया जा सके।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने आगे बताया कि आज बुधवार को एनडीआरएफ की एक टीम उप कमांडेंट कुलदीप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गोपलगंज जिलान्तर्गत सदर प्रखण्ड में स्थित बाढ़ प्रभावित गाँव खाप मकसूदपुर में बाढ़ में फँसे लोगों को रेस्क्यू बोट से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। एक अन्य टीम उप कमान्डेंट कुमार बालचन्द्र के नेतृत्व में सुपौल जिलान्तर्गत भापतियाही प्रखण्ड में बाढ़ प्रभावित इलाके में फँसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एनडीआरएफ कार्मिकों द्वारा कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव का पूरा एहतियात बरता जा रहा है।

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पिछले देर रात 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने सूचना प्राप्त होते ही त्वरित कार्यवाही करते हुए पूर्वी चम्पारण जिलान्तर्गत बंजरिया प्रखण्ड में स्थित बाढ़ प्रभावित जाटवा गाँव से एक सर्पदंश पीड़ित लड़की को रेस्क्यू बोट की मदद से सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुँचाने में मदद किया।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि जिला प्रशासन पूर्वी चम्पारण द्वारा 21 जुलाई को रात लगभग 9 बजे मोतिहारी में तैनात एनडीआरएफ के प्रभारी अधिकारी को गंडक नदी बाढ़ प्रभावित गाँव जाटवा में एक सर्पदंश पीड़ित 10 वर्षीया बालिका के बारे में सूचना मिली। एनडीआरएफ की टीम त्वरित कार्यवाही करते हुए सहायक उप निरीक्षक कौशल किशोर के नेतृत्व में 02 रेस्क्यू बोटों की मदद से रात के अँधेरे में 06 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करके जाटवा गाँव पहुँची। रात के विकराल अँधेरे में बाढ़ प्रभावित इलाके में इतनी दूरी तय करके तुरन्त सम्बंधित गाँव में पहुँचना बहुत ही चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन एनडीआरएफ कार्मिकों के कर्तव्यनिष्ठा, व्यावसायिक निपुडता, अदम्य साहस और मानवीय सेवा भावना से इसे कुशलता से अंजाम दिया गया।

एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने सर्पदंश पीड़ित 10 वर्षीय बालिका नूरजहाँ खातून, पुत्री- जमील अख्तर के बाढ़ प्रभावित गाँव पहुँचकर उनके परिवार के सदस्यों के साथ सुरक्षित तरीके से भोला चौक, बंजरिया पहुँचाया। इस दौरान रास्ते में पीड़िता को सांत्वना देने का काम भी एनडीआरएफ के बचावकर्मी करते रहे। भोला चौक पर जिला प्रशासन मोतिहारी द्वारा पहले से ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई थी। तत्पश्चात बिना समय गँवाये देर रात एम्बुलेंस की मदद से पीडिता को सदर अस्पताल मोतिहारी पहुँचाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता की स्थिति सामान्य बताया गया है।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में एनडीआरएफ की कुल 21 टीमें बिहार राज्य के 12 जिलों- पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सारण, पटना, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया, किसनगंज और कटिहार जिलों में मुस्तैदी से तैनात है। पूर्वी चम्पारण जिला में सहायक कमान्डेंट अरविन्द मिश्रा के नेतृत्व में 02 टीमें मोतिहारी और संग्रामपुर में तैनात है।

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बाढ़ से निपटने के लिए 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ बिहटा, पटना की 16 टीमों को बिहार राज्य के अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है। कमान्डेंट विजय सिन्हा ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के माँग पर तथा बल मुख्यालय एनडीआरएफ नई दिल्ली की सहमति से 9वीं वाहिनी एनडीआरएफ की कुल 16 टीमों को बिहार राज्य के 11 जिलों- पश्चिम चम्पारण (बेतिया), पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी), गोपालगंज, कटिहार, अररिया, सुपौल, किशनगंज, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, मधुबनी तथा सारण जिलों में तैनात किया गया है।

गोपालगंज जिला में एनडीआरएफ की 03 टीमें, बेतिया, मोतिहारी एवं सारण में 02-02 टीमें तथा बाकी अन्य जिलों में 01-01 टीम तैनात की गई है। सभी टीमें अत्याधुनिक बाढ़ बचाव उपकरण, कटिंग टूल्स व उपकरण, संचार उपकरण, मेडिकल फर्स्ट रेस्पांडर किट, डीप डाइविंग सेट, इनफ्लैटेबल लाइटिंग टावर आदि से लैस है। टीमों में कुशल गोताखोर, तैराक और मेडिकल स्टाफ मौजूद है जो कि बाढ़ आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्य में लोगों को हर सम्भव मदद पहुँचाने में सक्षम एवं तत्पर हैं।

कमान्डेंट विजय सिन्हा ने कहा इस वर्ष कि बाढ़ राहत एवं बचाव ऑपेरशन के दौरान एनडीआरएफ के हमारे बचावकर्मी कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव के सुरक्षात्मक दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कर रहे हैं तथा समुदाय के लोगों को भी कोविड-19 से सुरक्षात्मक उपायों को पालन करने के लिए जागरूक एवं प्रोत्साहित कर रहे हैं।

कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ के कार्मिकों को पी०पी०ई०, मास्क, फेस शील्ड, फैब्रिकेटेड फेस हुड कवर, सेनेटाइजर, हैंड वाश, सोडियम हाइपोक्लोराइट आदि दिया गया है। एनडीआरएफ के प्रभारी अधिकारी और टीम कमांडर्स तैनाती वाले जिलों में जिला प्रशासन से कुशल समन्वय व तालमेल स्थापित कर बाढ़ प्रभावित इलाके में निरन्तर रैकी कर रहे हैं ताकि आवश्यकतानुसार जरूरतमंद लोगों को तुरन्त मदद पहुँचाया जा सके।