festival list September 2021

Janbol News

September month 2021 festival :  भारत में अगस्त के महिने में त्यौहारों का समय शुरू होता है और नबंवर तक चलता है। सितम्बर महिना हिन्दी मास के अनुसार भादों का महिना है। भादों माह आते ही त्योहारों की संख्या और वढ़ने लगती है।   यहां हम लाएं हैं आपके लिए सितंबर महीने के त्योहारों की पूरी लिस्ट, जिसके जरिए आप जान सकते हैं कि कब है ‘हरतालिका तीज’ और कब है ‘ गणेश चतुर्थी’।

सितम्बर महिना 2021 के त्यौहारों के लिस्ट (September month 2021 festival )

आइए एक एक करते जानते हैं किस दिन सितम्बर महिने में कौन कौन से त्यौहार 2021 में आने वाले हैं।

  • 03 सितंबर (शुक्रवार) अजा एकादशी,पर्युषण पर्वारंभ
  • 04 सितंबर (शनिवार) शनि प्रदोष व्रत (कश्मीर)
  • 05 सितंबर (रविवार) मासिक शिवरात्रि, शिक्षक दिवस
  • 06 सितंबर (सोमवार) कुशोत्पाटिनी अमावस्या, पोला
  • 07 सितंबर (मंगलवार) भाद्रपद अमावस्या (समाप्ति)
  • 09 सितंबर (गुरुवार) हरतालिका तीज, वाराह जयंती
  • 10 सितंबर (शुक्रवार) गणेश चतुर्थी
  • 11 सितंबर (शनिवार) ऋषि पंचमी (गुरु पंचमी)
  • 13 सितंबर (सोमवार) ललिता सप्तमी, दुर्वा अष्टमी
  • 14 सितंबर (मंगलवार) गौरी विसर्जन,
  • हिंदी दिवस 17 सितंबर (शुक्रवार) परिवर्तनी एकादशी, कन्या संक्रांति, विश्वकर्मा पूजा,
  • 18 सितंबर (शनिवार) शनि प्रदोष व्रत (स)
  • 19 सितंबर (रविवार) अनंत चतुर्दशी (गणेश विसर्जन)
  • 20 सितंबर (सोमवार) भाद्रपद पूर्णिमा व्रत 21 सितंबर (मंगलवार) पितृपक्ष आरंभ
  • 24 सितंबर (शुक्रवार) गणेश संकष्टी चतुर्थी, भरणी श्राद्ध
  • 29 सितंबर (बुधवार), जिवित्पुत्रिका व्रत, अष्टमी श्राद्ध
  • 30 सितंबर (गुरुवार), मातृ नवमी श्राद्ध
july 2021 festivals

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July 2021 Festivals : भारत धार्मिक विविधता से भरा देश है। यहाँ हर रोज कोई न कोई त्यौहार आते हीं हैं। कुछ पर्व ज्यादा प्रचलित होते हैं तो कुछ कम। हालांकि जुलाई का महीना अभी प्रारंभ हीं अभी हुआ है फिर भी हम सबको जानना चाहिए कि इस महीने में कौन-कौन से पर्व त्यौहार आने वाले हैं। इस लेख में हम चर्चा करने जा रहे हैं इस महीने में आने वाले पर्वों की। जुलाई महीने की बात की जाये तो यह हिन्दी मास के अनुसार आषाढ़ का महीना है। 25 जुलाई से यह महीना सावन को भी अपने साथ समायोजित करेगा। इस महीने में मुख्य रूप से योगिनी एकादशी, प्रदोष व्रत, देवश्यानी एकादशी, बकरीद और गुरूपूर्णिमा का त्यौहार आने वाला हैं। आइए हम एक- एक करके इस महीने में मनाये जाने वाले महत्वपूर्ण पर्वों के महत्व की चर्चा करते हैं।

योगिनी एकादशी ( 5 जुलाई)

जुलाई 2021 के त्यौहारों ( July 2021 Festivals ) में पहले नंबर पर योगिनी एकादशी का नंबर आता है। योगिनी एकादशी 5 जुलाई को मनाया जाना है। आषाढ़ महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी को योगिनी एकादशी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से लोगों को पाप से मुक्ति मिल जाती है।

प्रदोष व्रत ( 7 जुलाई )

योगिनी एकादशी के बाद जुलाई महीने 2021 के त्यौहारों ( July 2021 Festivals ) की बात की जाये तो दूसरे नंबर पर प्रदोष व्रत है। प्रदोष व्रत जुलाई महीने की सात तारीख को मानया जाना है। यह व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए जाना जाता है ।  हर महीने की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखा जाता है।  माना जाता है कि जो लोग इस व्रत को रखते हैं उन्हें संतान की प्राप्ति होती है और घर में खुशियां आती हैं।

देवशयनी एकादशी (20 जुलाई)  

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है।  विष्णु पुराण में इस एकादशी का काफी महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत करने वाले लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

बकरीद (21 जुलाई)

जुलाई के महीने में मुस्लिमों का त्यौहार बकरीद भी मनाया जाएगा।  पूरे देश में इस त्यौहार को हर साल धूमधाम से मनाया जाता है । करोड़ों लोग इस दिन नमाज अदा कर देश की सलामती की दुआ करते हैं।

गुरु पूर्णिमा (23 जुलाई)

आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है।  इस दिन गुरु की पूजा करने का चलन लंबे समय से चला आ रहा है।  महाभारत के रचयिता वेदव्यास का जन्म दिन भी इसी दिन है।  इसलिए यह दिन खास माना जाता है।

सावन माह प्रारंभ ( 25 जुलाई )

25 जुलाई से सावन माह की शुरूआत हो रही है। यह माह पूरी तरह से भगवान शंकर की आराधना से जुड़ा होता है। इस माह में श्रद्धालु, भगवान शिव की जटा से निकलने वाली  जीवनदायिनी गंगा का पवित्र जल जगह- जगह शिवलिंगों पर चढ़ाते हैं।

21 अप्रैल  को अपने निवास स्थान सगुना मोर खगौल रोड दानापुर पटना में लोजपा जिला अध्यक्ष सह दानापुर उतरी भाग-3 से जिला परिषद के प्रत्याशी  चंदन यादव ने प्रभु श्री राम की आराधना की है। इस अवसर पर उन्होने कहा कि रामचरित मानस में बताया गया है कि जगत में शांति और धर्म की व्यवस्था के लिए चैत्र मास में दोपहर के समय अभिजित मुहूर्त में भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी ने अवतार लिया था। भगवान राम जी के प्राकट्य दिवस के अवसर पर हम  भक्तजन व्रतोपवास रखकर पूजन किया करते हैं। हमारी मान्यता है कि जो व्यक्ति निराहार रहकर रामनवमी का व्रत करता है, उसके सभी पाप दूर हो जाते हैं। यह व्रत करने से भक्ति और मुक्ति दोनों मिलती है।कोरोना महामारी के इस दौर में आज हमलोग प्रभू श्री राम से यह विनती कर रहे है कि भगवान दुनिया में मचे त्राहिमाम से जल्द मानव जाति को मुक्ति दें। ईश्वर से प्रार्थन  करते हैं कि कोरोना के इस संकट से हम लोगों को बाहर निकालें तथा लोगों के जीवन में खुशियों का संचार करें !

जनबोल न्यूज

हनुमान भक्त अब घर बैठे महावीर मंदिर का प्रसाद (नैवेघम) मंगा सकेगे . बिहार  डाक सर्किल प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिर महावीर मंदिर के साथ समझौता करने जा रहा है . इसके लिए डाक विभाग और महावीर मंदिर  प्रबंधन के बीत दो राउंड की बात हो चुकी है , लेकिन समझौता नही हुआ है .

फिलवक्त अभी ऑर्डर मिलने पर नैवेघम राज्यों में कुरियर से भेजा जाता है . मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मंदिर प्रशआसन की ओर से प्रसाद के साथ रोरी और तुलसीदल भोजा जा सकेगा .

भक्तों द्ारा वेवसाईट पर प्रसाद बुक कराने पर मंदिर प्रशासन पैकेट बनाकर देगा. इसके बाद डाक विभाग स्पीड पोस्ट के जरिए श्रद्धालु के घर पहुंचा देगा . प्रसाद बुकिंग होने पर ग्राहकों को एसएमएस भेजकर सूचित किया जाएगा . इस दौरान ग्राहक प्रसाद को ट्रैक भी कर सकते है .