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U P election 2022 : उत्तर प्रदेश में होने वाले 2022 के चुनाव में अभी तकरीबन साल भर बाकी हैं। लेकिन सियासी पारा अभी से हीं चढ़ने लगा हैं। आलम यह है कि नेता, पार्टी बदलने लगे हैं तो 2019 में साथ-साथ लोकसभा चुनाव लड़ने वाली मायावती और अखिलेश की पार्टी एक दूसरे पर जुबानी जंग जारी रखे हुए हैं। जहाँ अखिलेश यादव ने सपा के निष्कासित विधायकों को पार्टी में शामिल करवाने का दावा किया तो मायावती ने ट्विट कर अखिलेश को जवाब दिया है। मायावती ने अखिलेश यादव पर अपने हमले को जारी रखते हुए एक बार फिर से ट्विट की। मायावती ने गुरुवार को भी दो ट्वीट की और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पर बड़ा आरोप लगाया है।

अखिलेश को नहीं है स्थानीय नेताओं पर भरोसा

उत्तरप्रदेश में 2022में होने जा रहे विधानसभा चुनाव ( U P election 2022 )  से पूर्व सपा द्वारा पार्टी मे शामिल करवाये जा रहे बसपा के नेताओं पर मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की हालत इतनी ज्यादा खराब हो गई है कि अब इस पार्टी के अध्यक्ष आए दिन मीडिया में बने रहने के लिए कुछ न कुछ करते ही रहते हैं। इसके लिए दूसरी पार्टी से निष्कासित व अपने क्षेत्र में प्रभावहीन हो चुके पूर्व विधायकों व छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं आदि तक को भी समाजवादी पार्टी के मुखिया को कई-कई बार खुद पार्टी में शामिल कराना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि ऐसा लगता है कि सपा मुखिया को अब अपने स्थानीय नेताओं पर भरोसा नहीं रहा है। यह सर्वविदित है कि अन्य पाटियों के साथ-साथ खासकर सपा के ऐसे लोगों की छानबीन करके उनमें से केवल सही लोगों को बीएसपी के स्थानीय नेता आए दिन बीएसपी में शामिल कराते रहते है।

akhilesh mayabati dispute

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Up Political News : हाल हीं में सम्पन्न पांच राज्यों के चुनाव के बाद अब 2022 में होने जा रहे देश के बड़े राज्य उत्तरप्रदेश में विधानसभा के चुनाव की सरगर्मी धीरे- धीरे बढ़ रही है। जहाँ योगी भाजपा के दिल्ली दरबार में मत्था टेक रहे हैं तो अलग अलग पार्टी के नेता पाला भी बदल रहे हैं। कुछ दिन पहले हीं भाजपा ने कॉग्रेस नेता जितिन प्रसाद को न केवल पार्टी में शामिल करवाया था बल्कि बाद में योगी मंत्रीमंडल का हिस्सा भी बनवाया। इसके कुछ समय  बाद हीं समाजवादी पार्टी के  मुखिया अखिलेश  यादव से बहुजन समाज पार्टी के निष्कासित विधायक ने मुलाकात की। यह भी दावा किया गया है कि ये सभी विधायक जल्द हीं सपा में शामिल होने जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी के इस दावे पर अब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती की भी प्रतिक्रिया सामने आयी है।

मायावती का अखिलेश पर ट्विटर वॉर

उत्तरप्रदेश की राजनीतिक अखाड़े की खबर ( Up Political News ) लोकसभा में साथ चुनाव लड़ी सपा और बसपा के बीच के खटपट को हवा दे रही है। दरअसल बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने निष्कासित विधायकों को सपा प्रमुख द्वारा अपने दल में शामिल करवाने की कोशिश को सपा का छलावा बतायी है। यहीं नहीं मायावती की मानें तो यह सपा का घृणित राजनीति है। उन्होने अपने ट्वीटर हैंडल से एक के बाद एक पॉच ट्विट करते हुए लिखती हैं.।

घृणित जोड़तोड़, द्वेष व जातिवाद आदि की संकीर्ण राजनीति में माहिर समाजवादी पार्टी द्वारा मीडिया के सहारे यह प्रचारित करना कि बीएसपी के कुछ विधायक टूट कर सपा में जा रहे हैं घोर छलावा।

जबकि उन्हें काफी पहले ही सपा व एक उद्योगपति से मिलीभगत के कारण राज्यसभा के चुनाव में एक दलित के बेटे को हराने के आरोप में बीएसपी से निलम्बित किया जा चुका है।

सपा अगर इन निलम्बित विधायकों के प्रति थोड़ी भी ईमानदार होती तो अब तक इन्हें अधर में नहीं रखती। क्योंकि इनको यह मालूम है कि बीएसपी के यदि इन विधायकों को लिया तो सपा में बगावत व फूट पड़ेगी, जो बीएसपी में आने को आतुर बैठे हैं।

जगजाहिर तौर पर सपा का चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा ही दलित-विरोधी रहा है, जिसमें थोड़ा भी सुधार के लिए वह कतई तैयार नहीं। इसी कारण सपा सरकार में बीएसपी सरकार के जनहित के कामों को बन्द किया व खासकर भदोई को नया संत रविदास नगर जिला बनाने को भी बदल डाला, जो अति-निन्दनीय।

वैसे बीएसपी के निलम्बित विधायकों से मिलने आदि का मीडिया में प्रचारित करने के लिए कल किया गया सपा का यह नया नाटक यूपी में पंचायत चुनाव के बाद अध्यक्ष व ब्लाक प्रमुख के चुनाव के लिए की गई पैंतरेबाजी ज्यादा लगती है।यूपी में बीएसपी जन आकांक्षाओं की पार्टी बनकर उभरी है जो जारी रहेगा

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लोजपा के पटना जिला अध्यक्ष चंदन यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गयी। तबीयत बिगड़ने के बाद लोजपा जिला अध्यक्ष को निजी नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया है। बताया जा रहा है कि  रात तकरीबन 2 बजे अचानक से उनकी तबीयत बिगड़ी जिसके बाद निजी नर्सिंग होम में भर्ती करवाया गया है। उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है । उनके परिजनों एंव समर्थकों उन्हें घर लौट कर जल्द आने की दुआ कर रहे हैं।

ljp split news

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LJP split news :  कोरोना महामारी के बीच चढ़ते उतरते सियासी पारा में लोजपा के टूट से जुड़ी नई-नई खबर लगातार सामने आ रही है। अब नई खबर यह है कि चिराग पासवान फ्रंटफुट पर खेलना शुरू कर दिये हैं। चिराग पासवान ने अपने चाचा पशुपति पारस ,  चचेरे भाई सह लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस पासवान समेत बागी पाँचों सांसदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। शाम चार बजे अपने आवास पर पार्टी के भरोसेमंद लोगों के साथ बैठक के बाद चिराग पासवान ने यह निर्णय लिया है। जानकारी के मुताबिक चिराग पासवान ने मंगलवार को लोजपा कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक का आयोजन किया था। वर्चुअल बैठक के बाद पशुपति पारस समेत पाँच सांसदों को पार्टी से निकालने की घोषणा की है। इसके साथ हीं चिराग ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर अपना दावा पेश किया है।

नीतीश के खिलाफ जारी रहेगी मुहिम

लोजपा में टूट की खबर ( LJP split news ) के बीच अब चिराग पासवान भी एक्शन के मूड में आ गए हैं।  वर्चुअल बैठक के बाद नीतीश कुमार के पक्ष में लगातार बोल रहे बागी सांसद और चिराग के चाचा पारस को तो बाहर किया हीं है। इसके साथ हीं चिराग ने घोषणा कर दी है कि बिहार के वर्तमान नीतीश सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम को वह जारी रखेंगे।  इसके लिए उन्होने बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट कार्यक्रम चलाते रहने के अपने संकल्प को दुहराया है।

तू डाल-डाल तो मैं पात-पात के मूड में हैं बागी गूट

चिराग पासवान द्वारा आयोजित की गयी कार्यसमिति  की बैठक से पहले हीं बागी गूट ने भी अपने कार्यसमिति की बैठक का आयोजन किया था। यही नहीं चिराग पासवान से एक कदम आगे बढ़ते हुए सूरजभान सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया है।  सूरजभान सिंह को पांच दिन के भीतर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करवाने को भी कहा गया है। बताया जा रहा है कि चुनाव में पशुपति पारस की ताजपोशी की जा सकती है। फिलहाल राजनीतिक घटनाक्रम तेजी के साथ बदल रहा है देखना काफी दिलचस्प होगा कि असली लोजपा पर दावा किसका मजबूत बनता है।

CHIRAG SHARE OLD LETTER OT PARAS PASWAN

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LJP News  लोजपा से संबंधित न्यूज इन दिनों सभी के जुवान पर है। हो भी क्यों नही? कोरोना माहामारी के बीच बिहार में सियासी खेला जारी है। लोजपा में टूट के बाद पारस पहले हीं संसदीय दल के नेता घोषित हो चुके थे। अब पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष का भी मनोनय हो गया है। सूरभान सिंह लोजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किये गये हैं। एलजेपी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में लिए गए इस निर्णय के आधार पर हीं सूरभान सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने जा रही है। संभावना जतायी जा रही है कि एक सप्ताह के अंदर राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव हो जाएगा। तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर चिट्ठी जारी किया है। भावुकता से भरे इस चिट्ठी में पिता के निधन से पहले और निधन के बाद पारस पासवान के बदलते व्यवहार का जिक्र किया है।

चिराग ने साझा की पारस को लिखी पुरानी चिट्ठी

लोजपा से संबंधित नई खबर (LJP News) में चिराग पासवान का एक भावुकता भरा ट्विट है। दरअसल ट्विटर के माध्यम से  चिराग पासवान ने पार्टी में टूट के बाद चार पन्नों की एक चिट्ठी साझा की है।  इस चिट्ठी में चिराग ने पारस पासवान के बदलते व्यवहार की ओर इशारा किया है।  चिराग द्वारा साझा किये गए पत्र रामविलास पासवान के निधन के बाद परिवार में आयोजित होने वाली पुरानी होली उत्सव से शुरू होता है। चिराग लिखते हैं पत्र को लिखने से पहले आपसे मिलकर बात करना चाहता था। परिवार के बीच यदि कोई समस्या है तो इसे हल करने के लिए खालिक साहब और सूरजभान सिंह ने कई बार मिल बैठकर सुलझाने की पहल की । साकारात्मक जवाब नहीं आने पर यह पत्र लिखना पड  रहा है। पत्र में रामचंद्र पासवान के मरने के बाद प्रिंस पासवान की जवाबदेही प्रदेश अध्यक्ष की दी जाने पर पारस की नाराजगी पर भी सवाल उठाया गया है। चिराग ने पत्र के माध्यम से आरोप लगाया है कि आपने प्रिंस को बधाई तक नहीं दिया था। जारी पत्र में आगे आरोप लगाया है कि चिराग के राष्ट्रीय अध्यक्ष  बनने पर पारस पासवान चिराग के घर आना जाना भी कम कर दिया था। आगे चिराग ने आरोप लगाया है कि बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट अभियान के दौरान सभी सांसद और विधायक सहयोग कर रहे थे लेकिन आपका आशिर्वाद तक प्राप्त नहीं हुए। चिराग ने आगे आरोप लगाया है कि बिहार की सत्ता रातों- रात पलटने के बाद जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने तो रामविलास पासवान की इच्छा के विपरीत जाकर नीतीश से एमएलसी बनाने और मंत्री बनाने की बात पारस पासवान कर रहे थे। यही नहीं पशुपालन मंत्रालय मिलने पर पारस की नाराजगी का भी चिराग ने चिट्ठी में जिक्र किया है। चिट्ठी में पारस पासवान द्वारा चुनाव के दौरान नीतीश की तारीफ का भी जिक्र किया है । साथ हीं चिराग ने आरोप लगाया है ऐसा करने से प्रत्याशी और पार्टी कार्यकर्ता पर बूरा प्रभाव पडा और परिणाम में भी असर देखने को मिला है। चिराग ने पारस द्वारा मांगे गए चुनाव के दौरान पॉच सिंबल और सिटिंग विधायकों की टिकट नहीं काटने के फैसले के बाद भी टिकट पारस द्वारा काटे जाने का विपरीत फैसले का भी जिक्र किया है।

manjhi and nitish

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कोरोना महामारी के बाद 5 मई से लगा लॉक डाउन बिहार में समाप्त (Bihar unlock) होने की प्रक्रिया में है। 34 दिनों से लगा लॉक डाउन अब नाईट कर्फ्यू में तबदील हो चुका है। सरकारी और निजी कार्यालयों को भी 50 % कर्मचारियों के साथ खोले जाने की इजाजत मिल चुकी है। दुकान 5 बजे तक हीं खोले जा सकेंगे। सार्वजनिक वाहनों के परिचालन  पर अब भी पाबंदियाँ यथावत है। पूरे लॉकडाउन के दौरान कभी लॉक डाउन लगाने का विरोध करने, कभी बेरोजगारों के लिए 5000 रूपये का बेरोजगारी भत्ता की मांग कर चर्चा में बने रहे हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी अब नीतीश कुमार के अनलॉक करने के तरीके से भी पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

नीतीश की तारीफ के साथ मांझी की नई डिमांड 

बिहार में लगातार घटते मरीजों की संख्या के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शुरू की गई अनलॉक (Bihar unlock)  की प्रक्रिया से किसी आम बिहारी नागरिक की तरह जीतन राम मांझी भी खुश है। जीतन राम मांझी  ने सीएम नीतीश कुमार द्वारा लिया गया अनलॉक करने के निर्णय की सराहना की है । उन्होने अपने ट्विटर हैंडल से लिखा है

“बिहार सरकार का लॉकडाउन ख़त्म करने का फ़ैसला सराहनीय है।”

सराहना के ठीक आगे पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी  ने अपनी नई डिमांड भी जोड़ दी।  आगे उन्होने अपने ट्विट में लिखा है।

माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से आग्रह है कि सरकारी कार्यालयों में 100% कर्मियों व अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें जिससे विकास का कार्य सुचारू ढंग से चलता रहे।

बताते चलें कि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी बिहार में जारी 34 दिनों के लॉक डाउन के पक्ष में हीं नहीं थे। लॉकडाउन के बाद सत्ता में रहते हुए पूरे लॉक डाउन के दौरान एक मजबूत विपक्ष की भूमिका में नजर आये हैं। चाहे वह पप्पू यादव की गिरफ्तारी पर सरकार के खिलाफ जाना हो या बेरोजगारों के लिए 5000 रूपये मासीक भत्ते का इंतजाम करना हो। मांझी हमेशा अपनी हीं सरकार को आडे हाथों लेते  रहे हैं ।

unlocking process started

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 BIHAR UNLOCK :  34 दिनों बाद बिहार को अनलॉक-1 ( unlock-1 ) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। कम होते कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। सीएम नीतीश कुमार ने क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक के बाद लॉकडाउन खत्म करने की घोषणा की है । बताते चलें कि राज्य में बेकाबू हो रहे कोरोना मरीजों की संख्या को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने राज्य को लॉकडाउन करने की घोषणा की थी।

आपदा प्रबंधन समूह की बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार ने ऐलान करते हुए कहा,

‘लाॅकडाउन से कोरोना संक्रमण में कमी आई है।  अतः लाॅकडाउन खत्म   (BIHAR UNLOCK )  करते हुये शाम 7ः00 बजे से सुबह 5ः00 बजे तक रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा । 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ सरकारी एवं निजी कार्यालय 4ः00 बजे अपराह्न तक खुलेंगे। दुकान खुलने की अवधि 5ः00 बजे अपराह्न तक बढेंगी। आनलाईन शिक्षण कार्य किये जा सकेंगे. निजी वाहन चलने की अनुमति रहेगी. यह व्यवस्था अगले एक सप्ताह तक रहेगी. अभी भी भीड़भाड़ से बचने की आवश्यकता है। 

नाईट कर्फ्यू में मिलेगी नई छुट्ट

सीएम नीतीश कुमार की घोषणा  के बाद गृह विभाग की ओर से  भी  गाईडलाईन जारी की गई . नई गाईडलाईन के अनुसार शाम 7:00 बजे से सुबह 5:00 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। नाईट कर्फ्यू के दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी गतिविधियों में लगे वाहन निजी या सार्वजनिक दोनों की आवागमन की छूट पहले की तरह जारी रहेगा। जरूरी कार्यों से संबंधित कार्यालयों के सरकारी वाहन, वन प्रबंधन में लगे वाहन, वैसे निजी वाहन जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा किसी विशेष कार्य हेतु ईपास निर्गत है, सभी प्रकार के मालवाहक वाहन, वैसे निजी वाहन जिनमें हवाई जहाज ट्रेन के यात्री यात्रा कर रहे हो और उनके पास टिकट हो. ड्यूटी पर जाने को लेकर सरकारी सेवकों एवं अन्य सेवाओं के निजी वाहनों को छूट मिलेगी। अंतर राज्यीय मार्गों पर अन्य राज्यों को जाने वाले निजी वाहन को छूट मिलेगी। निजी वाहनों के परिचालन तथा पैदल आवागमन पर नाइट कर्फ्यू की अवधि को छोड़ कोई प्रतिबंध नहीं होगा। सार्वजनिक एवं निजी वाहनों में सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी। जिलों के डीएम स्थानीय परिस्थिति की समीक्षा कर इन प्रतिबंधों के अतिरिक्त अधिक सख्त प्रतिबंध लगा सकेंगे। किंतु किसी भी स्थिति में इन प्रतिबंधों को शिथिल नहीं करेंगे। सभी जिला पदाधिकारी वर्णित आदेशों के अनुपालन के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत निषेधाज्ञा निर्गत करेंगे।

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बीते दिनों लोक जनशक्ति पार्टी के प्रवक्ता अमर आजाद पर अपराधियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया।  लोजपा ने हमेल की कडी निंदा की है। लोजपा के बिहार प्रदेश प्रधान महासचिव संजय पासवान ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि पार्टी प्रवक्ता  अमर आजाद पर पटना के अजय वर्मा गिरोह के अपराधियों ने गोली चलाकर जानलेवा हमला किया है जिसमें वे बाल-बाल बच गये। अमर आजाद ने घटना को लेकर सुल्तानगंज थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करवाई है। प्रधान महासचिव संजय पासवान ने आगे बताया कि अमर आजाद एक दलित युवा नेता होने के साथ सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, जो सरकार की नाकामियों की आलोचना करते रहते हैं। उनपर हमला होना सरकार की विफलता को दर्शाता है। बताते चलें कि इससे पहले भी पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल उराँव की हत्या कर दी गई थी। लगातार होते हमले को देखते हुए लोजपा ने पूरे बिहार में आंदोलन करने की सरकार को चेतावनी दी है तथा नीतीश सरकार से सुरक्षा देने के साथ मामले में उचित कार्यवाई करते हुए अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी की माँग की है।

लोजपा के पटना जिला अध्यक्ष ने भी की घटना की निंदा

पार्टी प्रवक्ता सह बोचहा विधान सभा से लोजपा के पूर्व प्रत्याशी  अमर आजाद पर हमले की लोजपा पटा जिला अध्यक्ष चंदन यादव ने भी निंदा की है।उन्होने कहा है कि आए दिन अपराधियों का तांडव बढ़ते जा रहा हैl अपराधी बेखौफ होकर घटना को अंजाम दे रहे हैं l जंगल राज 2 को संभालने में विफल है मै नीतीश सरकार  से मांग करते हैं कि उच्च स्तरीय जांच किया जाय एवं  अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाये ताकि फिर से कोई अपराधी ऐसा घटना ना कर सके ।

pm with modi

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प्रधानमंत्री मोदी ( PM Modi ) ने आज शाम पाँच बजे राष्ट्र को संबोधित किया। संबोधित करते हुए  उन्होने देश में जारी कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर एक बड़ा एलान किया है। पीएम ने कहा केंद्र सरकार राज्यों की भूमिका टीकाकरण में सीमित करते हुए सभी को मुफ्त वैक्सीन लगवाने जा रही है। पीएम के इस फैसले से सीएम नीतीश कुमार ( CM Nitish )  काफी खुश नजर आ रहे हैं। सीएम ने अपनी खुशी माइक्रोब्लॉगिंग साईट ट्विटर पर जाहिर की है।

सीएम ने अपने ट्वीटर पर लिखा है-

“पूर्व से केन्द्र सरकार द्वारा 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को टीकाकरण हेतु मुफ्त टीका राज्यों को दिया जा रहा है। अब प्रधानमंत्री द्वारा 18 वर्ष से अधिक एवं 45 वर्ष से कम आयुवर्ग के सभी लोगों के टीकाकरण हेतु राज्य सरकारों को मुफ्त टीका उपलब्ध कराने एवं पिछले साल की तरह प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को दीवाली तक बढा़कर सभी राशन कार्डधारियों को मुफ्त राशन देने का फैसला उपयोगी एवं सराहनीय है। इसके लिए  प्रधानमंत्री को धन्यवाद। यह कोरोना से जंग जीतने में मददगार होगा।”

राज्यों की मांग पर दिये गये थे वैक्सीन खरीदने के अधिकार

मुफ्त वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध करवाने से बिहार जैसे राज्यों को फायदा तो होगा हीं, साथ में वैक्सीनेशन के लिए जरूरी अन्य संसाधनों को जुटाने पर राज्य ज्यादा केंद्रित हो पायेगा। वैक्सीन खरीदने का दारोमदार पहले राज्यों को भी क्यों दी गयी थी? इस पर प्रधानमंत्री मोदी ( PM Modi ) ने अपने संबोधन में कहा कि राज्यों की मांग पर ही उन्हें कोरोना नियंत्रण और वैक्सीनेशन के अधिकार दिए गए थे लेकिन अच्छी बात ये रही कि कई राज्यों ने केंद्र के फैसले पर फिर से विचार की मांग की।  मोदी ने कहा कि राज्यों की इस मांग पर हमने भी सोचा कि देशवासियों को तकलीफ न हो।  सही तरीके से उनका वैक्सीनेशन हो।  इसके लिए 16 जनवरी से अप्रैल अंत वाली व्यवस्था को फिर लागू किया जा रही है। पीएम मोदी ने कहा कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन का सिर्फ 25 प्रतिशत काम था। अब उसकी भी जिम्मेवारी भारत सरकार उठाएगी। अगले दो सप्ताह में  ये व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। तब तक सबों के वैक्सीनेशन के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर जरूरी तैयारी कर लेगी।

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Bihar Lock down : कोरोना महामारी के दौरान 5 मई से लगा लॉकडाउन अभी खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।  हालांकि राज्य में कोरोना की रफ्तार में लगातार कमी आ रही है।  अब प्रतिदिन एक हजार के आस पास हीं  नये संक्रमित मिल रहे हैं।  रविवार की बात की जाये तो मात्र 920 नये संक्रमित मिले हैं।  अधिकतर जिलों में 50 से कम नये संक्रमितों का आंकड़ा दर्ज किया जा रहा है। एक्टिव केस भी दस हजार से कम हो चुका है।

8 जून को खत्म हो रहा लॉकडाउन 4 की सीमा

कोरोना के घटते आंकड़े हम सभी को सुकून देने वाला जरूर है। लेकिन बिहार में लॉकडाउन  (Bihar Lock down ) पूरी तरह से खत्म होने की यदि आशा कर रहे हैं तो थोड़ा और इंतजार करना पड सकता है।  बताते  चलें कि  बिहार में लॉकडाउन 4 ( Bihar Lock down)  की समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो रही है। लेकिन  इसे फिर से एक सप्ताह के लिए बढ़ाये जाने की संभावना है। हालांकि इस बार भी छूट का दायरा  बढ़ सकता है। दुकानें अब ज्यादा देर तक खुल सकती हैं।  निजी कार्यालय भी कुछ पाबंदियों के साथ खोले जाने की इजाजत मिल सकती हैं।   सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में होने वाली आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में इससे संबंधित अंतिम निर्णय लिया जायेगा। इससे पहले मुख्य सचिव, गृह विभाग के अवर मुख्य सचिव समेत अन्य आला अधिकारियों के स्तर पर इसे लेकर आंतरिक रूप से मंथन किया गया, जिसमें लॉकडाउन की मौजूदा स्थिति को लेकर समीक्षा की गयी। संभावना है कि इस बार भी लॉकडाउन पूरी तरह से नहीं हटाया जायेगा।

क्या-क्या है संभावित छूट की संभावना ?

बिहार में लॉक डाउन ( Bihar Lock down ) 5 की समय सीमा क्या होगी  यह तो  आपदा समूह के साथ मुख्यमंत्री की बैठक के बाद हीं स्पष्ट हो पायेगा। लेकिन संभावना जताई जा रही है कि इसमें प्रमुख रूप से तीन-चार और छूट दी जा सकती है। इसमें दुकानों को खोलने के लिए समय सीमा बढ़ा कर शाम छह या आठ बजे तक किया जा सकता है। इसके अलावा एक बार फिर से नाइट कर्फ्यू लगाने का प्रावधान किया जा सकता है । वहीं सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की सीमा बढ़ायी जा सकती है। इसके अलावा  प्राइवेट कार्यालयों को 25 फीसदी उपस्थिति के साथ खोलने का आदेश जारी किया जा सकता है। हालांकि, पार्क, जिम, सिनेमा हॉल आदि खोलने पर अभी विचार होने की गुंजाइश कम रहेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए सीएम नीतीश कुमार ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से कोरोना की स्थिति को लेकर फीडबैक लिया है। डीएम की रिपोर्ट के आधार पर ही अनलॉक करने की रणनीति बनायी जायेगी।